Gold-Silver Price 18 October 2026: सोने-चांदी के भाव में हलचल, खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट गोल्ड का रेट
लखनऊ और दिल्ली में सोने-चांदी की कीमतें जानें, खरीदारी से पहले हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज भी जांचें
Gold-Silver Price 18 October 2026: त्योहारी सीजन और आगामी मांगलिक आयोजनों के चलते देश के सराफा बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों पर हलचल निरंतर बनी हुई है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी के आभूषणों, सिक्कों तथा बुलियन बार की खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों और निवेशकों की नजरें बाजार के ताजा रुझानों पर टिकी हुई हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सराफा बाजार में शनिवार को दर्ज किए गए संदर्भ आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत में मामूली बढ़त देखी गई थी और यह 14,781 रुपये प्रति ग्राम यानी 1,47,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई थी। वहीं, आभूषण निर्माण में सर्वाधिक लोकप्रिय 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव 13,550 रुपये प्रति ग्राम यानी 1,35,500 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके विपरीत चांदी की कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली थी, जहां भाव 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। सप्ताहांत में अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार बंद रहने और स्थानीय करों व मेकिंग चार्ज में अंतर होने के कारण खरीदारी से पूर्व स्थानीय पंजीकृत ज्वेलर से हाजिर भाव का मिलान करना श्रेयस्कर रहता है।
Gold-Silver Price 18 October 2026: लखनऊ और उत्तर प्रदेश में सोने और चांदी की स्थिति
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खुदरा सराफा बाजार में 17 अक्टूबर के कारोबारी सत्र के दौरान सोने की विभिन्न शुद्धता श्रेणियों में मजबूती दर्ज की गई थी। बाजार संकलनों के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्ध सोने की दर 1,47,810 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जिसमें पिछले दिन की तुलना में लगभग 220 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसी प्रकार पारंपरिक जेवर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 200 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त के साथ 1,35,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। हल्के और आधुनिक डिजाइन के आभूषणों में प्रयुक्त होने वाले 18 कैरेट सोने का भाव 1,10,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।
चांदी के कारोबार में शनिवार को विपरीत रुख देखा गया था। लखनऊ में चांदी की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट के साथ 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर दर्ज की गई। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और मेरठ जैसे प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी स्थानीय सराफा एसोसिएशनों द्वारा निर्धारित प्रीमियम और माल ढुलाई खर्च के आधार पर दरों में 100 से 300 रुपये का मामूली अंतर दिखाई देता है। रविवार को बड़े सराफा शोरूमों में त्योहारी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के बीच व्यापारी पिछले बंद भाव को ही प्रारंभिक आधार मानकर लेनदेन आगे बढ़ा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के दाम और बड़े ब्रांडों के रुझान
देश की राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में 17 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर दर्ज की गई थी। दिल्ली के थोक बाजार में 16 अक्टूबर के मुकाबले दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, यद्यपि अलग-अलग खुदरा ज्वैलर्स और बड़े कॉरपोरेट आभूषण ब्रांडों के शोरूम में दरों में भिन्नता देखने को मिली। प्रमुख राष्ट्रीय ज्वैलरी शृंखलाओं द्वारा त्योहारी मांग को देखते हुए अपने दैनिक कैटलॉग में कीमतों में हल्का समायोजन किया गया है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नोएडा और गुरुग्राम के बाजारों में भी शादी-ब्याह और उपहार देने के लिए सिक्कों की मांग में तेजी आई है। चूंकि प्रत्येक ब्रांड अपनी डिजाइनिंग, पॉलिशिंग और प्रीमियम पैकेजिंग के आधार पर अलग-अलग मेकिंग चार्ज तय करता है, इसलिए दिल्ली-एनसीआर के ग्राहकों को अंतिम बिलिंग राशि में प्रति 10 ग्राम कुछ अतिरिक्त अंतर का सामना करना पड़ सकता है।
