Fake Ozempic Case: अमेरिका में दो भारतीयों पर नकली ओजेम्पिक बेचने का आरोप, चीन से मंगाकर सप्लाई करने का दावा

चीन से नकली Ozempic लाकर अमेरिका में बेचने का आरोप, दोषी पाए जाने पर 71 साल तक सजा

0

Fake Ozempic Case: वैश्विक स्तर पर टाइप-2 डायबिटीज और वजन घटाने के लिए अत्यधिक मांग में चल रही दवा ओजेम्पिक (Ozempic) के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कड़ा प्रहार किया है। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DOJ) ने चीन से नकली ओजेम्पिक की खेप हासिल कर उसे अमेरिकी दवा वितरण श्रृंखला में खपाने की साजिश रचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों के खिलाफ फ्लोरिडा की संघीय अदालत में आरोपपत्र (Indictment) दाखिल किया है।

आरोपियों की पहचान 33 वर्षीय स्वपनदीप रॉय और 37 वर्षीय विक्की रामंचा के रूप में हुई है। यह पूरा मामला अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) के आपराधिक जांच कार्यालय (OCI) की गहन पड़ताल के बाद सामने आया है। प्रत्यर्पण के बाद आरोपी स्वपनदीप रॉय को फ्लोरिडा के टाम्पा स्थित संघीय न्यायालय में पेश किया गया, जबकि उसका साथी विक्की रामंचा अभी भी कानून की पहुंच से बाहर है।

Fake Ozempic Case: चीन से आयात और अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्ते दामों में बिक्री

अमेरिकी अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, यह अवैध नेटवर्क जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 के दौरान सक्रिय था। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने चीन में मौजूद अनधिकृत और संदिग्ध निर्माताओं से बड़े पैमाने पर नकली ओजेम्पिक हासिल की। इसके बाद इस नकली माल को अमेरिकी थोक दवा वितरकों को असली उत्पाद की तुलना में काफी कम कीमत पर बेचा गया।

सस्ती दरों का लालच देकर अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला में इन नकली दवाओं को शामिल कराया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों का उद्देश्य असली दवा के ट्रेडमार्क और प्रतिष्ठा का अनुचित लाभ उठाकर भारी मुनाफा कमाना और मरीजों व स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ धोखाधड़ी करना था।

हूबहू असली जैसी पैकेजिंग, पेन लेबल्स और नीडल्स का इस्तेमाल

इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली केवल तरल दवा की आपूर्ति तक सीमित नहीं थी। अमेरिकी जांच अधिकारियों के अनुसार, दवा को असली प्रमाणित करने के लिए उसकी पैकेजिंग का अत्यंत पेशेवर तरीके से क्लोन तैयार किया गया था। डिब्बे, उसके भीतर मिलने वाले पर्चे (पैकेज इंसर्ट्स), ओजेम्पिक पेन पर लगने वाले लेबल्स और यहां तक कि इंजेक्शन नीडल्स भी पूरी तरह नकली तैयार की गई थीं।

नियामक अधिकारियों ने रेखांकित किया है कि जब नकली दवाओं को असली जैसी पैकेजिंग में प्रस्तुत किया जाता है, तो डॉक्टर, फार्मासिस्ट और मरीज उसके नकली होने का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं लगा पाते। प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के मामले में ऐसी धोखाधड़ी सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ मानी जाती है।

