LPU Student Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्र प्रदर्शन, NH-44 जाम; कथित रेप के दावे पर FIR और SIT जांच

छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ के बाद हाईवे जाम किया, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की

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LPU Student Protest: पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा में स्थित देश के सबसे बड़े निजी विश्वविद्यालयों में शामिल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में रविवार को स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण और विस्फोटक हो गई, जब एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं। शनिवार देर रात करीब 1 बजे गर्ल्स हॉस्टल के बाहर से शुरू हुआ आक्रोशित छात्रों का जमावड़ा देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन में तब्दील हो गया। रविवार तड़के हजारों छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारों को पार कर बाहर निकल आए और दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के जालंधर-फगवाड़ा खंड को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान राजमार्ग पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाला अंतर-राज्यीय यातायात घंटों ठप रहा।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पंजाब पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी तत्काल हरकत में आए। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एक छात्रा के बयान के आधार पर सतनामपुरा थाने में अज्ञात के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों को मिलाकर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी आरोपों को एक सिरे से खारिज करते हुए इसे असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई गई मनगढ़ंत अफवाह और संस्थान की छवि धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है।

LPU Student Protest: हॉस्टल से लेकर नेशनल हाईवे तक प्रदर्शन

प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के अनुसार, विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गर्ल्स हॉस्टल-3 के समीप हुई। छात्रों के बीच यह खबर फैल गई थी कि तीन दिन पूर्व परिसर में एक प्लंबर द्वारा छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म किया गया और वार्डन को सूचित किए जाने के बावजूद मामले में लीपापोती की गई। इस सूचना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार तड़के 2 से 4 बजे के बीच छात्र भारी संख्या में एकत्र होकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने पर बैठ गए और ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाने लगे।

प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं। कुछ नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी मॉल, दुकानों, खिड़कियों के शीशों और एक एटीएम कियोस्क में तोड़फोड़ की। कुछ वस्तुओं और टायरों में आग लगा दी गई, जबकि पुलिस की तीन गाड़ियों को भी आग के हवाले किए जाने की खबरें सामने आईं। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को यातायात को फगवाड़ा-जंडियाला मार्ग और अन्य वैकल्पिक संपर्क मार्गों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। कई घंटों की मान-मनौव्वल और कड़े प्रयासों के बाद दोपहर में राजमार्ग से जाम हटाया जा सका।

FIR दर्ज और SIT का गठन: फोरेंसिक व तकनीकी साक्ष्यों से होगी जांच

छात्रों के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कानूनी कदम उठाए। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने पीड़िता छात्रा का औपचारिक बयान दर्ज कर लिया है और सतनामपुरा पुलिस थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इसके साथ ही पूरे मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। इस एसआईटी में फगवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) मेजर सिंह, डीएसपी पलविंदर सिंह, एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी और छात्रों की ओर से नामित प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। डीआईजी के अनुसार, यह जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों पर आधारित होगी, जिसके अंतर्गत हॉस्टल और परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन कॉल डिटेल्स (CDR) और फोरेंसिक नमूनों का गहन विश्लेषण किया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके।

विश्वविद्यालय प्रबंधन का रुख: ‘पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है अफवाह’

दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का पुरजोर खंडन किया है। एलपीयू की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक आधिकारिक प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पूरी तरह झूठी, आधारहीन और मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बाधित करना और छात्रों के बीच अनावश्यक भय व भ्रम पैदा करना है।

रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार की घटना का दावा किया जा रहा है, वैसा कोई भी अपराध विश्वविद्यालय परिसर में घटित नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय ने हॉस्टल की उन छात्राओं के वीडियो बयान भी जारी किए हैं, जिन्होंने ऐसी किसी भी घटना से स्पष्ट इनकार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं, वायरल पोस्टों या सोशल मीडिया अफवाहों पर कतई विश्वास न करें और केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक संचार माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा रखें। विश्वविद्यालय के कुलपति जसपाल सिंह ने यह भी दोहराया कि प्रशासन पुलिस की जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।

कपूरथला, जालंधर और होशियारपुर से भारी पुलिस बल तैनात: स्थिति नियंत्रण में

परिसर में हुई तोड़फोड़ और राजमार्ग जाम की घटना के बाद पंजाब पुलिस ने कड़े सुरक्षात्मक उपाय लागू किए हैं। कपूरथला जिले के अलावा जालंधर रूरल और होशियारपुर जिलों से भी अतिरिक्त सशस्त्र पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन को फगवाड़ा में एलपीयू परिसर के आसपास तैनात कर दिया गया है।

कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि पुलिस ने छात्रों के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित किया है और उनकी चिंताओं को सुना है। छात्रों की मुख्य मांगों में हॉस्टल के भीतर केवल महिला स्टाफ और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, सुरक्षा ऑडिट और पारदर्शी जांच की मांग शामिल थी, जिस पर प्रबंधन से वार्ता कराई गई है। एसएसपी ने पुष्टि की कि परिसर में हुई सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान का वीडियोग्राफी के जरिए तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है और हिंसा फैलाने वाले उपद्रवी तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चितकारा यूनिवर्सिटी के बाद एलपीयू: सोशल मीडिया अफवाहों का खतरनाक पैटर्न

उल्लेखनीय है कि एलपीयू में हुए इस तीव्र विरोध प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले पंजाब के पटियाला स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में भी बिल्कुल इसी तरह के घटनाक्रम के बाद भारी छात्र उपद्रव हुआ था। वहां भी दो छात्राओं की कथित आत्महत्या से जुड़ी अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्टों के बाद छात्रों ने पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसे बाद में जांच में पूरी तरह अफवाह पाया गया था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रेखांकित किया है कि दोनों मामलों की कार्यप्रणाली में समानता दिखाई देती है, जहां बिना किसी शिकायत या पुख्ता तथ्य के सोशल मीडिया संदेशों के आधार पर रातों-रात छात्रों की भारी भीड़ को भड़काया गया। साइबर क्राइम सेल अब उन सभी सोशल मीडिया हैंडल्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनलों की पड़ताल कर रहा है, जहां से इन भ्रामक संदेशों को पहली बार प्रसारित किया गया था।

LPU Student Protest: एसआईटी की वैज्ञानिक जांच से ही सामने आएगी वास्तविक सच्चाई

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुआ यह बवाल इस बात की गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल युग में असत्यापित सूचनाएं और सोशल मीडिया अफवाहें किस प्रकार कानून-व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों की शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। यद्यपि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने और एसआईटी के गठन से छात्रों को पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन मिला है, किंतु विश्वविद्यालय की साख और छात्रों की सुरक्षा दोनों के दृष्टिकोण से सच्चाई का अविलंब सामने आना अनिवार्य है।

वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, किंतु पुलिस की सतर्क निगरानी जारी है। सभी पक्षों को संयम बरतते हुए एसआईटी की आधिकारिक फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के निष्कर्षों की प्रतीक्षा करनी चाहिए, ताकि सच और झूठ के बीच का अंतर पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

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