सोने की कीमतों में निरंतर उतार-चढ़ाव के प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारक
भारतीय घरेलू बाजार में सोने के खुदरा भाव का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंजों, विशेष रूप से लंदन बुलियन मार्केट और अमेरिकी कॉमेक्स (COMEX) के वायदा सौदों से होता है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनने वाली उम्मीदें, वैश्विक मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक परिस्थितियां संस्थागत निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की लिवाली करने के लिए प्रेरित करती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग बढ़ती है, तो घरेलू आयात लागत स्वतः बढ़ जाती है।
इसके साथ ही, भारत अपनी कुल आवश्यकता का अधिकांश हिस्सा आयात करता है, जिसके कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर अत्यंत संवेदनशील भूमिका निभाती है। रुपये में किसी भी प्रकार की कमजोरी आयात को महंगा बना देती है, जिससे स्थानीय सराफा बाजारों में कीमतें बढ़ जाती हैं। त्योहारी मौसम में ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों से जेवराती मांग का दबाव बढ़ने के कारण स्थानीय सराफा कारोबारी भी आधार मूल्य पर दैनिक प्रीमियम जोड़ते हैं।
औद्योगिक खपत और चांदी के भाव में स्थिरता का गणित
सोने की तुलना में चांदी का बाजार दोहरा स्वरूप रखता है, जहां वह एक बहुमूल्य धातु होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चा माल भी है। वर्तमान समय में सौर ऊर्जा क्षेत्र में सोलर फोटोवोल्टिक पैनल्स, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, सेमीकंडक्टर चिप्स और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में चांदी की खपत अभूतपूर्व गति से बढ़ी है। इस मजबूत औद्योगिक मांग के चलते चांदी की वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर निरंतर दबाव बना रहता है।
लखनऊ में 17 अक्टूबर को चांदी में आई 100 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली नरमी को तकनीकी मुनाफावसूली के रूप में देखा जा रहा है। कमोडिटी जानकारों का मानना है कि किसी एक सत्र में आई मामूली गिरावट से दीर्घकालिक मंदी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि धनतेरस और दीपावली के दौरान पारंपरिक पूजा के बर्तनों, मूर्तियों और शुद्ध चांदी के सिक्कों की घरेलू खुदरा मांग चरम पर पहुंचने वाली है, जो कीमतों को निचला समर्थन प्रदान करेगी।
Gold-Silver Price 18 October 2026: हॉलमार्क, HUID और जेवर खरीदारी के समय अनिवार्य वित्तीय सावधानियां
सोने अथवा चांदी के आभूषण खरीदते समय आम उपभोक्ताओं को अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के कड़े नियमों के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित छह अंकों वाले अक्षरांकीय हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) के बिना सोने के जेवर बेचना पूर्णतः गैर-कानूनी है। आभूषण खरीदते समय उस पर अंकित बीआईएस त्रिभुज लोगो, शुद्धता का कैरेट अंकन और सूक्ष्म अक्षरों में दर्ज छह अंकों का एचयूआईडी कोड मैग्निफाइंग ग्लास से अवश्य सत्यापित करें।
इसके अतिरिक्त, ज्वेलर से अनिवार्य रूप से पक्का कंप्यूटर जनित इनवॉइस लें, जिस पर सोने का कुल वजन, उसमें जड़े गए पत्थरों या मोतियों का अलग से वजन, शुद्ध धातु का वजन, उस दिन की प्रति ग्राम लागू दर, कारीगरी शुल्क और उस पर लागू 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) का स्पष्ट ब्योरा दर्ज हो। चांदी के उत्पाद खरीदते समय भी 92.5 प्रतिशत शुद्धता (स्टर्लिंग सिल्वर) अथवा पारंपरिक 999 शुद्धता के सिक्कों का प्रमाणपत्र मांगना चाहिए। विभिन्न दुकानों पर मेकिंग चार्ज 8 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक भिन्न हो सकते हैं, अतः अंतिम भुगतान से पूर्व दो-तीन प्रतिष्ठित विक्रेताओं के कोटेशन की तुलना करना आर्थिक दृष्टि से हमेशा समझदारी भरा निर्णय होता है।
Read More Here
Greater Noida News: एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, दंपती और 3 बच्चों के शव मिले
Aaj Ka Mausam 17 October 2026: दिल्ली-NCR में थमेगी बारिश, दक्षिण भारत में भारी वर्षा का अलर्ट