Indian Danger Criminal : कौन है दाऊद से भी खूंखार और शातिर अपराधी

आपने दाऊद जैसे बड़े से बड़े अपराधियों का नाम सुना होगा. पर कभी ना कभी मन में ये सवाल जरूर आया होगा की आखिर दाऊस से पहले भारत में कौन सबसे खतरनाख अपराधी था. आखिर क्या थे उनके अपराध. चलिए आज हम आपको भारत के ऐसे कुख्यात और शातिर अपराधियों के बारे में बताते हैं. जिनके अपराधों के बारे में सुन आप भी चौंक जाएंगे

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आपने दाऊद जैसे बड़े से बड़े अपराधियों का नाम सुना होगा. पर कभी ना कभी मन में ये सवाल जरूर आया होगा की आखिर दाऊस से पहले भारत में कौन सबसे खतरनाख अपराधी था. आखिर क्या थे उनके अपराध. चलिए आज हम आपको भारत के ऐसे कुख्यात और शातिर अपराधियों के बारे में बताते हैं. जिनके अपराधों के बारे में सुन आप भी चौंक जाएंगे

इस अपराधी ने बनाया है हत्या का वर्ल्ड रिकॉर्ड

दुनियाभर के अपराधिक इतिहास में ऐसे कई सीरियल किलर्स (Serial Killer) के नाम दर्ज हैं. जिन्होंने अपनी सिलसिलेवार हत्याओं की वजह से लोगों के मन में खौफ पैदा किया है. लेकिन भारत (India) का एक सीरियल किलर ऐसा भी है जिसने हत्याओं में इतिसहास रचा है. जिसका नाम है ठग बेहराम (Thug Behram). कहा जाता है कि 1790 से लेकर 1840 के बीच में कुख्यात ठग बेहराम से अंग्रेज भी खौफजदा थे. क्योंकि उन्होंने बड़ी ही बेहरमी से अपनी पूरी जिंदगी में 931 लोगों को मौत के घाट उतारा था. इतना ही नहीं उन्होंने इन सभी हत्याओं का जुर्म भी कबूला था. आपको बता दें कि बेहराम (Thug Behram) अपने साथ एक रुमाल रखता था. जिससे वे गला घोंटकर लोगों को मौत के घाट उतार देता था. ऐसा भी कहा जाता है कि बेहराम एक बार जिस रास्ते से गुजरता था. वहां लाशों की ढेर लग जाता था.

 


फुटपाथ पर यमराज बनकर घूमता था ये अपराधी

तीन साल के अंदर करीब 40 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले का नाम शायद ही मुंबई के फुटपाथ पर सोने वाले लोग भूल पाए होंगे. 60 का दशक मुंबई के फुटपाथ पर सोने वाले गरीब, मजदूरों के लिए काल साबित हुआ. ये अपराधी अंधेरे में बेसहारों को अपना शिकार बनाता था. अपराधी सिर पर किसी भारी चीज से वार कर लोगों को मौंत के घाट उतारता था. जिसके बाद मुंबई पुलिस के लिए इसे गिरफ्तार करना एक बड़ी चुनौती बन गया था. वहीं काफी मशक्कत के बाद मुंबई पुलिस ने आखिर इस सीरियल किलर रमन राघव (Raman Raghav) को गिरफ्तार कर लिया. जहां अपराधी ने अपना जुर्म भी कबूला

 

इन हत्यारों ने ‘मोरारजी सरकार’ को हिलाकर रख दिया था

1978 के एक हत्याकांड ने देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहला दिया था. रंगा और बिल्ला नाम के दो खूंखार अपराधियों ने उस समय मोरारजी देसाई की सरकार को हिलाकर रख दिया था. दरअसल 26 अगस्त 1978 अपराधियों ने दिल्ली के एक नेवी अफसर मदन मोहन चोपड़ा की बेटी गीता और बेटा संजय का अपहरण कर लिया था. जिसके बाद दोनों ने इनकी हत्या कर दी. काफी समय तक रंगा (Ranga) उर्फ कुलजीत सिंह (Kuljeet Singh) और बिल्ला (Billa) ऊर्फ जसबीर सिंह (Jasbir Singh) को पुलिस से बचते नजर आए. लेकिन एक दिन एक सैनिक ने इन्हें ट्रेन में पहचान लिया. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं मामले का खुलासे करते हुए अपराधियों ने बताया कि उन्होंने बच्चों का अपरहण फिरौती के लिए किया था. लेकिन जैसे ही इन्हें पता चला की बच्चे के पिता नेवी अफसर है तो दोनों ने इनकी हत्या कर दी. आपको बता दें कि सरकार आज भी गीता और संजय के नाम पर देश के बहादुर बच्चों को ब्रेवरी अवार्ड (National Bravery Award) देती है

 


असल में तीन बार बेच दिया ताजमहल

अब आपको बताते हैं देश के असली बंटी से, जी हा ये रील लाइफ के नहीं रियल लाइफ के बंटी हैं. जिन्हें लोग नटवरलाल (Natwarlal) के नाम से भी जानते हैं. उनके लिए एक कहावत कही जाती है की, ऐसा कोई बचा नहीं, जिसे नटवरलाल (Natwarlal) ने ठगा नहीं. नटवरलाल (Natwarlal) ने राष्ट्रपति के फर्जी साइन कर तीन बार ताजमहल (Taj Mahal), दो बार लाल किला (Red Fort) और एक बार देश के राष्ट्रपति भवन (President House) को भी बेच दिया था. हैरानी की बात है कि जब नटवरलाल ने संसद को बेचा था, तब सारे सांसद भी वहीं मौजूद थे. आपको बता दें कि मिथिलेश कुमार के कुल 50 नाम थे जिनमें से एक नटवरलाल भी था. नटवरलाल ने सबसे पहली चोरी एक हजार रुपये कि की थी. नटवरलाल ने अपने पडोसी के नकली साइन कर उनके बैंक खाते से पैसे निकाले थे.

 


40 महिलाओं को उतारा था मौत के घाट

चार्ल्स शोभराज (Charles Sobhraj) का नाम कई हत्याओं से जुड़ा हुया था. आरोपी पीड़ितों के पासपोर्ट (Passport) का इस्तेमाल अपने अगले सफर के लिए करता था. 1976 में एक फ्रांसीसी पर्यटक की दिल्ली के एक होटल में जहर खाने से मौत हो जाने के बाद चार्ल्स (Charles Sobhraj) को भारत में गिरफ्तार किया गया था. कहते हैं कि चार्ल्स शोभराज (Charles Sobhraj) ख़ुद कुबूल किया है कि उन्होंने कई देशों में 40 से अधिक महिलाओं की हत्या की है.

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