FDA की सार्वजनिक चेतावनियों के बावजूद बेखौफ चलता रहा गोरखधंधा

इस मामले की गंभीरता इस तथ्य से और बढ़ जाती है कि अमेरिकी एफडीए ने दिसंबर 2023 में ही नकली ओजेम्पिक की कुछ खेपों को जब्त कर व्यापक जनस्वास्थ्य चेतावनी जारी की थी। नियामक ने अस्पतालों, डॉक्टरों और जनता को अनधिकृत स्रोतों से दवा न खरीदने की हिदायत दी थी।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि संघीय नियामक संस्था की इस सार्वजनिक चेतावनी और जब्ती की कार्रवाई के बावजूद रॉय और रामंचा का यह सिंडिकेट रुका नहीं। उन्होंने अप्रैल 2024 तक अमेरिका के विभिन्न राज्यों में इस नकली दवा की आपूर्ति का सिलसिला बेखौफ जारी रखा। इसी निरंतरता को देखते हुए एफडीए के ऑफिस ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन्स ने इसे उच्च प्राथमिकता वाला आपराधिक मामला बनाकर जांच शुरू की।

इटली से प्रत्यर्पित होकर अमेरिका लाया गया स्वपनदीप रॉय

इस मामले के प्रमुख आरोपी स्वपनदीप रॉय की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल ने ‘रेड नोटिस’ जारी किया था। इसके आधार पर रॉय को इटली में सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। अमेरिका और इटली के बीच मौजूद प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अमेरिकी मार्शल सेवा ने रॉय को हिरासत में लिया और अमेरिका पहुंचाया।

29 सितंबर 2026 को स्वपनदीप रॉय को टाम्पा की संघीय अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान रॉय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक उसकी हिरासत और विधिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का आदेश दिया है। वहीं मामले का दूसरा मुख्य आरोपी विक्की रामंचा अभी भी फरार है और उसकी तलाश में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

दोष सिद्ध होने पर 71 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ संघीय कानूनों के तहत कई संगीन धाराएं लगाई गई हैं। इनमें नकली दवाओं की तस्करी करने की साजिश रचना, संयुक्त राज्य अमेरिका को धोखा देना, मिलावटी और गलत ब्रांडेड दवाओं को अंतरराज्यीय वाणिज्य में पेश करना तथा नकली दवाओं की अवैध बिक्री शामिल है।

अमेरिकी आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत यदि दोनों आरोपी अदालत में इन सभी आरोपों के लिए दोषी पाए जाते हैं, तो उनमें से प्रत्येक को अधिकतम 71 वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है। हालांकि यह संघीय कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम वैधानिक सीमा है और वास्तविक सजा का निर्धारण अदालत के न्यायाधीश द्वारा साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता के आधार पर किया जाएगा।

Fake Ozempic Case: ओजेम्पिक की वैश्विक कमी और अवैध सिंडिकेट्स का उभार

नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) कंपनी द्वारा बनाई जाने वाली ओजेम्पिक (सेमाग्लूटाइड) मूलतः टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है। किंतु हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर इसके वजन घटाने (Weight Loss) के चमत्कारी प्रभावों के प्रचारित होने के बाद दुनिया भर में इसकी मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है।

अत्यधिक मांग और वैश्विक स्तर पर इसकी सीमित आपूर्ति के चलते इसके ब्लैक मार्केट और नकली संस्करणों का धंधा तेजी से पनपा है। यूएस एफडीए के अनुसार नकली दवाओं में सही एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट (API) की कमी, दूषित रसायनों की मौजूदगी या गलत खुराक का भारी जोखिम होता है, जिससे मरीज हाइपोग्लाइसीमिया या गंभीर संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के क्रिमिनल डिवीजन ने साफ किया है कि देश की दवा आपूर्ति श्रृंखला की शुचिता को भंग करने वाले किसी भी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

Read more here

Jitiya Vrat 2026: नहाय-खाय से पारण तक जानें जितिया व्रत की सही तारीख, पूजा मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Budhwar Ganesh Ji Ke Upay: बुधवार को करें गणेश जी के ये विशेष उपाय, करियर से लेकर पारिवारिक क्लेश तक दूर होंगी बाधाएं

Aaj Ka Mausam 30 September 2026: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम

UIICL AO Recruitment 2026: एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के 225 पदों पर आवेदन की तारीख बढ़ी, 1 अक्टूबर तक कर सकेंगे अप्लाई

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.