India’s Got Latent 2 Controversy: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में बिहार की टीचर के ‘मैन-हेटर’ बयान पर मचा बवाल, जजों ने दिए जीरो पॉइंट्स
बिहार की प्रतियोगी के बयान पर जजों ने दिया जीरो स्कोर, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
India’s Got Latent 2 Controversy: डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और ओटीटी (OTT) रियलिटी शोज़ के बढ़ते प्रभाव के बीच, मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) के डिजिटल टैलेंट शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) सीजन 2 के तीसरे नवीनतम एपिसोड ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक अभूतपूर्व वैचारिक विवाद और भारी जनाक्रोश खड़ा कर दिया है। शो के मंच पर खुद को बिहार की एक शिक्षिका और सोशल मीडिया क्रिएटर बताने वाली प्रतियोगी साक्षी झा ने ऑडिशन के दौरान सार्वजनिक रूप से स्वयं को ‘मैन-हेटर’ (पुरुषों से नफरत करने वाली) घोषित कर दिया। उनके द्वारा दिए गए इस विवादित और आक्रामक बयान ने न केवल शो के मुख्य जजिंग पैनल में शामिल दिग्गजों को पूरी तरह स्तब्ध कर दिया, बल्कि संपूर्ण इंटरनेट मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रियलिटी शोज़ की सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर एक अत्यंत तीखी बहस छेड़ दी है।
साक्षी झा का मंच पर विवादित दावा, जजों का सन्नाटा और ऐतिहासिक शून्य (0) स्कोर का रिकॉर्ड
शो के आधिकारिक विनिर्देशों के अनुसार, साक्षी झा ने होस्ट के साथ बातचीत के दौरान बेहद बेबाकी से दावा किया कि उन्हें पुरुषों के अहंकार (ईगो) को ठेस पहुंचाने में आनंद आता है और वे समस्त पुरुष जाति से नफरत करती हैं। इस विवादास्पद वक्तव्य को सुनते ही शो के जज पैनल में मौजूद तन्मय भट, संगीतकार विशाल ददलानी, रघु राम और यशराज मेहरा के चेहरों पर गहरी असहजता और स्टूडियो में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। प्रतियोगी ने अपनी इस घृणा को आगे बढ़ाते हुए यहाँ तक कह दिया कि वे अपने पिता और भाई से भी सिर्फ इसलिए नफरत करती हैं क्योंकि वे पुरुष हैं, जिसके बाद जजों ने सर्वसम्मति से कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें शो के इतिहास का पहला सबसे न्यूनतम यानी ‘शून्य पॉइंट्स’ (Zero Score) का स्कोर देकर मंच से विदा कर दिया।
पारिवारिक रिश्तों पर आपत्तिजनक टिप्पणी, हिंसक गोल और बिहार के पुरुषों पर क्षेत्रीय विवाद
मनोवैज्ञानिकों और मीडिया समीक्षकों के अनुसार, साक्षी ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी का सबसे विवादित लक्ष्य बताते हुए कहा कि वे भविष्य में शराब पीकर अपने पति को मारना चाहती हैं, जिसे उन्होंने मजाकिया लहजे में पेश करने की कोशिश की, परंतु जजों ने इसे घरेलू हिंसा और घृणा को बढ़ावा देने वाला एक बेहद गंभीर बयान माना। इसके अलावा, प्रतियोगी ने बिहार के पुरुषों के प्रति भी अत्यधिक अपमानजनक और रूढ़िवादी टिप्पणियां कीं, जिससे क्षेत्रीय अस्मिता को ठेस पहुंची है। इस एपिसोड के डिजिटल क्लिप्स वायरल होते ही बिहार के इंटरनेट यूजर्स और विभिन्न नागरिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी एक व्यक्ति के कुंठित विचारों के आधार पर पूरे राज्य के पुरुषों को लांछित करना पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय कृत्य है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी जेंडर डिबेट, अभिव्यक्ति की आजादी बनाम हेट स्पीच की विधिक सीमाएं
इस एपिसोड के टेलीकास्ट होने के बाद एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ‘मैन-हेटिंग’ (Misandry) और हेट स्पीच को लेकर एक राष्ट्रव्यापी बहस छिड़ गई है, जहाँ अधिकांश नेटिजंस जजों द्वारा लिए गए जीरो पॉइंट्स के फैसले की पुरजोर सराहना कर रहे हैं। कई डिजिटल विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही बयान किसी पुरुष प्रतियोगी द्वारा महिलाओं के खिलाफ दिया गया होता, तो अब तक विधिक कार्रवाई हो चुकी होती, इसलिए रियलिटी प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट को प्रसारित करने से पहले अत्यधिक सेंसरशिप और सावधानी बरतनी चाहिए।
निष्कर्ष: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent 2 Controversy) के इस हालिया विवाद ने मनोरंजन उद्योग के भीतर दर्शकों को बटोरने के लिए परोसे जाने वाले सनसनीखेज बयानों और सामाजिक नैतिकता के बीच के संतुलन पर एक नया प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यदि आप भी इस विवादित एपिसोड के पूर्ण अनसेंसर्ड वीडियो विनिर्देशों, होस्ट समय रैना द्वारा जारी किए गए आधिकारिक स्पष्टीकरण नोटों और ओटीटी कंटेंट रेगुलेशन से जुड़ी ब्रॉडकास्टिंग काउंसिल की नई गाइडलाइन्स की प्रामाणिक डिजिटल जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नेटफ्लिक्स इंडिया के आधिकारिक पीआर पोर्टल अथवा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रमाणित डिजिटल जनसंपर्क पटल पर जाकर लाइव अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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