Petrol-Diesel Prices August 18 2026: दिल्ली से मुंबई तक ईंधन के दाम स्थिर, कच्चा तेल 91 डॉलर के पार

दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम आज भी स्थिर बने हुए हैं

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Petrol-Diesel Prices August 18 2026: 18 अगस्त 2026 को मंगलवार के दिन भारतीय ईंधन बाजार में स्थिरता का माहौल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार आ रहे उछाल और वैश्विक मोर्चे पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। भारत की सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने रोजमर्रा की भांति सुबह 6 बजे देश भर के विभिन्न शहरों के लिए ईंधन के नए रेट जारी कर दिए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के सभी छोटे-बड़े शहरों में ईंधन के दाम अपरिवर्तित बने हुए हैं। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगातार ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में खुदरा कीमतों का स्थिर रहना आम जनता और वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का उच्च स्तर पर होना सीधे तौर पर वैश्विक सप्लाई चेन और भू-राजनीतिक समीकरणों से जुड़ा हुआ है। मध्य पूर्व में बने तनाव और प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती के फैसलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दे रही हैं। ईंधन दरों में यह स्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि ईंधन के दाम बढ़ने का सीधा असर माल ढुलाई और खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर पड़ता है। भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियों का मुख्य प्रयास यही है कि वैश्विक दबाव के बाद भी आम नागरिकों के बजट को नियंत्रित रखा जा सके।

Petrol-Diesel Prices August 18 2026: ईंधन दरों के निर्धारण की प्रक्रिया और दैनिक समीक्षा का नियम

भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों का निर्धारण डायनामिक फ्यूल प्राइजिंग मैकेनिज्म के तहत किया जाता है। इस व्यवस्था के अनुसार, हर दिन सुबह 6 बजे देश भर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू होती हैं। यह प्रणाली 2017 से लागू है और इसके तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के पिछले 15 दिनों के औसत भाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर को आधार माना जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो रिफाइनिंग लागत बढ़ जाती है। इसके विपरीत, क्रूड के सस्ता होने पर तेल कंपनियों को राहत मिलती है।

हालांकि, केवल अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमत ही अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचने वाले रेट को तय नहीं करती। रिफाइनरी से निकलने के बाद पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में मूल्य वर्धित कर यानी वैट (VAT) और स्थानीय उपकर वसूलती हैं। इसके अलावा, तेल कंपनियों का मार्जिन और पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन भी ईंधन के अंतिम खुदरा मूल्य में जोड़ा जाता है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में एक ही दिन पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों में आज के खुदरा भाव

देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि डीजल का भाव 75.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य शहरों की तुलना में वैट की दरें अपेक्षाकृत कम होने के कारण ईंधन के दाम काफी हद तक नियंत्रित रहते हैं। यदि दिल्ली के प्रीमियम फ्यूल की बात करें तो एक्सपी 95 (XP95) जैसे उच्च ऑक्टेन वाले पेट्रोल का भाव 109.24 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। प्रीमियम ईंधन का उपयोग उच्च क्षमता वाले लग्जरी वाहनों में बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और माइलेज के लिए किया जाता है।

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों में भी दरों में स्थिरता देखी जा रही है। हरियाणा के औद्योगिक केंद्र गुरुग्राम में आज पेट्रोल 102.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 75.64 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में पेट्रोल का भाव 101.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 75.44 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है। गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में भी कीमतें इसी के आसपास बनी हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में निजी वाहन और व्यावसायिक गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं, ऐसे में स्थिर दरें दैनिक यात्रियों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए काफी अनुकूल साबित हो रही हैं।

मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य जिलों में ईंधन की स्थिति

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें देश के अन्य महानगरों की तुलना में काफी अधिक बनी हुई हैं। आज मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। मुंबई में ईंधन की दरें ऊंची रहने की मुख्य वजह महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उच्च स्तरीय वैट और स्थानीय परिवहन लागत है। हालांकि, कीमतों में कोई नया इजाफा न होने से आम वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।

महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक शहरों में भी स्थिति लगभग एक जैसी है। राज्य के प्रमुख आईटी और शैक्षणिक केंद्र पुणे में आज पेट्रोल 111.78 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.44 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है। नागपुर, नासिक और कोल्हापुर जैसे जिलों में भी पेट्रोल की दरें 111 से 112 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बनी हुई हैं। महाराष्ट्र में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन के किराए पर डीजल के दामों का सीधा असर पड़ता है। कंपनियों द्वारा दरों में ठहराव बनाए रखने से फिलहाल माल ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी की आशंका टल गई है।

कोलकाता, चेन्नई और दक्षिण भारत के महानगरों में दरें

पूर्वी भारत के सबसे बड़े महानगर कोलकाता में आज पेट्रोल का भाव 113.51 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है, जबकि डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल में वैट का ढांचा ऊंचा होने के कारण कोलकाता में भी पेट्रोल का आंकड़ा 110 रुपये के पार बना हुआ है। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में तमिलनाडु सरकार द्वारा दी गई कर छूट और स्थानीय कर संरचना के कारण पेट्रोल 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

