LAC Tension in Arunachal: ITBP के शौर्य कमांडो, ड्रोन और नए ट्रेनिंग मॉड्यूल से बढ़ेगी सुरक्षा

अरुणाचल सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ तनातनी के दावों के बीच ITBP की तैयारी पर जोर, ड्रोन निगरानी और STRIKE ट्रेनिंग मॉड्यूल पर फोकस।

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LAC Tension in Arunachal: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच सुरक्षा के मोर्चे से बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने खुलासा किया है कि अरुणाचल प्रदेश के कई संवेदनशील अग्रिम इलाकों में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ अभी भी आमने-सामने (Face-off) की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के अलवर में जवानों को संबोधित करते हुए आईटीबीपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इन बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बल के नवनिर्मित ‘शौर्य कमांडो’ ने सीमा पर असाधारण साहस और क्षमता का परिचय दिया है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य वार्ताओं के समानांतर भारत अग्रिम चौकियों पर अपनी सामरिक तैयारियों, तकनीकी निगरानी और आक्रामक प्रशिक्षण को तेजी से धार दे रहा है।

LAC Tension in Arunachal: हर बॉर्डर बटालियन में तैनात होंगे विशेष प्रशिक्षित ‘शौर्य कमांडो’

दुर्गम हिमालयी चोटियों पर चीन की किसी भी संभावित उकसावे वाली कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए आईटीबीपी ने विशेष लड़ाकू इकाई ‘शौर्य कमांडो’ तैयार की है। महानिदेशक के अनुसार, आने वाले समय में सीमा पर तैनात हर बॉर्डर बटालियन में इन अत्याधुनिक हथियारों और निहत्थे युद्ध (Unarmed Combat) में माहिर शौर्य कमांडोज की टुकड़ियां शामिल की जा रही हैं। अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख की अत्यधिक ऊंचाई, हड्डियों को जमा देने वाली ठंड और बीहड़ भौगोलिक परिस्थितियों में सामान्य ऑपरेशंस चलाना बेहद कठिन होता है। ऐसे में यह विशेष दस्ता किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालने और बिना किसी देरी के त्वरित एक्शन लेने के लिए हमेशा तैयार रहेगा।

ड्रोन वॉरफेयर और एंटी-ड्रोन तकनीक पर 1,000 करोड़ का बड़ा निवेश

आधुनिक युद्धकला में बदलते तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए आईटीबीपी ने पारंपरिक गश्त के साथ-साथ हाई-टेक एरियल सर्विलांस को अपनी सुरक्षा रणनीति का प्रमुख आधार बना लिया है। बल ने अपनी सभी सीमा सुरक्षा बटालियनों में बाकायदा ‘ड्रोन प्लाटून’ स्थापित कर दी हैं, जिन्हें दिन-रात हर मौसम में निगरानी करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। आधुनिकीकरण के तहत केंद्र सरकार से स्वीकृत 400 करोड़ रुपये के विशेष फंड का 70 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर ड्रोन वॉरफेयर क्षमताओं को बढ़ाने में लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय ने बल के लिए 4,000 करोड़ रुपये की वृहद आधुनिकीकरण योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसमें अकेले 1,000 करोड़ रुपये का विशाल बजट अत्याधुनिक सर्विलांस ड्रोन और दुश्मन के ड्रोनों को मार गिराने वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए निर्धारित किया गया है।

गलवान जैसी हिंसक झड़पों से निपटने के लिए नया ‘स्ट्राइक’ प्रशिक्षण

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए धोखे और हिंसक झड़प से सबक लेते हुए आईटीबीपी ने अपने जवानों के लिए ‘स्ट्राइक’ (STRIKE) नाम से एक कठोर और व्यावहारिक ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित किया है। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य शून्य से नीचे के तापमान और दुर्गम चट्टानों पर बिना आग्नेयास्त्रों के होने वाले टकरावों में जवानों की शारीरिक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और नजदीकी मुकाबले की दक्षता को बढ़ाना है। आईटीबीपी के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2027 के अंत तक बल के प्रत्येक जवान को इस आधुनिक प्रशिक्षण से पूरी तरह लैस करने का रणनीतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि किसी भी अचानक पैदा हुए संकट में भारतीय जवानों का पलड़ा भारी रहे।

अग्रिम चौकियों पर भूमिगत बंकर और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल

केवल जवानों की ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि फॉरवर्ड लोकेशंस पर उनके जीवन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भी जमीनी स्तर पर व्यापक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। आईटीबीपी वास्तविक नियंत्रण रेखा के बेहद नजदीकी इलाकों में अत्याधुनिक भूमिगत आश्रय स्थल (Underground Shelters) और बंकरों का निर्माण कर रही है, जो अत्यधिक गोलाबारी या हवाई हमलों के समय सुरक्षा कवच का काम करेंगे। अत्यधिक ऊंचाई वाले फॉरवर्ड पोस्ट्स पर जवानों को ठंड से बचाने के लिए सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम, 24 घंटे बिजली की आपूर्ति, इंसुलेटेड बैरक और शून्य से 40 डिग्री नीचे तापमान में भी वाहनों को चालू रखने के लिए विशेष कोल्ड-स्टार्ट किट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

LAC Tension in Arunachal: सीमा पर तनाव के बीच सरकार की चीन नीति पर विपक्ष के सवाल

आईटीबीपी प्रमुख द्वारा अरुणाचल सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति की पुष्टि किए जाने के बाद देश में सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश और रक्षा नीति पर सवाल खड़े करते हुए वास्तविक स्थिति पर पूर्ण पारदर्शिता की मांग की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और चीन के साथ बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। हालांकि, राजनीतिक बयानबाजियों के इतर सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों की यह समग्र तैयारी साफ संकेत देती है कि भारत अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए तकनीकी, रणनीतिक और सैन्य हर मोर्चे पर पूरी तरह मुस्तैद है।

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