Bihar Sugar Mills: बिहार में चीनी उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम मोदी रखेंगे दो नई चीनी मिलों की आधारशिला

Bihar Sugar Mills: बिहार में चीनी उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम मोदी रखेंगे दो नई चीनी मिलों की आधारशिला

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Bihar Sugar Mills: बिहार में कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी कड़ी में आगामी 20 नवंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रैयाम में दो नई चीनी मिलों की आधारशिला रखेंगे। इन दोनों इकाइयों के शुरू होने से न सिर्फ इस क्षेत्र के किसानों को उनके गन्ने का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों के भीतर पूरे प्रदेश में कुल 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे राज्य के औद्योगिकीकरण को तीव्र गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

Bihar Sugar Mills: बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने की योजना

बिहार सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य भर में बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने और नई इकाइयां लगाने की कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के संसाधनों को बढ़ावा देना और गन्ना आधारित उद्योगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के अनुसार, सकरी और रैयाम की इन दोनों चीनी मिलों का संचालन पूरी तरह से सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा। सरकार के इन ठोस प्रयासों से यह साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से हासिल करने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।

निवेश प्रोत्साहन नीति और किसानों के लिए नई उम्मीदें

बिहार सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति के बाद से राज्य में देश भर के निवेशकों की रुचि काफी तेजी से बढ़ी है। इस नई नीति का मुख्य प्रभाव चीनी उत्पादन के साथ-साथ इथेनॉल और अन्य सहायक गन्ना आधारित उद्योगों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने में देखा जा रहा है। सरकार किसानों को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई कल्याणकारी कदम उठा रही है, जिसके तहत उन्हें 45 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत गन्ने के बीज भी मुहैया कराए जा रहे हैं, ताकि खेतों में पैदावार और उत्पादकता दोनों के स्तर को और अधिक ऊंचाई पर पहुंचाया जा सके।

Bihar Sugar Mills: गन्ना विकास योजनाएं और आधुनिक शुगर कॉम्प्लेक्स का स्वरूप

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने इस दिशा में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के लिए मुख्यमंत्री गन्ना बीज विकास योजना और यांत्रिकीकरण जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही नई चीनी मिल क्षेत्रों में विशेष रूप से गन्ना विस्तार अभियान का संचालन किया जा रहा है और राष्ट्रीय स्तर के तीन प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ करार भी किए गए हैं। बिहार में स्थापित होने वाली इन सभी नई चीनी मिलों को आधुनिक शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां चीनी के अलावा सह-उत्पाद के रूप में इथेनॉल, बिजली और बायोगैस का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। यह एकीकृत दृष्टिकोण औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

Bihar Sugar Mills: गोपालगंज और सारण जिले में मिलों के पुनरुद्धार के प्रयास

सरकार केवल नए प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरानी इकाइयों को भी पटरी पर लाने के लिए लगातार वित्तीय और प्रशासनिक मदद मुहैया करा रही है। इसी क्रम में गोपालगंज की सासामुसा चीनी मिल को फिर से सुचारू रूप से चालू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 43 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। वहीं दूसरी तरफ, सारण जिले की मढ़ौरा चीनी मिल से जुड़े पुराने विवादों को भी कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जल्द से जल्द सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मोतीपुर की बंद पड़ी चीनी मिल की लगभग 266 एकड़ जमीन को वापस अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया को भी सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई है, ताकि भविष्य में वहां नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स लगाए जा सकें।

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