Asian Games 2026 Day 8: भारत ने जीते 7 मेडल, स्क्वैश में दो सिल्वर; एथलेटिक्स में एंसी-सरवेश चमके
एथलेटिक्स में 5 और स्क्वैश में 2 रजत पदक, बॉक्सिंग में तीन भारतीयों ने पदक पक्के किए
Asian Games 2026 Day 8: जापान के आइची-नागोया में जारी 20वें एशियाई खेल 2026 के आठवें दिन (27 सितंबर) भारतीय दल ने ट्रैक एंड फील्ड और स्क्वैश कोर्ट पर असाधारण जुझारूपन दिखाते हुए 7 नए पदकों के साथ देश का गौरव बढ़ाया। एथलेटिक्स के विभिन्न मुकाबलों में भारतीय एथलीटों ने 2 रजत और 3 कांस्य समेत कुल 5 पदक बटोरे, वहीं स्क्वैश सिंगल्स स्पर्धाओं में भारत के दो युवा सितारों ने ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किए। इसके अतिरिक्त मुक्केबाजी रिंग में तीन भारतीय मुक्केबाजों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर देश के लिए कम से कम तीन और कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिए हैं।
दिन की समाप्ति के उपरांत पदक तालिका में भारत की कुल पदकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जिसमें 4 स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक सम्मिलित हैं। यद्यपि एथलेटिक्स, स्क्वैश और बॉक्सिंग के दम पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया, किंतु बैडमिंटन कोर्ट से भारतीय प्रशंसकों को गहरा झटका लगा। स्टार शटलर पीवी सिंधु सहित भारत के सभी क्वार्टर फाइनलिस्ट अपने-अपने मुकाबले गंवा बैठे, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2014 के बाद पहली बार एशियाई खेलों में भारत को किसी भी व्यक्तिगत बैडमिंटन स्पर्धा में बिना पदक के संतोष करना पड़ा।
Asian Games 2026 Day 8: एथलेटिक्स में पदकों की झड़ी
एथलेटिक्स ट्रैक पर रविवार की शाम भारत के नाम रही। महिलाओं की लंबी कूद (Long Jump) स्पर्धा में एंसी सोजन ने 6.53 मीटर की शानदार छलांग लगाते हुए देश के लिए रजत पदक जीता। वे स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट से मात्र दो सेंटीमीटर के बेहद करीबी अंतर से पीछे रह गईं। इसी स्पर्धा में भारत की एक अन्य प्रतिभावान एथलीट शाइली सिंह ने 6.42 मीटर का प्रयास किया, किंतु वे मामूली अंतर से पोडियम से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहीं।
पुरुषों की ऊंची कूद (High Jump) स्पर्धा में सरवेश कुशारे ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ संयम दिखाते हुए 2.25 मीटर का बार पार किया और भारत की झोली में एक और चमकता हुआ रजत पदक डाल दिया। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में पारुल चौधरी ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 9 मिनट 08.67 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। पारुल का यह प्रदर्शन एक नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बन गया है, जिसके साथ वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 9 मिनट के ऐतिहासिक बैरियर के सर्वाधिक करीब पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला धाविका बन गई हैं।
ट्रैक एंड फील्ड की सबसे दुष्कर मानी जाने वाली दो दिवसीय 10 स्पर्धाओं की प्रतियोगिता ‘डेकाथलॉन’ में तेजस्विन शंकर ने 7,934 अंकों के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं महिलाओं की 200 मीटर फर्राटा दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड की टाइमिंग दर्ज कर शानदार कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस प्रकार अकेले एथलेटिक्स विधा से 8वें दिन भारत के खाते में पांच बहुमूल्य पदक जुड़े।
स्क्वैश में अभय-अनाहत का ऐतिहासिक प्रदर्शन: फाइनल में पहुंचे दोनों भारतीय
स्क्वैश कोर्ट से भारत के लिए दो ऐतिहासिक रजत पदकों की सुखद खबर आई। यद्यपि दोनों खिलाड़ी स्वर्ण पदक के अंतिम मुकाबले में बाजी नहीं मार सके, किंतु उनके खेल ने भारतीय स्क्वैश के भविष्य को स्वर्णिम दिशा दी। पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में भारत के अभय सिंह का सामना मलेशिया के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एनजी ईन यो से हुआ। कड़े संघर्ष के बावजूद अभय को 9-11, 5-11, 5-11 से पराजय झेलनी पड़ी और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
