Crispy Papdi Chaat Recipe: घर पर खस्ता पापड़ी चाट बनाएं, शाम की चाय के साथ बाजार वाली चाट भूल जाएंगे
Crispy Papdi Chaat Recipe: शाम के नाश्ते के लिए घर पर पापड़ी चाट बनाना आसान है। सही मोयन और चटनी से खस्ता और चटपटी चाट तैयार करें, स्वाद ठेले से बेहतर लगेगा।
Crispy Papdi Chaat Recipe: शाम की चाय जब तैयार हो और मन कुछ कुरकुरा, खट्टा-मीठा और तीखा मांगे, तब पापड़ी चाट सबसे आसान जवाब बन जाती है। स्ट्रीट फूड की पहचान यही डिश है। कुरकुरी पापड़ी, फेंटा हुआ दही, हरी चटनी और इमली की खट्टी-मीठी चटनी मिलकर थकान उतार देती है। कई लोग कहते हैं कि घर की पापड़ी बाजार जैसी खस्ता नहीं निकलती। वजह अक्सर गलत मोयन या तेज आंच पर तलना होता है। सही अनुपात और धीमी आंच से घर पर भी ठेले जैसी चाट बन सकती है। मैदा, सूजी और अजवाइन से पापड़ी तैयार करें। ऊपर उबले आलू, चने, दही और मसाले डालें। सेव, धनिया और अनार से सजाएं। ताजा खाएं तो स्वाद सबसे अच्छा रहता है।
Crispy Papdi Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में पापड़ी चाट क्यों पसंद आती है
दिन भर की भागदौड़ के बाद चाय के साथ हल्का लेकिन जायकेदार नाश्ता चाहिए होता है। पापड़ी चाट भरपेट भी लगती है और भारी भी नहीं पड़ती। खटास, मिठास और तीखापन एक साथ आता है। मन तरोताजा लगता है। घर पर बनाने से तेल और मिर्च का हिसाब अपने हाथ में रहता है। मेहमान आ जाएं तो प्लेट सजाने में भी देर नहीं लगती।
पापड़ी के लिए कौन सी सामग्री रखें
पापड़ी के आटे में एक कप मैदा लें। दो चम्मच सूजी डालें, इससे खस्तापन बढ़ता है। आधा छोटा चम्मच अजवाइन और स्वाद अनुसार नमक मिलाएं। मोयन के लिए दो चम्मच तेल काफी है। तलने के लिए अलग से तेल रखें। आटा थोड़ा सख्त गूंथना है, नरम आटे से पापड़ी नरम रह जाती है। गुनगुना पानी धीरे-धीरे डालें।
मैदा, सूजी, अजवाइन, नमक और तेल अच्छी तरह मिलाएं। मुट्ठी में दबाने पर आटा बंधे तो मोयन ठीक है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। पंद्रह मिनट ढककर रख दें। छोटी लोई बनाकर पतली पूरी बेलें। कांटे से छेद कर दें। छेद न हो तो पापड़ी फूल जाती है और खस्ता कम रहती है।
पापड़ी तलने में क्या ध्यान रखें
तेल धीमी आंच पर गरम करें। तेज आंच पर ऊपर से रंग आ जाता है और अंदर कच्चा रह जाता है। पापड़ी हल्के सुनहरे रंग तक तलें। कुरकुरापन तभी आता है जब तेल का तापमान स्थिर रहे। निकालकर पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। ठंडी पापड़ी ही चाट में इस्तेमाल करें। गरम पापड़ी पर दही डालने से वोगिल हो जाती है।
दो उबले आलू छोटे टुकड़ों में काट लें। आधा कप उबले काले चने या मटरा रखें। एक कप गाढ़ा दही लें और एक चम्मच चीनी डालकर फेंट लें। आधा कप हरी धनिया-पुदीना चटनी और आधा कप इमली की खट्टी-मीठी चटनी तैयार रखें। भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च, चाट मसाला और काला नमक पास में रखें। सेव, हरा धनिया और अनार के दाने garnishing के काम आएंगे।
