Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में पहले ही दिन हंगामे की गूंज, डिंपल यादव की हिरासत से बढ़ा राजनीतिक पारा
Parliament Monsoon Session: संसद मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार, डिंपल यादव हिरासत में
Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र का आगाज हंगामेदार रहा। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राजधानी दिल्ली में एक तरफ जहां सड़क पर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया, वहीं दूसरी ओर संसद भवन के गलियारों में विपक्षी एकता की नई तस्वीर उभरी। इस सियासी घटनाक्रम के बीच अखिलेश यादव की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
Parliament Monsoon Session:सड़क से संसद तक उबाल
संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने के साथ ही विपक्ष आक्रामक मुद्रा में दिखाई दिया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से चर्चित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता सड़क पर उतरे। इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के सांसदों का एक समूह भी शामिल था, जिन्होंने हाथ में बैनर लेकर संसद भवन से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने डिंपल यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
यह घटनाक्रम महज एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। विपक्ष ने इस मौके का इस्तेमाल नीट पेपर लीक और राम मंदिर परिसर में चंदा चोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए किया। समाजवादी पार्टी के इस कदम से साफ है कि INDIA गठबंधन इस सत्र में सरकार को किसी भी सूरत में चैन से बैठने नहीं देने वाला है।
अखिलेश-राहुल और प्रियंका की ‘गुप्त’ मंत्रणा
संसद भवन के भीतर अखिलेश यादव की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से हुई मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। विपक्षी खेमे में कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी दूसरी सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए संसद के अंदर उनकी रणनीति का असर व्यापक होता है।
इस बैठक में प्रियंका गांधी की उपस्थिति ने अटकलों को और बल दिया है। जानकारों का कहना है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच तालमेल की नींव अभी से तैयार की जा रही है। एनडीटीवी से बातचीत में अखिलेश यादव ने इन कयासों पर ज्यादा कुछ तो नहीं कहा, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि “इंडिया गठबंधन यूपी में पहले से ही मजबूत है और विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा जाएगा।”
Parliament Monsoon Session, विपक्षी एकता: अग्नि परीक्षा की तैयारी
मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर दोनों सदनों में ‘काम रोको प्रस्ताव’ तक पेश कर दिया है। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति स्पष्ट है। हालांकि, संसदीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि कार्य मंत्रणा समिति में कोई बीच का रास्ता निकलता है, तो सदन का कामकाज सुचारू रूप से चल सकता है।
लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है। विपक्षी एकता की असल परीक्षा उस दिन होगी, जिस दिन सरकार संसद में ‘परिसीमन बिल’ पेश करने की कोशिश करेगी। हालांकि सरकार ने अभी तक अपने आधिकारिक एजेंडे में इसका जिक्र नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज है।
Parliament Monsoon Session: क्या है विपक्ष की अगली रणनीति?
विपक्ष इस बार पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है। नीट पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरे रखने के साथ ही वे राम मंदिर में चंदे से जुड़े आरोपों पर भी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का स्पष्ट संदेश है कि यदि सरकार इन मुद्दों पर बहस के लिए तैयार नहीं होती है, तो संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
फिलहाल, मानसून सत्र की शुरुआत ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिन बेहद गहमागहमी भरे रहने वाले हैं। एक तरफ सड़क पर जनता के मुद्दों को लेकर पुलिस की कार्रवाई का सिलसिला चल रहा है, तो दूसरी तरफ संसद में विपक्षी सांसदों का दबाव सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहा है। देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार विपक्ष के सवालों का सामना करेगी या संसद एक बार फिर हंगामे के शोर में डूब जाएगी।
Read More Here:-
- Agriculture Gold Loan: खेती के खर्चों के लिए सबसे सस्ता और आसान है यह लोन, घर बैठे ऐसे करें अप्लाई
- Secret Numbers for Success: नेम और फेम के लिए कौन सा नंबर है सबसे ज्यादा पावरफुल? जानिए न्यूमरोलॉजी का पूरा गणित
- Vastu Tips: वर्क फ्रॉम होम में नहीं मिल रही तरक्की? वास्तु के इन अचूक उपायों से चमकाएं अपना करियर और बढ़ाएं इनकम
- Mosquito Repellent Plants: मच्छरों ने काट-काट कर किया बुरा हाल? घर में लगाएं ये 3 पौधे, आस-पास भी नहीं भटकेंगे मच्छर