Home Appliance Buying Tips: एक्सटेंडेड वारंटी लेनी चाहिए या नहीं? एसी, टीवी, फ्रिज खरीदते समय सावधानी बरतें
Home Appliance Buying Tips: एक्सटेंडेड वारंटी लेनी चाहिए या नहीं? एसी, टीवी, फ्रिज खरीदते समय सावधानी बरतें
Home Appliance Buying Tips: जब भी नया एसी, टीवी, फ्रिज या लैपटॉप खरीदने जाते हैं तो सेल्समैन एक्सटेंडेड वारंटी का ऑफर देते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी यह ऑफर नजर आता है और इसके लिए एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाता है। त्योहारी सीजन में कई लोग प्रोडक्ट के साथ यह वारंटी ले रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई इसकी जरूरत है। कंपनियां एक्सटेंडेड वारंटी के नाम पर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रही हैं या इसमें कुछ फायदा भी है। सरकार ने इस पर कोई नियम नहीं बनाए हैं। यह पूरी तरह कंपनी पर निर्भर करता है कि वह ऑफर दे या न दे।
Home Appliance Buying Tips: एक्सटेंडेड वारंटी क्या होती है
एक्सटेंडेड वारंटी वह अतिरिक्त कवर है जो कंपनी की तरफ से दी जाने वाली नियमित वारंटी को बढ़ाता है। उदाहरण के लिए एसी, टीवी या फ्रिज पर अक्सर एक या दो साल की वारंटी मिलती है। एक्सटेंडेड वारंटी में आप इसके बाद एक या दो साल के लिए अलग से वारंटी ले सकते हैं। कंपनियां इसके लिए कुछ चार्ज लेती हैं। यह चार्ज प्रोडक्ट की कीमत के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह यह ऑफर मिलता है। सेल्समैन इसे प्रोडक्ट खरीदते समय ही सुझाते हैं। कई बार इसे तुरंत लेने का दबाव भी बनाया जाता है।
एक्सटेंडेड वारंटी के फायदे क्या हैं
एक्सटेंडेड वारंटी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर वारंटी अवधि में प्रोडक्ट खराब होता है तो सर्विसिंग के लिए अलग से चार्ज नहीं देना पड़ता। साथ ही कंपोनेंट को कम कॉस्ट पर बदला जाता है। हालांकि यह पूरी तरह कंपनी पर निर्भर करता है कि वह क्या शर्तें रखती है। सरकार की तरफ से एक्सटेंडेड वारंटी के लिए कोई नियम तय नहीं किया गया है। इसलिए हर कंपनी का ऑफर अलग हो सकता है। कुछ कंपनियां सिर्फ कुछ खास पार्ट्स को कवर करती हैं। कुछ में सर्विसिंग फ्री होती है लेकिन पार्ट्स का चार्ज अलग से लगता है। खरीदने से पहले शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
कंपनी को इससे क्या फायदा होता है
आम तौर पर प्रोडक्ट वारंटी अवधि में जल्दी खराब नहीं होते। ऐसे में कंपनियों को ग्राहकों से एक्स्ट्रा वारंटी का चार्ज वसूलने का मौका मिल जाता है। ग्राहक कंपनी के सर्विस सेंटर पर ही प्रोडक्ट रिपेयर करवाने के लिए बंध जाते हैं। प्रोडक्ट पुराना होने के बाद भी वे थर्ड पार्टी सर्विस सेंटर पर नहीं जाते। इससे कंपनी का सर्विस बिजनेस भी चलता रहता है। कई बार एक्सटेंडेड वारंटी का ऑफर कंपनी खुद देती है। कई बार रिटेलर या थर्ड पार्टी के जरिए भी दिया जाता है। कंपनी के लिए यह अतिरिक्त कमाई का जरिया बन जाता है। ग्राहक को लगता है कि अतिरिक्त सुरक्षा मिल रही है।
खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें
एक्सटेंडेड वारंटी लेने से पहले चेक करें कि यह कंपनी की तरफ से ऑफर किया जा रहा है या किसी थर्ड पार्टी या रिटेलर की तरफ से। कई बार सेल्समैन या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसे बेच देते हैं लेकिन बाद में प्रोडक्ट में दिक्कत आने पर सर्विस नहीं मिलती। ग्राहकों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में पूरी तहकीकात करना जरूरी है। वारंटी की शर्तें, कवर होने वाले पार्ट्स और सर्विस प्रक्रिया को समझ लें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या सर्विस सेंटर से जानकारी ले लें। सिर्फ सेल्समैन की बात पर भरोसा न करें। ऑनलाइन खरीदते समय भी रिटर्न और सर्विस पॉलिसी पढ़ें।
नियमित वारंटी और एक्सटेंडेड वारंटी में अंतर
नियमित वारंटी कंपनी की तरफ से प्रोडक्ट के साथ आती है। इसमें एक या दो साल तक कुछ खराबियों को कवर किया जाता है। एक्सटेंडेड वारंटी अतिरिक्त पैसे देकर ली जाती है। इसमें कवरेज कंपनी की शर्तों पर निर्भर करती है। कई प्रोडक्ट्स में नियमित वारंटी के दौरान भी सर्विस चार्ज लग सकता है। एक्सटेंडेड में यह चार्ज कम या नहीं हो सकता है। लेकिन हर कंपनी का तरीका अलग होता है। कुछ कंपनियां एक्सटेंडेड वारंटी में भी लिमिट लगाती हैं। जैसे कितनी बार सर्विस मिलेगी या कौन से पार्ट्स कवर होंगे। इसलिए दोनों की तुलना करनी चाहिए।
ग्राहकों के अनुभव और सावधानी
कई ग्राहक बताते हैं कि एक्सटेंडेड वारंटी लेने के बाद भी सर्विस में देरी हुई। कुछ मामलों में पार्ट्स उपलब्ध नहीं हुए। कुछ को कंपनी के सर्विस सेंटर पर बार-बार जाना पड़ा। दूसरी तरफ कुछ लोगों को फायदा भी मिला जब प्रोडक्ट खराब हुआ। इसलिए यह हर मामले में एक जैसा नहीं होता। खरीदते समय बिल और वारंटी कार्ड संभालकर रखें। कंपनी का हेल्पलाइन नंबर नोट कर लें। अगर थर्ड पार्टी से वारंटी ली है तो उसके संपर्क विवरण चेक करें। बाद में दिक्कत न हो इसलिए कागजात सुरक्षित रखें।
त्योहारी सीजन में एसी, टीवी, फ्रिज या लैपटॉप खरीदते समय एक्सटेंडेड वारंटी का ऑफर आम हो गया है। यह अतिरिक्त सुरक्षा दे सकती है लेकिन कंपनी को भी इससे फायदा होता है। कोई सरकारी नियम नहीं होने से शर्तें कंपनी तय करती है। खरीदने से पहले कंपनी या रिटेलर की तरफ से ऑफर होने की पुष्टि करें। शर्तें पढ़ें और जरूरत के हिसाब से फैसला लें। कई बार नियमित वारंटी ही काफी हो जाती है। अतिरिक्त चार्ज देने से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं।
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