Jharkhand News: झारखंड में एक के बाद एक ढेर हुए बड़े माओवादी कमांडर, असीम मंडल के सरेंडर से बंद हुआ आठवां बड़ा चैप्टर

Jharkhand News: झारखंड में एक के बाद एक ढेर हुए बड़े माओवादी कमांडर, असीम मंडल के सरेंडर से बंद हुआ आठवां बड़ा चैप्टर

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Jharkhand News: झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ चल रही लगातार कार्रवाई का एक और बड़ा नतीजा गुरुवार को सामने आया। झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर उर्फ मनोज उर्फ दीपक उर्फ राकेश ने कोलकाता एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसके खिलाफ ओडिशा सरकार ने भी 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, यानी कुल मिलाकर उस पर 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था। असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला है। उसके सरेंडर के साथ ही झारखंड में सक्रिय रहे उन आठ बड़े माओवादी कमांडरों की सूची पूरी हो गई है, जिन पर एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का इनाम घोषित था और जिनका अध्याय अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

Jharkhand News: बूढ़ा पहाड़ के कमांडर अरविंद की हुई थी मौत

मार्च 2018 में झारखंड के बूढ़ा पहाड़ इलाके में सक्रिय रहे भाकपा माओवादी के शीर्ष कमांडर और सेंट्रल कमेटी सदस्य देव कुमार सिंह उर्फ अरविंद की मौत हो गई थी। उस पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और बिहार सरकार ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। उसकी मौत के बाद संगठन को बड़ा झटका लगा था।

सुधाकर ने संभाली थी कमान, फिर किया सरेंडर

अरविंद की मौत के बाद बूढ़ा पहाड़ में माओवादियों की बागडोर सुधाकर के हाथों में आ गई थी। वह भी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उस पर भी राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। 11 फरवरी 2019 को उसने तेलंगाना में अपनी पत्नी और 25 लाख रुपये की इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य नीलिमा के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था।

प्रशांत बोस और शीला मरांडी की गिरफ्तारी

14 नवंबर 2021 को झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खरसांवा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किसन और उसकी पत्नी 25 लाख रुपये की इनामी शीला मरांडी को गिरफ्तार कर लिया था। यह गिरफ्तारी झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ अभियान की बड़ी कामयाबी मानी गई थी।

प्रयाग मांझी और अनुज सोरेन मुठभेड़ में मारे गए

21 अप्रैल 2025 को बोकारो जिले में एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को हजारीबाग जिले के गिरहोर थाना क्षेत्र स्थित पनतीतरी जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश की भी मौत हो गई थी।

ऑपरेशन मेगाबुरु में मारे गए 17 माओवादी

22 जनवरी 2026 को सारंडा क्षेत्र में पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र में ऑपरेशन मेगाबुरु के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। इस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश समेत कुल 17 माओवादी मारे गए थे, जो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शुमार है।

Jharkhand News: मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी और असीम मंडल का सरेंडर

29 जुलाई 2026 को धनबाद में पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल को चार अन्य माओवादियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसके ठीक बाद 17 सितंबर 2026 को असीम मंडल के सरेंडर के साथ ही झारखंड में सक्रिय रहे बड़े इनामी माओवादियों की यह पूरी श्रृंखला समाप्त हो गई।

झारखंड में पिछले करीब आठ वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का नतीजा है कि संगठन के एक-एक करके सभी शीर्ष कमांडर या तो मुठभेड़ में मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण करने को मजबूर हुए। बूढ़ा पहाड़ से लेकर सारंडा और धनबाद तक चले इन अभियानों ने माओवादी संगठन की रीढ़ को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। असीम मंडल जैसे शीर्ष नेता का सरेंडर इस बात का संकेत है कि संगठन अब पहले जैसी मजबूत स्थिति में नहीं है। आने वाले समय में सुरक्षा बलों की यह मुहिम झारखंड और आसपास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।

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