Stock Market Today: कच्चे तेल की तेजी से बाजार में हड़कंप, निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला, टाटा कंज्यूमर और इटरनल के शेयर चमके
ब्रेंट क्रूड में उछाल से बाजार पर दबाव, एफएमसीजी शेयरों ने दिखाई मजबूती
Stock Market Today: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 इंडेक्स 91 अंकों की गिरावट के साथ 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। बाजार का दायरा बेहद कमजोर नजर आया, जहां ज्यादातर प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, इस भारी गिरावट के बीच एफएमसीजी और कुछ रक्षात्मक शेयरों में लिवाली देखने को मिली, जिसमें टाटा कंज्यूमर और इटरनल के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी और बैंक निफ्टी में शुरुआती गिरावट का दबाव
गुरुवार को निफ्टी 50 का कारोबार 23,904 के स्तर पर खुला, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह जल्द ही 91 अंक टूटकर 23,900 के नीचे फिसल गया। बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली हावी रही और बैंक निफ्टी 329 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 56,796 पर खुला। बाजार की चौड़ाई की बात करें तो निफ्टी 50 के केवल 7 शेयर हरे निशान में थे, जबकि 42 शेयर बिकवाली के दबाव में कारोबार कर रहे थे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बाजार पर मंदी का दबाव काफी व्यापक है। लगातार दूसरे सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी पर वैश्विक अनिश्चितता और तेल की महंगाई भारी पड़ रही है।
कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी भारत की चिंताएं
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह ब्रेंट क्रूड का 96.30 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना रहा, जिसमें 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में व्यवधान की आशंकाओं ने ऊर्जा बाजार को गरमा दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। तेल महंगा होने से देश में महंगाई, चालू खाता घाटा और भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ता है। यही वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के सतर्क रुख के बीच घरेलू निवेशक भी नई पूंजी लगाने से परहेज कर रहे हैं।
एफएमसीजी शेयरों ने दिया बाजार को सहारा
गिरावट के इस माहौल में एफएमसीजी क्षेत्र के शेयर सुरक्षा कवच बनकर उभरे। जब बाजार में अनिश्चितता का माहौल होता है, तो निवेशक मेटल, आईटी और फार्मा जैसे सेक्टर्स छोड़कर एफएमसीजी जैसे मजबूत कैश-फ्लो वाले स्टॉक्स का रुख करते हैं। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर सुबह के सत्र से ही आगे चल रहे थे और इसमें मजबूत खरीदारी देखी गई। इसके अलावा इटरनल के शेयर में भी तेजी रही और इसने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।
आज के प्रमुख बढ़त और गिरावट वाले शेयर
घरेलू बाजार (Stock Market Today) में सेक्टरवार मिले-जुले रुख के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इटरनल, टाटा कंज्यूमर, ओएनजीसी, बजाज ऑटो और एथर एनर्जी के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। कच्चे तेल में तेजी के कारण ओएनजीसी को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जबकि बजाज ऑटो को बेहतर तिमाही नतीजों का सहारा मिला।
दूसरी तरफ गिरावट वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला, इंडिगो, टाटा स्टील और इंफोसिस शामिल रहे। एविएशन दिग्गज इंडिगो के शेयरों में विशेष रूप से बिकवाली देखी गई, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें सीधे एटीएफ (एयर टरबाइन फ्यूल) की लागत को बढ़ाती हैं। इसके अलावा आईटी और फार्मा शेयरों में अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के कारण कमजोरी दर्ज की गई।
Stock Market Today: वैश्विक संकेत और निवेशकों के लिए आगे की राह
वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के कारण निफ्टी के लिए 23,800 से 24,200 का दायरा बेहद अहम माना जा रहा है। यदि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर की ओर बढ़ता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकालिक कारोबारियों को सख्त स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेडिंग करनी चाहिए। वहीं दीर्घकालिक निवेशक बाजार की इस गिरावट का फायदा उठाकर एफएमसीजी और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में चरणबद्ध तरीके से खरीदारी कर सकते हैं। फिलहाल बाजार आने वाले तिमाही नतीजों, क्रूड ऑयल की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर नजर बनाए हुए है।
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