दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि
Delhi University 103rd Convocation: दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि
Delhi University 103rd Convocation: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर 2026 को आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस बार कुल 92,466 छात्रों को डिग्री दी जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार छात्रों को उसी साल डिग्री मिलेगी, जिस साल वे अपना कोर्स पूरा करेंगे। इससे आगे की पढ़ाई और नौकरी के लिए आवेदन करने में आसानी होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह कब होगा और मुख्य अतिथि कौन होंगे?
दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। कुलपति योगेश सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। हजारों छात्र इस दिन अपनी डिग्री हासिल करेंगे। समारोह में गोल्ड मेडल और अन्य पुरस्कार भी दिए जाएंगे। यह आयोजन विश्वविद्यालय के लिए खास है क्योंकि अब डिग्री देने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। छात्रों को समय पर डिग्री मिलने से आगे की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
कितने छात्रों को डिग्री दी जाएगी?
विश्वविद्यालय के अनुसार कुल 92,466 छात्रों को डिग्री दी जाएगी। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों के छात्र शामिल हैं। स्नातक स्तर पर 85,231 छात्रों को डिग्री मिलेगी। स्नातकोत्तर स्तर पर 7,235 छात्रों को डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा 400 से अधिक पीएचडी शोधार्थियों को भी डिग्री प्रदान की जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को एक साथ डिग्री मिलना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। समारोह में इन सभी की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।
मेधावी छात्रों को कौन-कौन से मेडल और पुरस्कार मिलेंगे?
दीक्षांत समारोह में पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से 163 गोल्ड मेडल, एक सिल्वर मेडल और 34 विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। ये पुरस्कार अलग-अलग पाठ्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मिलेंगे। मेधावी छात्रों की उपलब्धियों को इस तरह सम्मानित किया जाएगा। गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले छात्र अपनी मेहनत का फल इस दिन देख सकेंगे।
डिग्री देने की प्रक्रिया में क्या बदलाव किया गया है और क्यों?
दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली बार छात्रों को उसी साल डिग्री दी जाएगी, जिस साल वे अपना कोर्स पूरा करेंगे। कुलपति योगेश सिंह के अनुसार छात्रों को कोर्स पूरा करने के बाद जल्द डिग्री देने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। कई बार डिग्री मिलने में देरी होने से छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करने या नौकरी पाने में परेशानी होती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य इस देरी को कम करना है। इससे छात्रों को समय पर डिग्री मिल सकेगी और वे आगे की पढ़ाई या रोजगार से जुड़ी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकेंगे।
समारोह की तैयारियां कैसे चल रही हैं?
दिल्ली विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक भी हुई है। इसमें रजिस्ट्रार विकास गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह तुतेजा और अन्य समितियों के प्रमुख शामिल हुए। 20 नवंबर को होने वाले इस समारोह में छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि अब छात्रों को कोर्स पूरा करने के बाद उसी साल डिग्री देने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को अमित शाह की मौजूदगी में होगा। 92,466 छात्रों को डिग्री मिलेगी और मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। पहली बार उसी साल डिग्री देने की व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और नौकरी में आसानी होगी।
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