Monsoon Spice Storage Tips: बारिश के मौसम में मसालों में लग गई है नमी? ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल और बचाव

Monsoon Spice Storage Tips: बारिश के मौसम में मसालों में लग गई है नमी? ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल और बचाव

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Monsoon Spice Storage Tips: मानसून के इस सुहाने मौसम में गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन हवा में लगातार बढ़ती हुई नमी हमारी रसोई के राशन पर बुरा असर डालने लगती है। इस मौसम में सबसे ज्यादा नुकसान मसालों को उठाना पड़ता है, क्योंकि वे बहुत जल्दी हवा से नमी सोख लेते हैं। हल्दी, मिर्च, धनिया और जीरा जैसे प्रमुख मसाले इस नमी के कारण आपस में चिपकने लगते हैं, जिससे उनमें गांठें पड़ जाती हैं। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि मसालों की प्राकृतिक खुशबू गायब हो जाती है और उनमें फफूंद तक लग जाती है। ऐसी स्थिति देखकर ज्यादातर लोग पूरा मसाला उठाकर फेंक देते हैं, जिससे पैसों और सामान दोनों की बर्बादी होती है। हालांकि, थोड़ी सी सूझबूझ और सही जानकारी अपनाकर आप खराब हो रहे इन मसालों को फिर से उपयोग लायक बना सकती हैं।

Monsoon Spice Storage Tips: मानसून के मौसम में क्यों खराब होने लगते हैं रसोई के मसाले

बरसात के दिनों में वातावरण में आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, जो हर खुली हुई चीज को प्रभावित करता है। रसोई में खाना बनाते समय उठने वाली भाप और नमी सीधे तौर पर डिब्बों में रखे मसालों तक पहुंच जाती है। जब ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता है, तो ये नमी मसालों के अंदर प्रवेश कर जाती है और उनकी गुणवत्ता को प्रभावित करती है। इस नमी के कारण मसालों में छोटी-छोटी सख्त गुठलियां बनने लगती हैं, जो बाद में इस्तेमाल करने में बेहद मुश्किल पैदा करती हैं। हल्दी और लाल मिर्च पाउडर में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है, जिससे उनका स्वाद और रंग दोनों फीके पड़ जाते हैं। इन घरेलू परेशानियों से निपटने के लिए समय रहते कुछ जरूरी कदम उठाना बहुत आवश्यक हो जाता है।

धूप या हल्की आंच की मदद से मसालों से हटाएं नमी

यदि आपके मसालों में सिर्फ हल्की नमी आई है और उनमें किसी प्रकार की फफूंद नहीं लगी है, तो उन्हें आसानी से ठीक किया जा सकता है। सबसे पुराना और असरदार तरीका यह है कि आप मसालों को किसी साफ और सूखी थाली या अखबार पर फैलाकर दो से तीन घंटे धूप में रख दें। धूप की प्राकृतिक गर्मी से मसालों की सारी नमी उड़ जाती है और वे पहले की तरह सूखे व खुशबूदार हो जाते हैं। हालांकि, मानसून के इस मौसम में कई बार आसमान में बादल छाए रहते हैं और धूप निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में आप मसालों को एक साफ बर्तन में डालकर धीमी आंच पर हल्का सा भून सकती हैं। भूनते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आंच बिल्कुल तेज न हो, वरना मसाले जल सकते हैं और उनका स्वाद कड़वा हो जाएगा।

मिक्सी और छलनी का इस्तेमाल कर ऐसे करें मसालों को ठीक

कई बार नमी इतनी अधिक होती है कि मसाले आपस में मिलकर काफी सख्त हो जाते हैं और उनमें बड़ी गांठें बन जाती हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सबसे पहले मसालों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें या फिर धीमी आंच पर हल्का सेंक लें। इसके बाद उन मसालों को मिक्सी के जार में डालकर अच्छी तरह बारीक पीस लें ताकि उनकी सारी गुठलियां टूट जाएं। पीसने के बाद उस पाउडर को किसी बारीक छलनी से छान लें ताकि कोई भी बड़ा टुकड़ा या गांठ पीछे न छूट जाए। छानने के बाद आपको बिल्कुल एकसार और साफ मसाला मिल जाता है, जिसे आप दोबारा अपने खाने में इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया को अपनाने से पहले यह अच्छी तरह जांच लें कि मसाले में किसी प्रकार की फफूंद या अजीब बदबू तो नहीं आ रही है।

कब समझदारी इसी में है कि खराब मसालों को फेंक दिया जाए

यह जानना बेहद जरूरी है कि हर खराब होने वाली चीज को बचाया नहीं जा सकता है, खासकर तब जब मामला सेहत से जुड़ा हो। यदि मसालों में नमी बहुत ज्यादा लंबे समय तक बनी रही है और उनमें फफूंद लग चुकी है, तो उन्हें इस्तेमाल करने की गलती बिल्कुल न करें। फफूंद लगे हुए मसालों का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जो पेट और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा अगर मसालों से किसी भी तरह की सड़ी हुई या अजीब बदबू आ रही है, तो उन्हें तुरंत डस्टबिन में डाल देना ही एकमात्र समझदारी भरा फैसला होता है। थोड़ी सी बचत के चक्कर में अपनी और अपने पूरे परिवार की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता करना भारी पड़ सकता है।

Monsoon Spice Storage Tips: सही तरीके से मसालों का भंडारण कर नमी से दोबारा बचाएं

मसालों को सुखाकर दोबारा इस्तेमाल करने के बाद यह सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण होता है कि उनमें फिर से नमी न पहुंचे। इसके लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट डिब्बों या फिर कांच के मर्तबानों का ही उपयोग किया जाना चाहिए। डिब्बे का ढक्कन पूरी तरह कसा हुआ होना चाहिए ताकि बाहर की हवा और नमी अंदर प्रवेश न कर सके। इसके अलावा डिब्बों को रसोई में रखने की जगह का चुनाव भी बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। मसालों के डिब्बों को कभी भी गैस चूल्हे या पानी के सिंक के ठीक पास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि वहां नमी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इन्हें हमेशा किसी सूखी, ठंडी और सुरक्षित जगह पर ही रखना उचित माना जाता है।
बरसात के इन दिनों में रसोई के छोटे-छोटे रखरखाव और थोड़ी सी सावधानी से हम अपने जरूरी सामान को खराब होने से बचा सकते हैं। नमी के कारण खराब हुए मसालों को फेंकने के बजाय उन्हें धूप दिखाना या धीमी आंच पर भूनना एक बेहद किफायती और उपयोगी तरीका है। सही भंडारण तकनीकों को अपनाकर हम न केवल अपने मसालों की उम्र बढ़ा सकते हैं, बल्कि खाने के स्वाद और अपनी सेहत को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

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