Bihar MLC Election: सबसे पहले उम्मीदवार उतारेगी जन सुराज, सारण-तिरहुत में लगभग फाइनल हुए टिकट
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सबसे पहले उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। जानें किन सीटों पर टिकट फाइनल हुए।
Bihar MLC Election: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधान परिषद की 8 एमएलसी सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने ऐसी तेजी दिखाई है कि एनडीए और महागठबंधन, दोनों खेमों में हलचल मच गई है। सवाल यह है कि आखिर पीके की पार्टी किस रणनीति के तहत बाकी सभी दलों से पहले कैंडिडेट लिस्ट जारी करने की तैयारी में जुटी है?
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की इन 8 सीटों पर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया जन सुराज में तेजी से आगे बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक सारण और तिरहुत में पार्टी के टिकट लगभग फाइनल हो चुके हैं, और बाकी सीटों पर भी जल्द फैसला होने की उम्मीद है।
Bihar MLC Election: तीन-चार दिनों में आ सकती है पूरी सूची
प्रशांत किशोर के मुताबिक जन सुराज पार्टी अगले तीन से चार दिनों के भीतर सभी 8 एमएलसी सीटों के उम्मीदवारों के नामों का एक साथ ऐलान कर देगी। यानी पार्टी सीट-दर-सीट नाम घोषित करने के बजाय एक ही बार में पूरी लिस्ट सामने रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
देखने पर लगता है कि यह रणनीति जानबूझकर अपनाई गई है, ताकि विरोधी दलों को प्रतिक्रिया देने का ज्यादा वक्त न मिले। खास बात यह है कि अभी तक सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है, जिससे जन सुराज को बढ़त मिलती दिख रही है।
मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में हुई अहम बैठकें
प्रशांत किशोर ने बुधवार को मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में जन सुराज के पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठकें कीं, जिनमें संभावित प्रत्याशियों के नामों पर गहन चर्चा हुई। मोतिहारी में मीडिया से बातचीत करते हुए पीके ने बताया कि सारण शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवार और चुनावी रणनीति को लेकर करीब तीन घंटे तक मंथन चला।
इस बैठक में छपरा, सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया और बगहा के तमाम जन सुराज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मामला कुछ इस तरह से है कि पार्टी इस बार सिर्फ ऊपर से फैसला थोपने के बजाय जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को भी तवज्जो दे रही है।
सारण सीट से आफाक अहमद को फिर मिल सकता है मौका
इस पूरी कवायद में सबसे दिलचस्प नाम सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा एमएलसी आफाक अहमद का है, जो खुद इस बैठक में शामिल हुए। आफाक 2023 में हुए विधान परिषद उपचुनाव में जीतकर एमएलसी बने थे। उस वक्त जन सुराज पार्टी का औपचारिक गठन भी नहीं हुआ था, लेकिन प्रशांत किशोर ने उन्हें अपना समर्थन दिया था।
यहीं पर एक दिलचस्प तथ्य सामने आता है। आफाक ने उस उपचुनाव में सारण शिक्षक सीट पर वामदलों के लंबे समय से चले आ रहे गढ़ को ढहा दिया था, और पूर्व एमएलसी केदार पांडे के बेटे आनंद पुष्कर को हराया था। अब चर्चा है कि आफाक अहमद एक बार फिर जन सुराज के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि पीके ने अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
तिरहुत की दो सीटों पर भी लगभग तय हुए नाम
सारण के अलावा तिरहुत की शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें भी जल्द खाली होने वाली हैं। मुजफ्फरपुर में हुई बैठक में प्रशांत किशोर ने इन दोनों सीटों के संभावित प्रत्याशियों पर भी विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली जिले के कार्यकर्ता शामिल हुए।
जानकार बताते हैं कि पार्टी की यह रणनीति साफ दिखाती है कि जन सुराज हर क्षेत्र में स्थानीय नेतृत्व की राय लेकर ही अंतिम फैसला ले रही है, न कि सिर्फ पटना से थोपे गए नामों पर आगे बढ़ रही है।
किन 8 सीटों पर होने हैं चुनाव
बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर आगामी समय में चुनाव होने हैं, उनमें शिक्षक और स्नातक वर्ग की 4-4 सीटें शामिल हैं। इनमें पटना शिक्षक, पटना स्नातक, सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा शिक्षक और कोसी स्नातक सीट शामिल हैं। इन सभी सीटों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को खत्म होने जा रहा है।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो इन 8 में से 3 सीटों पर फिलहाल एनडीए का कब्जा है। इनमें पटना शिक्षक और कोसी स्नातक सीट भाजपा के पास है, जबकि पटना स्नातक सीट जदयू के पास है। वहीं महागठबंधन के पास दो सीटें हैं, जिनमें दरभंगा शिक्षक पर कांग्रेस और तिरहुत शिक्षक पर सीपीआई का कब्जा है। बाकी तीन सीटों पर निर्दलीय विधान पार्षद काबिज हैं, जिनमें सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज समर्थित एमएलसी हैं।
Bihar MLC Election: बांकीपुर की जीत से बढ़ा है जन सुराज का हौसला
प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी का आत्मविश्वास इन दिनों वैसे भी हाई है। हाल ही में पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज ने भाजपा के लगभग तीन दशक पुराने किले को ढहा दिया था, और प्रशांत किशोर की पार्टी को अपना पहला विधायक मिला था।
इसी जीत के बाद से पीके और उनकी टीम का जोश साफ तौर पर बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। यही वजह है कि अब पार्टी सिर्फ एमएलसी चुनाव तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अगले साल होने वाले बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों में भी जुट गई है।
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जन सुराज की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि प्रशांत किशोर इस बार सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि राज्य की हर स्तर की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। जिस तेजी से पार्टी सीटवार रणनीति बना रही है, उससे साफ है कि एनडीए और महागठबंधन के लिए यह चुनाव पहले जितना आसान नहीं रहने वाला। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जन सुराज की पूरी उम्मीदवार सूची कब और किन नामों के साथ सामने आती है।
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