Diploma Courses After 10th: 11वीं-12वीं के बिना बनाएं करियर, ये 5 कोर्स दिला सकते हैं अच्छी नौकरी और सैलरी
Diploma Courses After 10th: 11वीं-12वीं के बिना बनाएं करियर, ये 5 कोर्स दिला सकते हैं अच्छी नौकरी और सैलरी
Diploma Courses After 10th: 10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्स उन छात्रों के लिए अच्छा विकल्प बन सकते हैं, जो 11वीं-12वीं की पारंपरिक पढ़ाई के बजाय जल्दी अपने पैरों पर खड़े होना चाहते हैं। कम समय और कम बजट में ये कोर्स प्रैक्टिकल ज्ञान देकर छात्रों को सीधे जॉब मार्केट के लिए तैयार करते हैं।
इंजीनियरिंग, डिजिटल मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा के विकल्प मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि कोर्स पूरा करने वालों को शुरुआत में 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह तक की सैलरी मिल सकती है। हालांकि अपनी रुचि और बजट के हिसाब से सही कोर्स चुनना जरूरी है।
10वीं के बाद असमंजस और डिप्लोमा का विकल्प
10वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद छात्र और अभिभावक अक्सर दुविधा में पड़ जाते हैं कि आगे क्या किया जाए। ज्यादातर छात्र 11वीं और 12वीं में दाखिला ले लेते हैं।
लेकिन जो छात्र किसी खास स्किल में माहिर बनना चाहते हैं या जल्द रोजगार चाहते हैं, उनके लिए शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा कोर्स कारगर साबित हो सकते हैं। ये कोर्स छात्रों को केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रखते, बल्कि इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से हुनरमंद बनाते हैं। इसी वजह से 18-20 साल की उम्र में ही नौकरी के मौके मिलने लगते हैं।
पॉलीटेक्निक डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग
तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 3 साल का पॉलीटेक्निक डिप्लोमा सबसे लोकप्रिय विकल्पों में गिना जाता है।
कोर्स पूरा करने के बाद छात्र बी.टेक के दूसरे साल में लैटरल एंट्री ले सकते हैं। वे चाहें तो जूनियर इंजीनियर के रूप में नौकरी भी हासिल कर सकते हैं। यानी आगे पढ़ाई और रोजगार, दोनों रास्ते खुले रहते हैं।
डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग
ऑनलाइन और सोशल मीडिया के दौर में डिजिटल मार्केटिंग की मांग तेजी से बढ़ी है। 10वीं के बाद 6 महीने से 1 साल का यह कोर्स किया जा सकता है।
इसमें छात्र एसईओ, सोशल मीडिया हैंडलिंग, कंटेंट राइटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखते हैं। इसके बाद वे कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं या फ्रीलांसिंग के जरिए अपना काम शुरू कर सकते हैं।
डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट
टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं के लिए यह कोर्स फायदेमंद माना गया है। इसमें फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट और हाउसकीपिंग की ट्रेनिंग दी जाती है।
कोर्स के बाद देश और विदेश के बड़े होटलों में करियर बनाने का मौका मिलता है। हालांकि किसी खास होटल या देश में नौकरी की गारंटी उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइनिंग
जिन छात्रों में रचनात्मकता है और जिन्हें घर या ऑफिस सजाना पसंद है, उनके लिए इंटीरियर डिजाइनिंग में 1 से 2 साल का डिप्लोमा अच्छा विकल्प हो सकता है।
रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इंटीरियर डिजाइनरों की मांग बताई गई है। ऐसे में यह कोर्स रचनात्मक सोच वाले छात्रों को करियर की नई दिशा दे सकता है।
डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (DMLT)
हेल्थकेयर सेक्टर में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए DMLT या नर्सिंग असिस्टेंट जैसे पैरामेडिकल डिप्लोमा उपयोगी माने गए हैं।
इन कोर्स के बाद अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों में काम मिलने की संभावना रहती है।
पांच कोर्स एक नजर में
नीचे तालिका में कोर्स और उनकी अवधि का सार दिया गया है।
| डिप्लोमा कोर्स | अवधि | कहां मिल सकता है काम |
|---|---|---|
| पॉलीटेक्निक (इंजीनियरिंग) | 3 साल | जूनियर इंजीनियर, बी.टेक में लैटरल एंट्री |
| डिजिटल मार्केटिंग | 6 महीने से 1 साल | कंपनियां, फ्रीलांसिंग |
| होटल मैनेजमेंट | उपलब्ध जानकारी में नहीं | देश-विदेश के होटल |
| इंटीरियर डिजाइनिंग | 1 से 2 साल | रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन |
| DMLT | उपलब्ध जानकारी में नहीं | अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर |
करियर स्कोप और शुरुआती सैलरी
डिप्लोमा कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को शुरुआत में 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह तक की सैलरी मिल सकती है। अनुभव और प्रैक्टिकल स्किल बढ़ने के साथ आमदनी भी बढ़ने की बात कही गई है।
सैलरी का स्तर संस्थान, शहर, कंपनी और छात्र की स्किल पर निर्भर करेगा। इसलिए इन आंकड़ों को शुरुआती अनुमान की तरह ही देखना चाहिए।
कोर्स चुनते समय क्या रखें ध्यान
कोई भी डिप्लोमा चुनने से पहले अपनी रुचि, बजट और भविष्य के लक्ष्य को परखना जरूरी है। संस्थान की मान्यता, कोर्स की फीस और प्लेसमेंट की स्थिति की जानकारी पहले से जुटा लेनी चाहिए।
माता-पिता और छात्र को मिलकर तय करना चाहिए कि आगे पढ़ाई जारी रखनी है या जल्द नौकरी करनी है। सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला आगे चलकर बेहतर नतीजे दे सकता है।
10वीं के बाद 11वीं-12वीं ही एकमात्र रास्ता नहीं है। पॉलीटेक्निक, डिजिटल मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग और DMLT जैसे डिप्लोमा कम समय में हुनर सिखाकर रोजगार का रास्ता खोल सकते हैं। शुरुआती सैलरी 15,000 से 25,000 रुपये तक बताई गई है, जो अनुभव के साथ बढ़ सकती है। छात्र अपनी रुचि, बजट और संस्थान की मान्यता देखकर ही कोर्स चुनें।
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