Bihar News: गोपालगंज में पूर्व थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी और बिचौलिया गिरफ्तार, अवैध हिरासत व उगाही का आरोप
36 घंटे अवैध हिरासत में रखने और रिहाई के बदले पैसे वसूलने का आरोप
Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। जादोपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष अनिल राम समेत तीन पुलिसकर्मियों और एक स्थानीय बिचौलिए को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी पर आम नागरिकों को बिना किसी प्राथमिकी या कानूनी प्रक्रिया के अवैध रूप से थाने में हिरासत में रखने और उनकी रिहाई के एवज में मोटी रकम ऐंठने के संगीन आरोप लगे हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी के कड़े रुख और त्वरित जांच आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है। चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए विभाग ने तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम के साथ-साथ पुलिस चौकीदार महंत कुमार यादव, पुलिस का अनुबंधित चालक राकेश कुमार और बिचौलिया राजू यादव शामिल हैं। जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में विभाग पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।
Bihar News: 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा, झूठे केस की धमकी देकर ऐंठे पैसे
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पक्ष ने 16 अगस्त को पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी से सीधे मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जादोपुर थाना पुलिस ने कुछ निर्दोष लोगों को बिना किसी लिखित शिकायत, सनहा या प्राथमिकी के जबरन उठाकर थाने में बंद कर रखा है। एसपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। डीएसपी ने 18 अगस्त को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी, जिसमें शिकायत में लगाए गए सभी आरोप सत्य पाए गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 14 और 15 अगस्त की दरमियानी रात पुलिस टीम ने जीतन राम, विजय राम, शंकर राम, एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को अवैध रूप से हिरासत में लिया था। इन लोगों को लगभग 36 घंटे तक बिना किसी लिखापढ़ी के थाने परिसर में रोके रखा गया। इस दौरान उन्हें गंभीर आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई और बिचौलिए के माध्यम से रिहाई के बदले अलग-अलग किश्तों में पैसों की मांग की गई।
बिचौलिए और चौकीदार के जरिए वसूले गए लाखों रुपये
पुलिस जांच में वसूली के तरीकों का भी पर्दाफाश हुआ है। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बिचौलिये राजू यादव के माध्यम से एक पीड़ित पक्ष से 50 हजार रुपये की मांग की गई और रकम मिलने पर ही रिहाई की गई। इसी तरह, हिरासत में रखी गई महिला और उसकी नाबालिग बेटी को छोड़ने के लिए चौकीदार महंत कुमार यादव के जरिए 75 हजार रुपये वसूले गए। एक अन्य व्यक्ति लव कुश का नाम संभावित केस से हटाने और कार्रवाई न करने के नाम पर 55 हजार रुपये ऐंठे गए।
एसपी विनय तिवारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार शाम को ही त्वरित गिरफ्तारी के आदेश जारी किए। पुलिस टीम ने दबिश देकर पूर्व थानाध्यक्ष, चौकीदार, चालक और बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद तीनों पुलिसकर्मियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
Bihar News: विभागीय जांच शुरू, पीड़ितों की सुरक्षा और जनविश्वास बहाली पर जोर
गोपालगंज पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे के साथ-साथ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पीड़ित महिला, उसकी नाबालिग बच्ची और अन्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए जा रहे हैं और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।
इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी नागरिक के साथ गैर-कानूनी व्यवहार या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिक अपनी किसी भी शिकायत के लिए जिला पुलिस के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों या सीधे कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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