Shopian Security Operation: शोपियां में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर और 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड के साथ तीन संदिग्ध गिरफ्तार
शोपियां में बाइक सवार तीन संदिग्धों से 2 ग्रेनेड और हिजबुल के 5 पोस्टर बरामद
Shopian Security Operation: दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों के संयुक्त दल को आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। नियमित नाका चेकिंग और सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को धर दबोचा। तलाशी लिए जाने पर उनके कब्जे से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड और प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंधित पांच विवादित पोस्टर बरामद किए गए।
कश्मीरी पंडितों और अल्पसंख्यक समुदाय को हाल के दिनों में मिली धमकियों के बीच हुई इस गिरफ्तारी को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस्तेमाल में लाई गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है।
Shopian Security Operation: नाका चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवारों की घेराबंदी और घातक हथियारों की बरामदगी
पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार शोपियां पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर तीन युवक आते हुए दिखाई दिए। सुरक्षाबलों को देखते ही बाइक सवारों ने भागने और नाका तोड़ने का प्रयास किया, किंतु मुस्तैद जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया।
मोटरसाइकिल का पंजीकरण क्रमांक जेके18बी-6130 (JK18B-6130) दर्ज पाया गया है। जब तीनों युवकों की व्यक्तिगत तलाशी ली गई, तो उनके पास से दो अत्यधिक शक्तिशाली जिंदा हैंड ग्रेनेड और प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के पांच धमकी भरे पोस्टर बरामद हुए। प्राथमिक दृष्टिकोण से यह स्पष्ट होता है कि ये युवक इलाके में किसी संवेदनशील स्थान पर ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे अथवा पोस्टर चस्पा कर आम नागरिकों में दहशत का माहौल पैदा करने की फिराक में थे। पुलिस ने वाहन के मालिकाना हक और उसके पिछले इस्तेमाल की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान और आतंकी लिंक की गहन पड़ताल
पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान पड़ोसी कुलगाम जिले के निवासियों के रूप में की गई है। इनमें जुनैद अहमद डार (निवासी माथुलहामा, कुलगाम), अमीर यूसुफ (निवासी चुड्डर, कुलगाम) और जुनैद मुजफ्फर पुत्र मुजफ्फर अहमद (निवासी माथुलहामा, कुलगाम) शामिल हैं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये तीनों आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) और लॉजिस्टिक मददगार के तौर पर सक्रिय थे।
सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की टीमें तीनों आरोपियों से किसी अज्ञात स्थान पर संयुक्त पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र इस बात का पता लगाना है कि इन युवकों को हैंड ग्रेनेड की खेप किसने पहुंचाई थी, पोस्टर किस प्रेस या स्थान से छपवाए गए थे और इन्हें किस टारगेटेड लोकेशन पर हमला करने का टास्क सौंपा गया था। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया हैंडल्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि सीमा पार या घाटी में बैठे उनके आकाओं का पर्दाफाश किया जा सके।
दक्षिण कश्मीर के चारों जिलों में हाई अलर्ट और पुलवामा में भी दो मददगार दबोचे गए
शोपियां में हुई इस महत्वपूर्ण बरामदगी के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे दक्षिण कश्मीर संभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों के संवेदनशील प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्गों से गुजरने वाले प्रत्येक छोटे-बड़े वाहन, विशेष रूप से दोपहिया वाहनों की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी अवांछित तत्व की आवाजाही को रोका जा सके।
इसी सिलसिले में पुलवामा जिले में भी सुरक्षाबलों ने एक अन्य सफल कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों के दो सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलवामा से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक आधुनिक पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से लगातार हो रही हथियारों की बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि सीमा पार बैठे आतंकी हैंडलर स्थानीय युवाओं को बरगलाकर दोबारा आतंकी नेटवर्क को खड़ा करने का षड्यंत्र रच रहे हैं, जिसे सुरक्षाबल लगातार विफल कर रहे हैं।
Shopian Security Operation: कश्मीरी पंडितों और अल्पसंख्यक बस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पुख्ता
घाटी में कश्मीरी पंडितों, गैर-स्थानीय श्रमिकों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को डराने-धमकाने की हालिया कोशिशों के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक कड़ा कर दिया है। शोपियां और कुलगाम में अल्पसंख्यक बस्तियों और ट्रांजिट कैंपों के चारों ओर चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन गश्त और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि घाटी में अमन-चैन, भाईचारे और सामान्य जनजीवन को बाधित करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षाबलों का स्पष्ट ध्येय है कि न केवल आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वालों पर सीधा प्रहार किया जाए, बल्कि उन्हें हथियार, आश्रय और आर्थिक मदद मुहैया कराने वाले पूरे जमीनी नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जाए। शोपियां में हुई यह समयबद्ध कार्रवाई सुरक्षाबलों की उच्च स्तरीय सतर्कता का परिणाम है, जिसने एक बड़े संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया है।
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