प्लेट में पापड़ी कैसे बिछाएं
बड़ी प्लेट में छह से आठ पापड़ी फैला दें। एक के ऊपर एक न रखें, नहीं तो नीचे वाली भीग जाएगी। ऊपर कटे आलू और चने बराबर मात्रा में डालें। हर पापड़ी तक सामग्री पहुंचे तो हर बाइट में स्वाद मिलेगा। ज्यादा गीला मिश्रण एक साथ न डालें। परत दर परत डालना बेहतर रहता है।
पहले फेंटा हुआ मीठा दही फैलाएं। दही गाढ़ा होना चाहिए, पतला दही पापड़ी को जल्दी गला देता है। इसके बाद हरी चटनी डालें। तीखापन कम चाहिए तो मात्रा घटा दें। फिर इमली की चटनी डालें। खटास और मिठास का संतुलन इसी परत से बनता है। चटनी पापड़ी के किनारे तक पहुंचे तो स्वाद पूरा आता है।
मसाले कब और कितने डालें
दही और चटनी के बाद भुना जीरा पाउडर छिड़कें। एक चम्मच के आसपास काफी है। आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें। एक चम्मच चाट मसाला और थोड़ा काला नमक स्वाद के हिसाब से लगाएं। मसाले ऊपर से ही डालें। आटे में पहले से नमक होता है, इसलिए काला नमक संभलकर डालें। ज्यादा मसाला कड़वाहट ला सकता है।
आखिर में बारीक सेव या भुजिया अच्छी मात्रा में डालें। कुरकुरापन बनाए रखने के लिए सेव सबसे अंत में लगाना सही है। कटा हरा धनिया ताजगी देता है। अनार के दाने खटास और रंग दोनों बढ़ाते हैं। तुरंत परोसें। देर तक रखने पर पापड़ी नरम हो जाती है और चाट का मजा कम हो जाता है।
साफ तेल, ताजी चटनी और गाढ़ा दही घर की सबसे बड़ी ताकत है। ठेले पर कभी-कभी पापड़ी बासी या दही पतला मिल जाता है। घर पर आलू और चने का आकार अपने हिसाब से रख सकते हैं। मिर्च कम-ज्यादा करना आसान है। बच्चों के लिए तीखी चटनी अलग रखी जा सकती है। मेहमानों के सामने प्लेट सजाना भी आसान रहता है।
Crispy Papdi Chaat Recipe: आम गलतियां जिनसे बचा जाए
आटा ज्यादा नरम गूंथने से पापड़ी खस्ता नहीं बनती। तेल बहुत गरम हो तो रंग जल्दी गहरा हो जाता है। दही बिना फेंटे डालने से गांठें रह जाती हैं। पापड़ी पर बहुत पहले चटनी डालकर छोड़ देने से वोगिल हो जाती है। सेव पहले डालने से भीगी सेव का स्वाद खराब लगता है। हर परत का समय सही रखना जरूरी है।
शाम की चाय के साथ पापड़ी चाट तब यादगार बनती है जब पापड़ी सच में कुरकुरी हो और चटनी ताजी हो। मैदा-सूजी का सही मोयन, धीमी आंच पर तलना और दही-चटनी का संतुलन यही तीन बातें स्वाद तय करती हैं। आलू, चने, मसाले और सेव से प्लेट भर जाती है। बाजार जाने की जरूरत तब कम पड़ती है जब रसोई में यही मिश्रण तैयार हो। गरमागरम चाय के साथ तुरंत परोसें। बचे हुए पापड़ी को अलग डिब्बे में रखें और चाट बनाते समय ही सजाएं। स्वाद तब तक बना रहता है जब तक पापड़ी खस्ता रहे।
Read More Here:-
Weight Loss Tips: चाय पीकर भी होगा वेट लॉस, बस बनाते वक्त मिला दें ये 1 चीज, पेट की चर्बी भी होगी कम