Ghaziabad Kanwar Yatra: 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी, 300 सेवा शिविर और 12 अगस्त तक भारी वाहनों का डायवर्जन लागू
10 लाख श्रद्धालुओं की संभावना, 300 सेवा शिविर और 12 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू
Ghaziabad Kanwar Yatra: सावन 2026 के पावन महीने की शुरुआत के साथ ही संपूर्ण उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा की भव्यता और शिव भक्ति की लहर दिखाई देने लगी है। पवित्र तीर्थनगरी हरिद्वार और ब्रजघाट से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले लाखों शिवभक्तों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व तैयारियां पूरी कर ली हैं। ऐतिहासिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर को केंद्र मानकर इस वर्ष करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए 29 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक भारी मालवाहक वाहनों के लिए व्यापक रूट डायवर्जन योजना लागू कर दी गई है।
श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में कतार प्रबंधन और 300 सेवा शिविरों का जाल
प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, इस वर्ष जलाभिषेक के मुख्य दिवसों पर 10 लाख से अधिक कांवड़िये दूधेश्वरनाथ मंदिर में शीश नवाएंगे। मंदिर परिसर के बाहर भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था से बचने के लिए त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं ताकि कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक जलाभिषेक किया जा सके। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समीक्षा बैठकें आयोजित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं के विश्राम, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल के लिए जिले भर में लगभग 300 पंजीकृत सेवा शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और विश्राम के व्यापक प्रबंध रहेंगे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को कांवड़ मार्गों पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और खाद्य शिविरों में गुणवत्ता जांचने तथा दुकानदारों के पहचान पत्र प्रदर्शित कराने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं ताकि स्वच्छता व पवित्रता बनी रहे।
12 अगस्त तक लागू रहेगी भारी वाहनों की ट्रैफिक डायवर्जन योजना
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रोड, जीटी रोड और एनएच-9 जैसे व्यस्त मार्गों पर यातायात प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी मालवाहक वाहनों जैसे ट्रक, ट्रॉला, डीसीएम और बड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से होकर गुजारा जा रहा है।
इस विशेष डायवर्जन योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि हरिद्वार और मुजफ्फरनगर की ओर से आ रहे पैदल व डाक कांवड़ियों का मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित और निर्बाध रहे। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मोड़ों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय नागरिकों और हल्के वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक जाम से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
मुरादनगर गंग नहर घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेक निगरानी
हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों के लिए गाजियाबाद (Ghaziabad Kanwar Yatra) का मुरादनगर गंग नहर घाट एक प्रमुख पड़ाव और स्नान स्थल होता है। जल पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीमों को मुरादनगर गंग नहर पर अलर्ट पर रखा गया है। नहर के तेज बहाव में हादसों को रोकने के लिए गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) और मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई है। गोताखोरों की टीमें 24 घंटे मोटर बोट के साथ घाटों पर गश्त कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लिया गया है। जगह-जगह वॉच टावर स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक दूरबीन और नाइट-विजन उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में एलआईयू (LIU) और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रियल टाइम सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का एक समर्पित डिजिटल कंट्रोल रूम भी क्रियाशील कर दिया गया है।
Ghaziabad Kanwar Yatra: स्वास्थ्य एवं विद्युत विभाग का सतर्कता अभियान
शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एम्बुलेंसों और त्वरित चिकित्सा टीमों (QRT) को कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिविरों के समीप तैनात किया है। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष कांवड़ वार्ड आरक्षित किए गए हैं। दूसरी ओर, बिजली विभाग ने कांवड़ मार्गों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों, ढीले तारों और विद्युत खंभों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। खंभों को प्लास्टिक सीट से कवर किया गया है ताकि बारिश के मौसम में करंट उतरने का कोई खतरा न रहे।
जिला प्रशासन और पुलिस बल की इन समन्वित तैयारियों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि कांवड़ यात्रा 2026 बिना किसी बाधा के अत्यंत सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न होगी। आम नागरिकों और आस्थावान श्रद्धालुओं के सहयोग से गाजियाबाद में यह धार्मिक महापर्व अपनी भव्यता और प्रशासनिक कुशलता की नई मिसाल कायम करेगा।
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