Gold-Silver Price 19 October 2026: दिल्ली में सोना ₹1.47 लाख के पार, चांदी का भाव भी जानें
दिल्ली में 24 और 22 कैरेट सोने के भाव के साथ जानें चांदी की कीमत और खरीदारी से जुड़ी जरूरी बातें।
Gold-Silver Price 19 October 2026: त्योहारी सीजन और आगामी मांग के बीच भारतीय सर्राफा बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार हलचल देखने को मिल रही है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही आभूषणों, सिक्कों और बुलियन की खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों और निवेशकों की निगाहें सोने-चांदी के ताजा भावों पर टिकी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों के संकेत, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू त्योहारी मांग के चलते कीमती धातुओं के दाम उच्च स्तरों पर टिके हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्ध सोने की दर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार दर्ज की जा रही है, जबकि जेवराती सोने और चांदी की कीमतों में भी सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
Gold-Silver Price 19 October 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के दाम
दिल्ली के प्रमुख खुदरा सर्राफा बाजार में उपलब्ध नवीनतम बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने की दर 1,47,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रिकॉर्ड की गई है। वहीं, पारंपरिक आभूषण निर्माण में सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। सप्ताहांत के बाद सोमवार को भौतिक बाजार खुलने पर स्थानीय मांग और थोक सौदों के आधार पर हाजिर कीमतों में मामूली घट-बढ़ संभव है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सर्राफा संघ द्वारा जारी की जाने वाली ये दरें मानक बुलियन भाव होती हैं। जब आम ग्राहक किसी आभूषण विक्रेता के पास जाता है, तो अंतिम बिलिंग में तीन प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) और डिजाइनिंग के अनुसार लागू होने वाले मेकिंग चार्ज अलग से जोड़े जाते हैं। इसलिए खरीदारी के लिए घर से निकलने से पूर्व स्थानीय पंजीकृत ज्वैलर्स से उस दिन के शुद्ध हाजिर भाव की पुष्टि करना बजट प्रबंधन के लिए सबसे बेहतर रहता है।
22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की शुद्धता में क्या होता है बुनियादी अंतर?
आभूषणों की खरीदारी करते समय सोने के कैरेट और उसकी शुद्धता के अंतर को समझना वित्तीय दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है। 24 कैरेट सोने को 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है, जो अत्यधिक कोमल और लचीला होता है। इसकी इसी प्राकृतिक कोमलता के कारण इससे जटिल और बारीक नक्काशी वाले टिकाऊ जेवर बनाना संभव नहीं होता, जिसके चलते 24 कैरेट सोने का मुख्य उपयोग निवेश के लिए सोने के सिक्के, बार और बिस्कुट बनाने में ही किया जाता है।
इसके विपरीत, 22 कैरेट सोने में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और शेष 8.4 प्रतिशत हिस्से में तांबा, चांदी या जस्ता जैसी अन्य मजबूत धातुएं मिलाई जाती हैं। इस मिश्रण से धातु को आवश्यक मजबूती और लचीलापन मिलता है, जिससे वह दैनिक उपयोग में मुड़ती या टूटती नहीं है। यही कारण है कि 22 कैरेट सोने की कीमत 24 कैरेट से कम होती है और अधिकांश पारंपरिक हार, चूड़ियां, अंगूठियां और कंगन इसी मानक पर तैयार किए जाते हैं।
चांदी की कीमतों में स्थिरता: 2.29 लाख रुपये प्रति किलो के करीब कारोबार
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी त्योहारी और औद्योगिक मांग का गहरा असर देखा जा रहा है। घरेलू बाजार में चांदी का भाव लगभग 2,29,100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया है। चांदी की दरों में अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से स्थानीय ढुलाई शुल्क और व्यापारियों के कमीशन के आधार पर मामूली अंतर देखा जा सकता है।
चांदी की मांग वर्तमान समय में केवल पारंपरिक आभूषणों, लक्ष्मी-गणेश के सिक्कों और बर्तनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के सोलर पैनलों, इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में इसके बढ़ते औद्योगिक उपयोग ने भी कीमतों को निरंतर मजबूत आधार प्रदान किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सत्र में उपहार देने और पूजन सामग्री के रूप में चांदी की खुदरा मांग आने वाले दिनों में कीमतों को और सहारा दे सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख वैश्विक व घरेलू कारक
घरेलू सर्राफा बाजार में होने वाले मूल्य परिवर्तनों के पीछे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारण सक्रिय रहते हैं। वैश्विक स्तर पर लंदन बुलियन मार्केट और अमेरिकी कॉमेक्स (COMEX) में संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव सीधे तौर पर सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में स्थापित करते हैं। जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की खरीदारी में तेजी आ जाती है।
इसके अलावा भारत अपनी घरेलू खपत के लिए सोने और चांदी की आपूर्ति का बहुत बड़ा हिस्सा विदेशी स्रोतों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर में होने वाला कोई भी उतार-चढ़ाव सीधे आयात लागत को घटा या बढ़ा देता है। घरेलू धरातल पर धनतेरस, दीपावली और आगामी वैवाहिक लग्न के चलते स्थानीय खुदरा मांग का दबाव भी दैनिक दरों को मजबूती प्रदान करता है।
Gold-Silver Price 19 October 2026: जेवर खरीदते समय हॉलमार्क और बिल से जुड़ी अनिवार्य सावधानियां
सोने और चांदी के आभूषणों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्धारित नियमों के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। भारत सरकार के नियमों के तहत सोने के प्रत्येक गहने पर बीआईएस का त्रिकोणीय लोगो, शुद्धता का कैरेट अंकन और छह अंकों का अक्षरांकीय हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) कोड अंकित होना विधिक रूप से अनिवार्य है। इस कोड की प्रामाणिकता को ग्राहक ‘बीआईएस केयर’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी स्कैन करके सत्यापित कर सकते हैं।
खरीदारी पूरी होने पर आभूषण विक्रेता से हमेशा पक्का कंप्यूटर जनित इनवॉइस प्राप्त करें। बिल पर उस दिन लागू प्रति ग्राम दर, गहने का कुल वजन, उसमें जड़े गए नगों का पृथक वजन, शुद्ध सोने का वास्तविक भार, मेकिंग चार्ज और उस पर लागू तीन प्रतिशत जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। अलग-अलग शोरूमों में कारीगरी शुल्क आठ प्रतिशत से लेकर पच्चीस प्रतिशत तक भिन्न हो सकते हैं, इसलिए खरीदारी का अंतिम निर्णय लेने से पूर्व प्रतिष्ठित दुकानों के शुल्कों की तुलना करना हमेशा एक समझदारी भरा कदम साबित होता है।
Read More Here