Gold Silver Price Crash Today: सोने-चांदी की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट, सोना ₹1100 टूटा, चांदी ₹5000 लुढ़की, एक्सपर्ट्स ने दी ये बड़ी चेतावनी

Gold Silver Price Crash Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी क्रैश, सोना ₹1100 टूटा

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Gold Silver Price Crash Today: सर्राफा बाजार में निवेश करने वालों और आम खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 8 जून 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम बड़े बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बहुत बड़ा क्रैश (Gold Silver Price Crash) देखने को मिला है। वैश्विक बाजारों में बढ़ते दबाव, मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण घरेलू बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।

आज दिल्ली के हाजिर बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जिसके बाद इसका भाव 1,58,800 रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई। बाजार में अचानक आई इस मंदी के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर सोने-चांदी में यह गिरावट क्यों आई और क्या इस समय खरीदारी करना सही रहेगा या नहीं।

Gold Silver Price Crash Today: दिल्ली सराफा बाजार में क्या हैं सोने और चांदी के ताजा रेट?

स्थानीय सर्राफा कारोबारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का बंद भाव 1,59,900 रुपये प्रति 10 ग्राम था। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोना 1,100 रुपये गिरकर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

ठीक इसी तरह चांदी के मोर्चे पर भी खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो आज 5,000 रुपये की भारी कटौती के बाद 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। एक ही दिन में आई इस बड़ी गिरावट से सर्राफा बाजार में हलचल तेज है।

क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में यह अचानक गिरावट?

कमोडिटी बाजार के दिग्गजों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि कीमती धातुओं में देखी जा रही यह गिरावट हाल के दिनों से जारी वैश्विक कमजोरी का ही एक बड़ा हिस्सा है। इस समय पूरी दुनिया के बाजारों पर कई तरह के दबाव काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में चौतरफा बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और दुनिया भर में महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बड़े निवेशकों का रुख पूरी तरह बदल दिया है। अब निवेशक सुरक्षित निवेश के पारंपरिक विकल्पों (जैसे सोना) से अपना पैसा निकालकर अन्य जगहों पर लगा रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की चमक फिलहाल फीकी पड़ गई है।

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने बिगाड़ा खेल, बढ़ेगी ब्याज दरें!

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने बाजार की इस स्थिति पर गहराई से रोशनी डाली है। उनके अनुसार, अमेरिका से हाल ही में जो आर्थिक आंकड़े सामने आए हैं, वे उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत और बेहतर रहे हैं।

इन मजबूत आंकड़ों की वजह से वैश्विक बाजार में अब यह डर और आशंका बढ़ गई है कि महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में जल्द कटौती या राहत नहीं देगा। जब भी ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना होती है, तब सोना और चांदी जैसे गैर-ब्याज वाले सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग अपने आप कमजोर पड़ने लगती है।

इजराइल और पश्चिम एशिया के तनाव का भी दिखा बड़ा असर

गौरव गर्ग ने यह भी बताया कि केवल आर्थिक आंकड़े ही नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया, विशेष रूप से इजराइल से जुड़ी हालिया हिंसक घटनाओं और युद्ध के हालातों ने वैश्विक बाजारों में भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है।

इस अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल के बाजारों में भारी उछाल आया है, जिसने निवेशकों के सेंटिमेंट यानी उनकी धारणा पर बहुत बुरा असर डाला है। किसी भी बड़े संकट के समय निवेशक काफी सतर्क हो जाते हैं और जोखिम लेने से बचते हैं, जिसका सीधा असर सोने के कारोबार पर दिख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल: कौड़ियों के भाव टूटी चांदी

अगर ग्लोबल मार्केट यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां भी मंदी का रुख साफ-साफ दिखाई दे रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना लगभग 1 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,291.79 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की हालत और भी खराब रही। वैश्विक बाजार में चांदी 1.34 फीसदी फिसलकर 66.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इन कीमती धातुओं के गिरने के विपरीत, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत में करीब 5 फीसदी का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह 97.44 डॉलर प्रति बैरल के बेहद ऊंचे स्तर तक पहुंच गई।

डॉलर की मजबूती से सोने के खरीदार हुए दूर

पीएल वेल्थ के प्रमुख (उत्पाद एवं पारिवारिक कार्यालय) राजकुमार सुब्रमण्यन ने इस क्रैश की एक और अहम वजह बताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिया है कि वहां ब्याज दरें अभी लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर टिकी रह सकती हैं।

इस उम्मीद के कारण दुनिया भर की मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (Dollar) काफी मजबूत हो गया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के मजबूत होते ही सोना अन्य देशों के निवेशकों के लिए काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग और आकर्षण दोनों फिलहाल कम दिखाई दे रहे हैं।

Gold Silver Price Crash Today: खरीदें या रुकें? एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को दी ये बड़ी चेतावनी

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या आम खरीदारों और निवेशकों को इस गिरावट का फायदा उठाकर सोना-चांदी खरीद लेना चाहिए? इस पर बाजार के जानकारों ने बहुत ही नपी-तुली और जरूरी चेतावनी दी है।

राजकुमार सुब्रमण्यन का मानना है कि शॉर्ट टर्म यानी निकट अवधि में सोने और चांदी की कीमतों में अभी और उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है। इसलिए जो लोग केवल कुछ हफ्तों या महीनों के मुनाफे के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए और बाजार के संभलने का मौका देना चाहिए।

हालांकि, उन्होंने लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि सोना हमेशा से महंगाई से बचाव का एक सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश विकल्प रहा है। इसलिए अगर आपका नजरिया 2 से 3 साल या उससे ज्यादा का है, तो इस गिरावट को एक बेहतरीन मौके के रूप में देखें और धीरे-धीरे (Sip के माध्यम से) खरीदारी शुरू कर सकते हैं।

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