Nepal Flood News: तिब्बत से आई विनाशकारी बाढ़ से नेपाल के रसुवा में भीषण तबाही, टिमुरे बाजार और सीमा भन्सार कार्यालय बहे, सैकड़ों वाहन जलमग्न
टिमुरे बाजार और सीमा भन्सार कार्यालय बहे, सैकड़ों वाहन जलमग्न, सेना तैनात
Nepal Flood News: तिब्बत (चीन) के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से अचानक आए जलप्रलय और मलबे के भीषण प्रवाह ने नेपाल के सीमावर्ती रसुवा जिले में अभूतपूर्व तबाही मचाई है। लेन्दे खोला और भोटेकोशी नदी के उफान पर आने से भारत-नेपाल-चीन व्यापार के महत्वपूर्ण केंद्र टिमुरे बाजार, रसुवागढ़ी कस्टम (भन्सार) क्षेत्र और आसपास की मानव बस्तियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अचानक आए इस जलसैलाब में दो प्रमुख सीमावर्ती बाजार तबाह हो गए हैं, जबकि सैकड़ों मालवाहक गाड़ियां, कंटेनर और बुनियादी ढांचा पानी के तेज बहाव में बह गया है।
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीमावर्ती व्यापारिक क्षेत्र में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों और श्रमिकों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ के विकराल रूप को देखते हुए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमों को हाई अलर्ट पर रखकर बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। काठमांडू से प्रभावित क्षेत्रों के लिए आपातकालीन हेलीकॉप्टर रवाना किए गए हैं और सीमावर्ती इलाकों में लगातार सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
Nepal Flood News: सुबह 9 बजे अचानक आया जलसैलाब, टिमुरे बाजार और नवनिर्मित पुल पानी में विलीन
जिला पुलिस कार्यालय रसुवा से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह भीषण प्राकृतिक आपदा बुधवार सुबह करीब नौ बजे घटित हुई। तिब्बत की तरफ ग्लेशियर टूटने या किसी हिमनद झील (GLOF) के फटने के कारण नदी में अचानक पानी और बोल्डर का भारी प्रवाह शुरू हुआ। चंद मिनटों के भीतर भोटेकोशी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बाढ़ के प्रचंड वेग ने टिमुरे स्थित सीमा शुल्क कार्यालय और उससे सटे दो बाजारों को अपने आगोश में ले लिया। पिछले साल आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के बाद हाल ही में बनकर तैयार हुआ महत्वपूर्ण मोटररेबल पुल भी इस तेज बहाव में पूरी तरह बह गया है। सीमा नाके पर चीन से आयातित सामानों से लदे सैकड़ों कंटेनर ट्रक और निजी वाहन ताश के पत्तों की तरह पानी में तैरते और बहते देखे गए, जिससे सीमावर्ती व्यापार को भारी आर्थिक झटका लगा है।
पुलिस चौकियों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी क्षति, नुवाकोट तक पहुंचा पानी
नेपाल पुलिस प्रधान कार्यालय के अनुसार, बाढ़ के सीधे रास्ते में आने के कारण सुरक्षा बलों के तीन प्रमुख कार्यालय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी शामिल हैं। बाढ़ का पानी इन चौकियों के भीतर घुसने से संचार उपकरण और सरकारी दस्तावेज नष्ट हो गए हैं, हालांकि जवानों को समय रहते सुरक्षित निकालने के प्रयास किए गए।
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के कारण निचले तटीय इलाकों में संचालित कई प्रमुख जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाओं के बांधों और बिजली घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पानी का यह विकराल प्रवाह अब पड़ोसी नुवाकोट जिले तक पहुंच गया है, जहां त्रिशूली नदी के किनारे स्थित बस्तियों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। नुवाकोट जिला प्रशासन ने नदी तट के नजदीक रहने वाले नागरिकों को ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
काठमांडू से चार जिलों का संपर्क टूटा, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई
आपदा की गंभीरता और आगे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय ने त्वरित एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक नरेशराज सुवेदी के अनुसार, काठमांडू की घाटी से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ की ओर जाने वाले सभी प्रकार के यात्री और मालवाहक वाहनों को काठमांडू के निकास बिंदुओं पर ही रोक दिया गया है।
पहाड़ी राजमार्गों पर कई स्थानों पर सड़कें बह जाने और भूस्खलन होने के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। सड़क संपर्क टूटने से राहत एवं बचाव सामग्री को जमीनी रास्ते से पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बन गया है, जिसके चलते प्रशासन अब हवाई मार्ग पर अधिक निर्भर हो रहा है।
सेना के हेलीकॉप्टर तैनात: प्रधानमंत्री कार्यालय ने निजी एविएशन कंपनियों को किया अलर्ट
आपदा प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित राहत सामग्री पहुंचाने और फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए नेपाली सेना ने अपने दो अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर रसुवा के लिए रवाना कर दिए हैं। सेना के प्रवक्ता एवं ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने पुष्टि की कि दोनों हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्रों में हवाई रेकी और राहत कार्यों में जुट गए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिवालय ने देश की सभी वाणिज्यिक और निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को ‘स्टैंडबाय’ मोड में रहने का निर्देश जारी किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मेडिकल टीमों और खोज दस्तों को सीमावर्ती बीहड़ इलाकों में एयरड्रॉप किया जा सके। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा बल लापता लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटे हैं, जबकि अस्पतालों को इमरजेंसी मोड पर रखा गया है।
Nepal Flood News: हिमालयी क्षेत्र में बढ़ता जलवायु संकट और ट्रांस-बाउंड्री आपदा प्रबंधन की चुनौती
भू-वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते वैश्विक तापमान के चलते तिब्बती पठार और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हिमनद झीलें तेजी से अस्थिर हो रही हैं। सीमा पार से आने वाली ऐसी अचानक बाढ़ (Flash Floods) ट्रांस-बाउंड्री आपदा का रूप ले लेती हैं, जहां पूर्व चेतावनी प्रणाली का अभाव भारी जान-माल के नुकसान का कारण बनता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल और चीन के बीच वास्तविक समय में हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने और पूर्व चेतावनी तंत्र को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है। वर्तमान में नेपाल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालना, घायलों का उपचार करना और बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित करना है। आने वाले घंटों में पानी का स्तर घटने के बाद ही वास्तविक जनहानि और भौतिक नुकसान का सटीक आकलन सामने आ सकेगा।
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