Charkhi Dadri Firing: पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रोहित कातिया गिरफ्तार, सात युवकों पर की थी फायरिंग
Charkhi Dadri Firing: रोहित कातिया पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
Charkhi Dadri Firing: चरखी दादरी में सिटी थाना के ठीक सामने दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शुक्रवार को पुलिस ने इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी रोहित कातिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह मुठभेड़ बौंलकलां के निकट हुई, जहां पुलिस टीम और आरोपी का सीधा आमना-सामना हो गया। गुरुवार को हुई इस घटना में रोहित कातिया ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार सात युवकों पर करीब 30 राउंड फायरिंग की थी, जिसमें सभी युवक घायल हो गए थे। इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग मामले ने इलाके में दहशत फैला दी थी, और तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
Charkhi Dadri Firing: दिनदहाड़े थाने के सामने हुई थी फायरिंग
चरखी दादरी शहर के सिटी थाना के ठीक सामने गुरुवार को हुई इस फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया था। पुलिस थाने के सामने इस तरह की सनसनीखेज घटना होने से यह मामला और भी गंभीर माना जा रहा था। आरोप है कि हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया और थाने के ठीक सामने होने के बावजूद बेखौफ होकर गोलियां चलाईं। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया था।
स्कॉर्पियो सवार सात युवकों पर की गई फायरिंग
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, रोहित कातिया ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गुरुवार को सिटी थाना के सामने से गुजर रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार सात युवकों को निशाना बनाया। आरोपियों ने गाड़ी पर करीब 30 राउंड फायरिंग की, जिससे गाड़ी में सवार सभी सातों युवक घायल हो गए। घायलों में से कई युवकों की हालत गंभीर बताई गई थी, जिसके चलते उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इतनी बड़ी संख्या में राउंड फायर किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि हमलावरों की मंशा बेहद खतरनाक थी और वे किसी भी हाल में अपने निशाने को नुकसान पहुंचाना चाहते थे।
हमलावरों का मुख्य निशाना कौन था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हमलावरों का मुख्य निशाना अमित फतेहगढ़ियां था। हालांकि गाड़ी में सवार अन्य छह युवक भी गोलीबारी की चपेट में आ गए, जिससे यह हमला और भी व्यापक असर वाला बन गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों और अमित फतेहगढ़ियां के बीच किस तरह की रंजिश या विवाद था, जिसके चलते इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां इस एंगल पर गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि हमले के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
घटना के बाद से जारी थी लगातार छापेमारी
फायरिंग की घटना सामने आने के तुरंत बाद से ही जिला पुलिस, क्राइम ब्रांच और अन्य विशेष टीमों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू कर दिया था। कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं, ताकि आरोपी जल्द से जल्द पकड़ में आ सकें। पुलिस इस दौरान संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के घरों पर भी नजर बनाए हुए थी। इसी सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी रोहित कातिया बौंलकलां क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई।
Charkhi Dadri Firing: बौंलकलां के पास हुई पुलिस मुठभेड़
पुलिस को मिली सूचना के आधार पर एक विशेष टीम बौंलकलां क्षेत्र में पहुंची और आरोपी रोहित कातिया को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान पुलिस और आरोपी के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने पूरी सतर्कता और रणनीति के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही समय में आरोपी को काबू में कर लिया गया। इस मुठभेड़ के बाद रोहित कातिया को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया, जहां उससे फायरिंग की घटना से जुड़े कई अहम सवाल पूछे जा रहे हैं।
Charkhi Dadri Firing: अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी
पुलिस के अनुसार इस फायरिंग कांड में रोहित कातिया के अलावा दो अन्य साथी भी शामिल थे, जो अब तक फरार बताए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि शेष दोनों आरोपियों तक पहुंचना भी अब आसान हो जाएगा। पुलिस टीमें रोहित कातिया से मिली जानकारी के आधार पर उसके साथियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में जुट गई हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में हथियारों के स्रोत, फायरिंग में इस्तेमाल हुए वाहन और साजिश की पूरी कड़ी का भी पता लगाने में लगी हैं।
कुल मिलाकर, चरखी दादरी में थाने के सामने हुई इस सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस को मुख्य आरोपी रोहित कातिया की गिरफ्तारी के रूप में बड़ी सफलता मिली है। हालांकि दो अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं पुलिस की सक्रियता से आम जनता में भरोसा भी बढ़ा है। आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान इस वारदात के पीछे की असली वजह और साजिश के तार सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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