Indian Railways Train Diversion: दिल्ली-पटना-हावड़ा रूट पर बड़ा फेरबदल, रेलवे ने मोकामा रेल ब्रिज के काम के कारण 845 ट्रेनें की प्रभावित

Indian Railways Train Diversion: मोकामा ब्रिज कार्य से दिल्ली-पटना-हावड़ा की 845 ट्रेनें प्रभावित

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Indian Railways Train Diversion: भारतीय रेलवे ने बिहार में मोकामा के पास गंगा नदी पर बनाए जा रहे नए डबल-लाइन रेल ब्रिज के कमीशनिंग कार्य के चलते एक बड़ा कदम उठाया है। इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक देश के व्यस्ततम दिल्ली-पटना-हावड़ा रूट की कुल 845 ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने जा रही हैं। इस बड़े ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा कुल 338 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि 384 ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है।

इसके अलावा कुछ ट्रेनों को शॉर्ट-ओरिजिनेट और शॉर्ट-टर्मिनेट भी किया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मोकामा के पास ट्रेन संचालन को सुगम बनाना और लंबे समय से चली आ रही क्षमता की कमी को दूर करना है। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, यह चौदह दिनों का विशेष ब्लॉक पूर्वोत्तर भारत और देश की राजधानी के बीच रेल यातायात को नई गति देगा। यात्रियों को इस दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे ने पहले ही पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

Indian Railways Train Diversion: राजेंद्र सेतु की क्षमता बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक कदम

बिहार के मोकामा क्षेत्र में स्थित मौजूदा राजेंद्र सेतु साल 1959 में शुरू किया गया था और यह एक सिंगल-लाइन ब्रिज है। लगातार बढ़ते रेल यातायात के दबाव के कारण इस पुराने सिंगल-लाइन पुल पर क्षमता की भारी कमी महसूस की जा रही थी, जिससे अक्सर ट्रेनें लेट होती थीं। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए रेलवे ने नए डबल-लाइन रेल ब्रिज के निर्माण का बीड़ा उठाया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2015-16 के रेल बजट में लगभग 1491.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से मंजूरी प्रदान की गई थी। अब जबकि यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है, तो इसके कमीशनिंग कार्य के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया का पूरा किया जाना अनिवार्य हो गया है। इस नए पुल के शुरू होने के बाद दिल्ली-पटना-हावड़ा कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहद तेज और सुरक्षित हो जाएगी।

किन राज्यों के यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें

रेलवे द्वारा घोषित इस मेगा ब्लॉक का सीधा असर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। हावड़ा, पटना, कोलकाता और नई दिल्ली को जोड़ने वाले इस प्रमुख रेल मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को इस अवधि के दौरान भारी फेरबदल का सामना करना पड़ सकता है। कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस, अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस और गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख लंबी दूरी की गाड़ियां इस ब्लॉक से सीधे प्रभावित होंगी। सबसे ज्यादा व्यवधान 3 अक्टूबर को होने की संभावना जताई गई है, अकेले उस दिन लगभग 36 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द रखने का फैसला लिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित रूट के यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

नए नेटवर्क से जुड़ने वाले जंक्शन और तकनीकी कार्य

मोकामा के पास तैयार हो रहे इस नए डबल-लाइन रेल ब्रिज को मौजूदा रेलवे नेटवर्क के साथ जोड़ने का काम बेहद जटिल और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत नए पुल को अपर हाथीदाह जंक्शन, ताल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों के मौजूदा ट्रैक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए रेलवे के इंजीनियर दिन-रात काम कर रहे हैं। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान सिगरेट और इंटरलॉकिंग सिस्टम को नए ट्रैक के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा, ताकि भविष्य में ट्रेनों का संचालन बिना किसी तकनीकी बाधा के सुचारू रूप से चल सके। इस कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए ही रेलवे ने एक साथ इतने बड़े पैमाने पर ट्रेनों के संचालन को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

Indian Railways Train Diversion: यात्रियों के लिए रेलवे की अपील और भविष्य के लाभ

भारतीय रेलवे ने सभी रेल यात्रियों से अपील की है कि वे इस अस्थायी असुविधा को देश के दीर्घकालिक विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे के दृष्टिकोण से देखें। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी भारत में लाइन की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों के घंटों लेट होने की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी। सरकार और रेलवे प्रशासन का यह प्रयास भविष्य में यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रेलवे के आधिकारिक पोर्टल या पूछताछ केंद्र से जानकारी प्राप्त करके ही अपनी यात्रा की रूपरेखा तैयार करें, ताकि वे किसी भी अनपेक्षित देरी से बच सकें और अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंच सकें।

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