दक्षिण भारत के अन्य तकनीकी और व्यापारिक hubs की बात करें तो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आज पेट्रोल 111.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल की दरें देश के सबसे ऊंचे स्तरों में शुमार हैं, जहां आज एक लीटर पेट्रोल के लिए 115.69 रुपये और डीजल के लिए 103.82 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 104.40 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर बना हुआ है। दक्षिणी राज्यों में स्थानीय करों और परिवहन शुल्क के कारण ईंधन हमेशा उत्तर भारत के मुकाबले महंगा रहता है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के राज्यों का ताजा हाल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल का भाव 101.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 75.36 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है। कानपुर, वाराणसी, मेरठ और आगरा जैसे प्रमुख जिलों में भी दरें 101 से 102 रुपये के दायरे में बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में डीजल की दरें काफी कम हैं, जिससे कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसानों के लिए डीजल की स्थिर कीमतें राहत का कारण बनी हुई हैं।

बिहार की राजधानी पटना में आज पेट्रोल 113.37 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। बिहार एक लैंडलॉक्ड राज्य है, जहां तेल डिपो तक ईंधन पहुंचाने की परिवहन लागत अधिक आती है, जिसके कारण यहां भी दरें 113 रुपये के पार बनी हुई हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज पेट्रोल 113.19 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज पेट्रोल 115.39 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.46 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में उच्च वैट दरों के कारण ईंधन हमेशा महंगा रहता है।

अहमदाबाद, चंडीगढ़ और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों का गणित

गुजरात के प्रमुख व्यापारिक शहर अहमदाबाद में आज पेट्रोल 101.81 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.92 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है। गुजरात में बुनियादी ढांचे और पोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर होने की वजह से लॉजिस्टिक्स लागत कम आती है, जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलता है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आज पेट्रोल 108.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.68 रुपये प्रति लीटर पर कारोबार कर रहा है।

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में देश का सबसे सस्ता डीजल उपलब्ध है। चंडीगढ़ में आज पेट्रोल 101.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल मात्र 89.47 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के मुकाबले चंडीगढ़ में कर की दरें कम रखी गई हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोग भी यहां से ईंधन भरवाना पसंद करते हैं। वहीं, गोवा और दमन-दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी कम करों के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें राष्ट्रीय औसत से नीचे बनी हुई हैं।

कच्चे तेल का वैश्विक परिदृश्य और भारत पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड का 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चले जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय हो सकता है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ते हैं, तो देश का आयात बिल बढ़ जाता है और चालू खाते का घाटा (CAD) चौड़ा होने का जोखिम बढ़ जाता है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आने वाली गिरावट भी आयात को और महंगा बना देती है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहीं, तो भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर मार्जिन दबाव काफी बढ़ जाएगा। लंबे समय तक घाटे में काम करना तेल कंपनियों के लिए संभव नहीं होता, जिसके चलते आने वाले हफ्तों या महीनों में खुदरा दरों में संशोधन किया जा सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार के पास एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने का विकल्प भी मौजूद रहता है, जिससे वह आम जनता को महंगाई के झटके से बचा सकती है।

राज्यवार कर विषमता और जीएसटी के दायरे में लाने की मांग

भारत में पेट्रोल और डीजल को अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल नहीं किया गया है। यही कारण है कि राज्यों के बीच ईंधन दरों में भारी विषमता देखने को मिलती है। एक तरफ जहां पोर्ट ब्लेयर या अंडमान-निकोबार में पेट्रोल 84-85 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिकता है, वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में यह 115 रुपये प्रति लीटर से भी ऊपर पहुंच जाता है। राज्य सरकारें अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा वैट के जरिए हासिल करती हैं, इसलिए वे इसे जीएसटी में शामिल करने से कतराती हैं।

उद्योग संगठनों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों की तरफ से लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि पूरे देश में ‘एक देश, एक दर’ लागू करने के लिए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाए। यदि ईंधन को 28 प्रतिशत के उच्चतम जीएसटी स्लैब में भी रखा जाता है और राज्यों को अतिरिक्त उपकर की अनुमति दी जाती है, तब भी देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी गिरावट आ सकती है। इससे न केवल माल ढुलाई सस्ती होगी, बल्कि देश में लॉजिस्टिक्स लागत घटने से भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

Petrol-Diesel Prices August 18 2026: उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश

वर्तमान समय में ईंधन की कीमतें भले ही स्थिर हों, लेकिन भविष्य के अनिश्चित परिदृश्य को देखते हुए वाहन मालिकों को ईंधन की बचत के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि सही ड्राइविंग आदतों को अपनाकर 15 से 20 प्रतिशत तक ईंधन की बचत की जा सकती है। वाहनों के टायर में सही हवा का दबाव बनाए रखना, समय पर इंजन ऑयल बदलना और अनचाहे ट्रैफिक में गाड़ी को न्यूट्रल या बंद कर देना माइलेज को काफी हद तक बढ़ा देता है।

इसके अतिरिक्त, शहरों में दैनिक आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, सीएनजी बसें या इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का उपयोग बढ़ाना व्यक्तिगत बजट के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल दौर में वाहन चालक अपने स्मार्टफोन के जरिए विभिन्न फ्यूल ऐप्स का इस्तेमाल कर अपने आसपास के सबसे सस्ते पेट्रोल पंपों और कैशबैक ऑफर्स की जानकारी भी ले सकते हैं। लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अलग-अलग राज्यों की ईंधन दरों की जांच कर लेना भी जेब के लिए एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

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