Odisha Flood: सीएम मोहन चरण मांझी ने 6 जिलों के लिए 1000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का किया ऐलान, 9.40 लाख लोग प्रभावित
बालासोर समेत 6 जिले बाढ़ से प्रभावित, 9.40 लाख लोगों के लिए राहत पैकेज घोषित
Odisha Flood 2026: ओडिशा में भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण आई बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने मंगलवार को बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित छह जिलों—बालाशोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, केंदूझर और केंद्रापाड़ा के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इस बाढ़ से छह जिलों के करीब 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने यह राशि प्रारंभिक आकलन के आधार पर जारी की है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद अतिरिक्त सहायता देने का भरोसा दिया है।
Odisha Flood 2026: बाढ़ की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण
उत्तरी ओडिशा में पिछले कुछ दिनों में हुई अतिवृष्टि के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छह प्रभावित जिलों के 74 ब्लॉक और लगभग 1,381 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से जाजपुर और भद्रक जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां क्रमशः 2.8 लाख और 2.59 लाख लोग संकट का सामना कर रहे हैं।
राज्य में जून माह से अब तक औसतन 1,100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। इसे पिछले 25 वर्षों में हुई सबसे अधिक वर्षा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि आगामी दिनों में और अधिक वर्षा नहीं होती है, तो नदियों के जलस्तर में गिरावट आने के साथ स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
बचाव अभियान और राहत शिविरों का संचालन
बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अब तक 3.70 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावितों के रहने और खाने-पीने के लिए 550 से अधिक राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां कम्युनिटी किचन के जरिए पके हुए भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
राहत और बचाव कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और अग्निशमन सेवा की टीमों को तैनात किया गया है। वर्तमान में 45 ओडराफ टीमें, 8 एनडीआरएफ टीमें और 65 फायर सर्विस टीमें प्रभावित जिलों में मुस्तैद हैं। इसके अलावा, बाढ़ के पानी के बीच सांप के काटने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राहत शिविरों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम इंजेक्शन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
किसानों के लिए कृषि सहायता और सब्सिडी का प्रावधान
1000 करोड़ रुपये के इस राहत पैकेज में एक बड़ा हिस्सा किसानों और कृषि क्षेत्र को उबारने के लिए निर्धारित किया गया है। जिन छोटे और सीमांत किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत या उससे अधिक का नुकसान हुआ है, उन्हें वित्तीय सहायता दी जाएगी।
गैर-सिंचित कृषि भूमि के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्रों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से इनपुट सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर तक की जोत पर लागू होगी। किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए direct benefit transfer (DBT) के माध्यम से वित्तीय मदद दी जाएगी और मुफ्त बीज व सब्जी किट वितरित किए जाएंगे। साथ ही क्षतिग्रस्त लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत और फसल ऋण के पुनर्गठन की सुविधा भी दी जाएगी।
मछुआरों, कारीगरों और अन्य प्रभावितों के लिए पुनर्वास उपाय
बाढ़ के कारण अपनी आजीविका गंवाने वाले मछुआरों, कारीगरों और बुनकरों के लिए भी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। क्षतिग्रस्त नावों, जाल और मत्स्य पालन वाले तालाबों की मरम्मत के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी।
वहीं, बाढ़ से प्रभावित कारीगरों और बुनकरों को नए उपकरण व औजार खरीदने के लिए 5,000 रुपये तथा कच्चे माल या तैयार माल के नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त 5,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के घर का सामान, बर्तन और कपड़े बाढ़ के पानी में बह गए हैं, उन्हें तत्काल घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी के लिए वित्तीय सहायता हस्तांतरित की जाएगी।
Odisha Flood 2026: मुख्यमंत्री का जमीनी दौरा और प्रशासनिक दिशानिर्देश
मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने स्वयं जाजपुर और भद्रक के जलमग्न गांवों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मोटरबोट के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत शिविरों में जाकर बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि राहत सामग्री का वितरण पारदर्शी और त्वरित होना चाहिए ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे। राज्य सरकार इससे पहले भी दो किस्तों में 136 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी कर चुकी है। विस्तृत क्षति मूल्यांकन रिपोर्ट (Detailed Loss Assessment Report) तैयार होने के बाद सरकार की ओर से अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जाएगी।
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