Gorakhpur Faizabad MLC Election: गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव में आधी रात को हंगामा! BJP के ध्रुव त्रिपाठी आगे, धांधली के आरोप
Gorakhpur Faizabad MLC Election: गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव में आधी रात को हंगामा! BJP के ध्रुव त्रिपाठी आगे, धांधली के आरोप
Gorakhpur Faizabad MLC Election: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में देर रात विवाद खड़ा हो गया। प्रथम वरीयता के अंतिम राउंड में ट्रेंड बदलने के आरोप में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी ने मतगणना का बहिष्कार कर दिया। इसके बावजूद प्रथम वरीयता के मतगणना में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी 466 मतों से आगे चल रहे हैं। गणना दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रही थी और अब द्वितीय वरीयता की गिनती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
Gorakhpur Faizabad MLC Election: मतगणना में विवाद कैसे खड़ा हुआ?
चुनाव में लगभग 79 प्रतिशत मतदान हुआ था और गणना चार राउंड में पूरी होनी थी। शुरुआती राउंड में मुकाबला कांटे का रहा। दूसरे राउंड तक निर्दलीय राजीव यादव भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी से थोड़ी बढ़त पर थे। तीसरे राउंड तक भी स्वतंत्र प्रत्याशी आगे चल रहे थे। लेकिन चौथे और अंतिम राउंड में शेष लगभग 1600 मतों की गिनती के दौरान ट्रेंड अचानक भाजपा के पक्ष में झुक गया। इसी दौरान राजीव यादव और संजयन त्रिपाठी ने राउंड-वार शीट मांगने और बढ़त की जानकारी न मिलने पर आपत्ति जताई। दोनों ने मतगणना केंद्र से बाहर आकर बहिष्कार का ऐलान कर दिया। उनके समर्थक भी बाहर आ गए, जबकि भाजपा के एजेंट अंदर बने रहे।
प्रत्याशियों ने क्या आरोप लगाए?
राजीव यादव ने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर में वरीयता के अंक बदले गए। उनके मुताबिक कुछ जगहों पर 1 को 4 बना दिया गया और खाली खाने में अंक डाल दिए गए। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रक्रिया में प्रथम वरीयता के बाद द्वितीय दी जाती है, लेकिन यहां चौथी वरीयता दिखाया जा रहा था। उनके अनुसार करीब 42,000 मतों तक वे आगे थे, लेकिन अंतिम चरण में लगभग एक हजार मत भाजपा को ट्रांसफर कर दिए गए। संजयन त्रिपाठी ने भी यही बात कही कि पहले तीन राउंड तक सबकुछ सही चल रहा था और स्वतंत्र प्रत्याशी साढ़े चार सौ मतों से आगे थे। अंतिम राउंड में एकतरफा मत भाजपा को जाने लगे और विरोध पर पुलिस का व्यवहार भी आपत्तिजनक रहा। दोनों ने चुनाव पर्यवेक्षक और प्रशासन पर दबाव डालकर भाजपा प्रत्याशी को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
प्रथम वरीयता के आंकड़े क्या बताते हैं?
प्रथम वरीयता की पूर्ण गणना के बाद भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 11,881 मत मिले। निर्दलीय राजीव यादव 11,415 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी 8,301 मतों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। अंतर महज 466 मतों का है। पहले राउंड में ध्रुव त्रिपाठी 3,813, राजीव यादव 3,703 और संजयन त्रिपाठी 2,744 मतों पर थे। दूसरे राउंड के बाद राजीव यादव 33 मतों से आगे निकल गए थे। तीसरे राउंड तक भी स्वतंत्र प्रत्याशी की बढ़त बनी रही। अंतिम राउंड ने तस्वीर बदल दी। द्वितीय वरीयता की गिनती शुरू होने के बाद अंतिम परिणाम सामने आएगा, क्योंकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली लागू होती है।
बहिष्कार के बाद मतगणना कैसे चल रही है?
बहिष्कार के बावजूद गणना रुकी नहीं। प्रशासन और रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों के अनुसार प्रक्रिया जारी रखने की बात कही। कुछ रिपोर्टों के अनुसार निर्दलीय प्रत्याशी के कुछ एजेंट अंदर बने रहे, जबकि सपा की ओर से मुख्य टीम बाहर निकल गई। द्वितीय वरीयता की गिनती शुरू हो चुकी है। चार-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है और पुलिस तथा मजिस्ट्रेट तैनात हैं। मतगणना केंद्र के बाहर देर रात तक समर्थकों की भीड़ बनी रही और चर्चा का माहौल रहा। अधिकारी दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आरोपों पर कोई तत्काल कार्रवाई की खबर नहीं है।
इस सीट का राजनीतिक महत्व क्या है?
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र से जुड़ी है और शिक्षक मतदाताओं के बीच प्रभाव का संकेत देती है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी पहले स्वतंत्र रूप से चुने गए थे और इस बार भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। निर्दलीय राजीव यादव का मजबूत प्रदर्शन शिक्षक संगठनों के बीच विभाजन या असंतोष का संकेत माना जा रहा है। सपा की तीसरी स्थिति से पता चलता है कि त्रिकोणीय मुकाबला रहा। विधान परिषद के अन्य सीटों पर भी भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया है। यह नतीजा आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी राजनीतिक संदेश दे सकता है।
आगे क्या संभावनाएं हैं?
अंतिम परिणाम द्वितीय और आगे की वरीयताओं की गिनती पर निर्भर करेगा। यदि कोई प्रत्याशी कोटा नहीं पार करता तो मतों का ट्रांसफर होगा। आरोपों को लेकर निर्दलीय और सपा पक्ष चुनाव आयोग या उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की बात कर सकते हैं। फिलहाल प्रथम वरीयता में भाजपा आगे है, लेकिन अंतर कम होने के कारण द्वितीय वरीयता निर्णायक साबित हो सकती है। मतगणना केंद्र पर सुरक्षा कड़ी है और परिणाम घोषित होने तक स्थिति सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है।
यह घटना मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाती है। दोनों पक्षों के आरोप और प्रशासन का रुख सामने आ चुका है। अब अंतिम नतीजा और किसी औपचारिक जांच की संभावना तय करेगी कि विवाद कितना आगे बढ़ता है।
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