महिला एकल स्पर्धा में भारत की सनसनीखेज युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने नया इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में दो मैच प्वाइंट बचाते हुए जापानी खिलाड़ी को पराजित कर फाइनल में पहुंचीं अनाहत, एशियाई खेलों के स्क्वैश एकल फाइनल में प्रवेश करने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। फाइनल में उनका मुकाबला मौजूदा एशियाई चैंपियन मलेशिया की सिवासंगरी सुब्रमण्यम से हुआ, जहां अनाहत को 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के कारण वे 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का सीधा कोटा हासिल करने से चूक गईं, किंतु उनके इस रजत पदक ने उन्हें भारतीय खेल इतिहास के चुनिंदा दिग्गजों की कतार में ला खड़ा किया है।
बॉक्सिंग रिंग में दबदबा: अंकुश, परवीन और नरेंद्र ने पक्के किए तीन मेडल
मुक्केबाजी के अखाड़े में भारतीय मुक्केबाजों ने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए तीन पदक सुरक्षित कर लिए हैं। पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अंकुश ने तकनीकी श्रेष्ठता का परिचय देते हुए ताजिकिस्तान के नेक्रुज सलीमोव को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से धूल चटाई और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन ने उज्बेकिस्तान की मजबूत मुक्केबाज नवबखोर खामिदोवा को अपने सटीक काउंटर पंचों और लंबी पहुंच के दम पर 5-0 से एकतरफा शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। पुरुषों के 90+ किलोग्राम सुपर हैवीवेट वर्ग में नरेंद्र ने थाईलैंड के अदथापोंग सेंगतेप को रिंग में टिकने का मौका नहीं दिया और मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके साथ ही इन तीनों मुक्केबाजों ने भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्के कर लिए हैं, जो सेमीफाइनल जीतकर स्वर्ण के दावेदार बनेंगे। हालांकि, 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच जापानी प्रतिद्वंद्वी से 0-5 से हारकर बाहर हो गए।
बैडमिंटन में गहरा झटका: व्यक्तिगत पदकों की उम्मीदें ध्वस्त, शेड्यूल पर उठे सवाल
बैडमिंटन कोर्ट से भारत के लिए आठवां दिन अत्यंत निराशाजनक सिद्ध हुआ। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु, युवा शटलर उन्नति हुड्डा, महिला युगल जोड़ी ट्रीसा जॉली व गायत्री गोपीचंद तथा मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला व तनिषा क्रास्टो सभी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले हारकर बाहर हो गए। सिंधु को चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन यूफेई के विरुद्ध तीन गेमों तक चले मैराथन मुकाबले में हार मिली, जबकि उन्नति को जापान की अकाने यामागुची ने सीधे गेमों में पराजित किया।
इस पराजय के साथ 2014 के बाद पहली बार एशियाई खेलों में भारत की व्यक्तिगत बैडमिंटन झोली पूरी तरह खाली रह गई, यद्यपि भारतीय पुरुष टीम ने इससे पूर्व ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मुकाबलों के बाद आयोजकों के अत्यधिक व्यस्त और थकाऊ शेड्यूल पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। पीवी सिंधु ने मीडिया के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें 24 घंटे की संकीर्ण समय-सीमा के भीतर तीन कड़े एकल मुकाबले खेलने पड़े, जिसमें आधी रात को 12:07 बजे समाप्त हुआ मैच भी शामिल था, जिसके चलते उन्हें क्वार्टर फाइनल से पूर्व रिकवरी का आवश्यक समय तक नहीं मिल सका।
Asian Games 2026 Day 8: पदकों की उम्मीदें अभी बाकी
निशानेबाजी रेंज पर 27 सितंबर को क्वालिफिकेशन दौर के मैच संपन्न हुए। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर, ईशा सिंह और राही सरनोबत की भारतीय तिकड़ी ने टीम प्रिसीजन राउंड में 815 अंकों का स्कोर दर्ज किया। व्यक्तिगत स्टैंडिंग में ईशा छठे, राही 15वें और मनु 16वें स्थान पर रहीं, जिनका निर्णायक रैपिड राउंड अगले दिन खेला जाएगा। महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में अनुभवी नीरू क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर रहीं, जबकि पुरुषों के ट्रैप में कायनान चेनाई 11वें पायदान पर रहे।
अन्य खेलों की बात करें तो महिलाओं की 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर नौवें स्थान पर रहीं, जबकि फेंसिंग में महिला सेबर टीम उज्बेकिस्तान से क्वार्टर फाइनल हारकर बाहर हो गई। घुड़सवारी के व्यक्तिगत ड्रेसेज फाइनल में हृदय छेदा आठवें और जय सूद नौवें स्थान पर रहे। कुल मिलाकर, आठवें दिन का खेल भारतीय दल के बहुआयामी सामर्थ्य को दर्शाने वाला रहा, जहां एथलेटिक्स और स्क्वैश के पदकों ने देश के अभियान को आवश्यक मजबूती प्रदान की।
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