Gen Z Makeup Trends: हैवी मेकअप को अलविदा, नेचुरल ग्लो का दौर, स्किनिमलिज्म और ग्लास-स्किन बने Gen-Z की पहली पसंद
Gen Z Makeup Trends: हैवी मेकअप को अलविदा, नेचुरल ग्लो का दौर, स्किनिमलिज्म और ग्लास-स्किन बने Gen-Z की पहली पसंद
Gen Z Makeup Trends: : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया बदलाव साफ दिख रहा है। हैवी फाउंडेशन, डार्क कंटूरिंग और आर्टिफिशियल फिनिशिंग की जगह अब नेचुरल ग्लो का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। खासकर Gen-Z भारी मेकअप से दूरी बना रही है और अपनी असली खूबसूरती को निखारना ज्यादा पसंद कर रही है। इसी बदलाव के बीच स्किनिमलिज्म और ग्लास-स्किन जैसे ट्रेंड खूब चर्चा में हैं। बेदाग और चमकदार त्वचा के लिए भारी मेकअप जरूरी नहीं है। बदलती लाइफस्टाइल और स्किन को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण महिलाएं अब मेकअप से ज्यादा स्किनकेयर पर ध्यान दे रही हैं।
नेचुरल ग्लो की तरफ क्यों बढ़ रही हैं महिलाएं
बीते कुछ समय में ब्यूटी की परिभाषा बदली है। पहले जहां परफेक्ट लुक के लिए मेकअप की कई परतें लगाई जाती थीं, वहीं अब हल्का और सहज दिखना पसंद किया जा रहा है। महिलाएं हैवी फाउंडेशन, डार्क कंटूरिंग और बनावटी फिनिश को पीछे छोड़ रही हैं।
Gen-Z इस बदलाव में सबसे आगे है। यह पीढ़ी अपनी असली त्वचा को छिपाने के बजाय उसे दिखाने में भरोसा करती है। यही वजह है कि अब मेकअप के बजाय सेहतमंद त्वचा पर जोर दिया जा रहा है।
हैवी मेकअप से क्या हैं नुकसान
हैवी मेकअप चेहरे की खूबसूरती तो बढ़ा देता है, लेकिन इसके नुकसान भी हैं। इससे त्वचा के पोर्स बंद हो सकते हैं। नतीजतन पिंपल्स और मुहांसों की समस्या बढ़ सकती है।
इसके अलावा उम्र से पहले झुर्रियां आने का खतरा भी रहता है। इन्हीं कारणों से अब महिलाएं मेकअप की परतें चढ़ाने के बजाय स्किनकेयर को प्राथमिकता दे रही हैं। अधिकतर Gen-Z इसी सोच के साथ स्किनिमलिज्म और ग्लास-स्किन ट्रेंड अपना रही है।
क्या है ‘स्किनिमलिज्म’ ट्रेंड
स्किनिमलिज्म का सीधा मतलब है ब्यूटी रूटीन को सरल रखना। इसमें कई तरह के प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के बजाय सिर्फ दो या तीन सबसे जरूरी और असरदार प्रोडक्ट्स चुने जाते हैं।
इस ट्रेंड को अपनाने वाली महिलाएं मोटी मेकअप लेयर की जगह त्वचा को स्वस्थ बनाने पर ध्यान देती हैं। हैवी फाउंडेशन की जगह टिंटेड मॉइस्चराइजर, बीबी क्रीम और लिप-चीक टिंट जैसे हल्के विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।
क्या होता है ‘ग्लास-स्किन’ ट्रेंड
ग्लास-स्किन ट्रेंड की शुरुआत कोरिया से हुई थी और अब यह दुनियाभर में लोकप्रिय हो चुका है। इसमें लक्ष्य ऐसी त्वचा पाना होता है, जो बेदाग, साफ और कांच जैसी चमकदार दिखे।
इस ट्रेंड को फॉलो करने वाली लड़कियां हैवी मेकअप के सहारे चमक लाने के बजाय त्वचा को गहराई से नमी देने पर जोर देती हैं। यानी चमक बाहर से लगाई नहीं जाती, बल्कि त्वचा की सेहत से आती है।
कम मेकअप और नेचुरल ग्लो के फायदे
कम मेकअप और नेचुरल ग्लो के कई फायदे बताए जा रहे हैं। कम प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से त्वचा के पोर्स सांस ले पाते हैं, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है।
ऑफिस, कॉलेज या आउटिंग में हल्का मेकअप सिंपल और सोबर लुक देता है। इसके अलावा अगर मेकअप थोड़ा खराब भी हो जाए, तो चेहरा काला या बेढंगा नहीं दिखता और नेचुरल ग्लो बना रहता है।
कैसे अपनाएं ये ट्रेंड
जो महिलाएं हैवी मेकअप से बचना चाहती हैं और नेचुरल ग्लो पाना चाहती हैं, वे स्किनिमलिज्म और ग्लास-स्किन दोनों ट्रेंड अपना सकती हैं। शुरुआत के लिए रूटीन में सिर्फ जरूरी प्रोडक्ट्स रखे जा सकते हैं।
इसके साथ त्वचा को पर्याप्त नमी देने पर ध्यान देना होगा। कोरियन स्किनकेयर से प्रेरित घरेलू नुस्खे और शीट मास्क भी आजकल खूब आजमाए जा रहे हैं। हालांकि त्वचा की जरूरत हर किसी की अलग होती है, इसलिए समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
हैवी मेकअप का दौर अब धीरे-धीरे पीछे छूट रहा है और उसकी जगह नेचुरल ग्लो ने ले ली है। स्किनिमलिज्म में दो-तीन जरूरी प्रोडक्ट्स से काम चलाया जाता है, जबकि ग्लास-स्किन में गहरी नमी से कांच जैसी चमक पाने की कोशिश होती है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. साहिल मंसूरी के अनुसार भारी मेकअप से पोर्स बंद होने, पिंपल्स और समय से पहले झुर्रियों का खतरा रहता है। यही वजह है कि Gen-Z मेकअप से ज्यादा स्किनकेयर को अहमियत दे रही है। कम मेकअप न सिर्फ त्वचा को फ्रेश रखता है, बल्कि रोजमर्रा के लिए सहज और सोबर लुक भी देता है।
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