VB-G RAM G Scheme: झारखंड में वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए बनेगी विशेष परिषद

VB-G RAM G Scheme:

0
VB-G RAM G Scheme: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसरों को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में वीबी-जी राम जी योजना (VB-G RAM G Scheme) के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इस महत्वपूर्ण परिषद के गठन का पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की पूरी संभावना है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ 15 गैर सरकारी सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे योजना के संचालन, जमीनी स्तर पर निगरानी, मूल्यांकन और शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक पुख्ता बनाया जा सके।  गौर करने वाली बात यह है कि वीबी-जी राम जी अधिनियम देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से लागू किया जा चुका है, जिसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी जाती है। झारखंड जैसे आदिवासी बहुल और ग्रामीण प्रधान राज्य में इस अधिनियम की सफलता के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे पूरा करने के लिए इस परिषद के गठन की रूपरेखा तैयार की गई है। राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पलायन रोकने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री होंगे परिषद के अध्यक्ष और ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष

राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की संरचना को बेहद व्यापक और प्रभावी बनाया गया है ताकि शासन के हर स्तर पर समन्वय स्थापित किया जा सके। इस उच्चस्तरीय परिषद के अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री को इसका उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। राज्य स्तरीय सामान्य सभा में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनमें पंचायती राज, वित्त, वन एवं पर्यावरण, जल संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, भवन निर्माण, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, कल्याण तथा श्रम एवं कौशल विकास विभाग शामिल हैं। इन सभी विभागों का सक्रिय सहयोग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में मदद करेगा। इसके अलावा, प्रशासनिक मोर्चे पर भी शीर्ष अधिकारियों को परिषद में जगह दी गई है। राज्य के मुख्य सचिव के साथ-साथ संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव इस परिषद के सदस्य होंगे। प्रशासनिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए योजना आयुक्त को इसका सदस्य सचिव बनाया जाएगा। इन तमाम प्रशासनिक और राजनीतिक चेहरों के अलावा, राज्य सरकार द्वारा कम से कम 15 गैर सरकारी सदस्यों को भी नामित किया जाएगा, जो जमीनी हकीकत और जनता की अपेक्षाओं को परिषद के सामने रखेंगे।

योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और सुझाव देने का होगा मुख्य दायित्व

गठित होने वाली यह परिषद केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पास धरातल पर योजनाओं के संचालन को परखने के व्यापक अधिकार होंगे। परिषद का मुख्य कार्य राज्य में वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी संचालन और उसकी निरंतर निगरानी को सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे कार्यों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा तथा सरकार को योजना से जुड़े विभिन्न नीतिगत मामलों में बहुमूल्य सुझाव भी दिए जाएंगे। प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह परिषद हर साल एक विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट भी तैयार करेगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण स्तर पर चल रही निगरानी प्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करना भी इसी परिषद के जिम्मे होगा। यदि समीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर कोई खामी पाई जाती है, तो व्यवस्था में सुधार के लिए तुरंत ठोस सिफारिशें की जाएंगी। ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि इस तरह के बहुस्तरीय मूल्यांकन से योजनाओं में भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी और पात्र लाभार्थियों तक समय पर उनका हक पहुंचेगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी विशेष संचालन समिति

नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए एक अलग से राज्य स्तरीय संचालन समिति का भी गठन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण संचालन समिति की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव करेंगे या फिर सरकार द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव स्तर के किसी वरिष्ठ अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संचालन समिति का पूरा खाका पहले ही तैयार किया जा चुका है और यह प्रशासनिक मशीनरी को गति देने का काम करेगी। यह समिति राज्य में वीबी-जी राम जी योजना की तकनीकी और परिचालन संबंधी जरूरतों को बारीकी से परखेगी। इसके साथ ही, डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा देने, निगरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाने और कार्य प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर मैदानी अधिकारियों को लगातार मार्गदर्शन प्रदान करेगी। आज के डिजिटल युग में तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े को रोकने और काम की वास्तविक स्थिति ऑनलाइन दर्ज करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें यह संचालन समिति बेहद अहम भूमिका निभाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया संबल और पारदर्शिता

झारखंड सरकार की इस पहल से राज्य के ग्रामीण अंचलों में रोजगार की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। जब किसी योजना की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर और मुख्य सचिव की अगुवाई वाली समिति द्वारा की जाती है, तो उसकी सफलता की संभावना स्वतः बढ़ जाती है। गैर सरकारी सदस्यों की भागीदारी से इस पूरी प्रक्रिया में जनभागीदारी और सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) को भी बल मिलेगा। ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले 125 दिनों के रोजगार के अधिकार को अब बिचौलियों या प्रशासनिक सुस्ती से सुरक्षा मिल सकेगी। आने वाले दिनों में जब इस परिषद और संचालन समिति की बैठकें शुरू होंगी, तो ग्रामीण विकास की योजनाओं में एक नई गति और पारदर्शिता देखने को मिलेगी। झारखंड के दूरदराज के गांवों में रहने वाले कामगारों के लिए यह योजना आजीविका का एक मजबूत जरिया बन रही है, और इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर जरूरतमंद तक इस योजना का पूरा लाभ पहुंचे।
झारखंड में वीबी-जी राम जी योजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद और संचालन समिति का गठन सरकार की गंभीर इच्छाशक्ति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली इस परिषद में प्रशासनिक और गैर सरकारी सदस्यों का समन्वय ग्रामीण विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। योजनाओं की निरंतर निगरानी, समय पर मूल्यांकन और डिजिटल प्रणालियों के उपयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा होगी। आने वाले समय में यह व्यवस्था राज्य के गांवों की आर्थिक स्थिति को संवारने में एक मजबूत स्तंभ साबित होगी।

Read More Here:- 

UP Ola Uber New Rules 2026: यूपी में Ola-Uber के नए नियम लागू, 40 घंटे की ट्रेनिंग से किराये की सीमा तक जानें पूरी गाइडलाइन

UPI 0.4% MDR Supreme Court का अंतरिम रोक से इनकार, केंद्र, RBI और NPCI को नोटिस

EPFO का ‘निधि आपके निकट 2.0’ कैंप आज, PF क्लेम और पेंशन की समस्याओं का मौके पर समाधान

Virat Kohli 15000 ODI Runs: वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट ने रचा इतिहास, बने 15 हजार रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.