Bihar ADM Raid: पटना ADM के ठिकानों पर विजिलेंस छापा, 80 लाख कैश बरामद
ADM रविंद्र दिवाकर और पत्नी के ठिकानों से नकदी, गहने व 7 संपत्तियों के दस्तावेज मिले
Bihar ADM Raid: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक चर्चित नौकरशाह दंपती के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पटना में तैनात अपर जिला दंडाधिकारी (ADM आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और दानापुर की सब-रजिस्ट्रार पद पर पदस्थापित उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर निगरानी विभाग ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई विशेष निगरानी अदालत से विधिवत सर्च वारंट प्राप्त करने के उपरांत 28 सितंबर 2026 को पटना और बेगूसराय के ठिकानों पर की गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़े पैमाने पर नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, लग्जरी घड़ियां और प्रमुख शहरों में स्थित आवासीय फ्लैट्स व जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, दंपती पर अपनी ज्ञात और वैध आय से लगभग 47 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
Bihar ADM Raid: 25 सितंबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई बल्कि दंपती के वित्तीय लेन-देन पर लंबे समय से खुफिया नजर रखी जा रही थी। प्राथमिक जांच में जब यह स्पष्ट हुआ कि दोनों अधिकारियों द्वारा अर्जित संपत्तियां उनके आधिकारिक वेतन और वैध स्रोतों से कहीं अधिक हैं, तब ब्यूरो ने 25 सितंबर 2026 को दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की।
जांच एजेंसी द्वारा दर्ज किए गए मामले में प्राथमिक तौर पर करीब 1.07 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का सीधा आकलन किया गया है, जो उनकी कुल वैध आय का लगभग 47 प्रतिशत बैठता है। अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद 28 सितंबर की सुबह विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ दोनों अधिकारियों के पटना स्थित फ्लैट और बेगूसराय के पैतृक आवास पर दबिश दी।
79.98 लाख रुपये नकद बरामद: नोट गिनने के लिए मंगाई गईं मशीनें
तलाशी अभियान की सबसे बड़ी बरामदगी नकद धनराशि के रूप में सामने आई है। निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोनों परिसरों से कुल मिलाकर 79.98 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई। इसमें से सर्वाधिक राशि यानी करीब 70.53 लाख रुपये पटना स्थित आवास से बरामद हुए, जबकि 9.44 लाख रुपये बेगूसराय स्थित ठिकाने से मिले।
कमरों, अलमारियों और लॉकरों से 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने के बाद मौके पर अधिकारियों को नोट गिनने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का सहारा लेना पड़ा। जांच दल ने पूरी जब्ती सूची तैयार कर ली है और अब आरोपियों से इस भारी-भरकम नकदी के सटीक वित्तीय स्रोत और बैंक से निकासी के रिकॉर्ड्स की मांग की जा रही है।
52 लाख के गहने और 48 ब्रांडेड घड़ियों का जखीरा
छापेमारी के दौरान नकदी के अलावा विलासिता से जुड़े कई कीमती सामान भी विजिलेंस के हाथ लगे हैं। जांच दल को तलाशी में सोने, चांदी और हीरे से जड़े आभूषण बरामद हुए, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा कराए जाने पर अनुमानित मूल्य लगभग 52.60 लाख रुपये आंका गया है।
इसके अतिरिक्त, आवास से 48 प्रीमियम कलाई घड़ियों का एक बड़ा संग्रह मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6.01 लाख रुपये आंकी गई है। एक एसयूवी वाहन, तीन स्प्लिट एयर कंडीशनर, गोदरेज के महंगे अप्लायंसेज और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खरीद बिल भी जांच टीम ने जब्त किए हैं, जिससे दंपती की महंगी जीवनशैली का पता चलता है।
दानापुर में 2 फ्लैट और 5 बड़े जमीन के प्लॉट: 2.92 करोड़ के रजिस्ट्री दस्तावेज
दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल में निगरानी ब्यूरो को रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के नाम पर दर्ज सात महत्वपूर्ण अचल संपत्तियों के कागजात हाथ लगे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, ये सभी संपत्तियां वर्ष 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई हैं। इन दस्तावेजों में दर्ज कुल खरीद मूल्य (रजिस्ट्री वैल्यू) करीब 2.92 करोड़ रुपये है, जबकि जानकारों का कहना है कि पटना के प्राइम लोकेशंस पर इनका मौजूदा बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक हो सकता है।
बरामद दस्तावेजों के अनुसार, इन संपत्तियों में दानापुर की एक प्रमुख मल्टी-टावर हाई-राइज हाउसिंग सोसायटी में दो लग्जरी फ्लैट शामिल हैं। इसके अलावा पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र में कुल 11.7 डिसमिल के तीन प्राइम लैंड प्लॉट्स और बेगूसराय जिले में स्थित 24 डिसमिल के दो बड़े भूखंड शामिल हैं। विजिलेंस अब यह पड़ताल कर रही है कि इन संपत्तियों की रजिस्ट्री के समय सर्किल रेट और वास्तविक भुगतान में कोई बड़ा अंतर तो नहीं था तथा धन का हस्तांतरण किस खाते से किया गया था।
सब-रजिस्ट्रार पद का दुरुपयोग तो नहीं? पत्नी की भूमिका की गहन जांच
इस पूरे मामले का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू यह है कि आरोपी रविंद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी स्वयं निबंधन विभाग में दानापुर के सब-रजिस्ट्रार पद पर तैनात हैं। दानापुर और उसके आसपास का क्षेत्र पिछले एक दशक में रियल एस्टेट और जमीन की खरीद-फरोख्त का सबसे बड़ा केंद्र रहा है।
जांच एजेंसियां अब इस कोण से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या सब-रजिस्ट्रार के पद पर रहते हुए जमीन के निबंधन, वैल्यूएशन में छूट या रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ किसी प्रकार का अनुचित तालमेल बैठाकर इन संपत्तियों को रियायती दरों पर खरीदा गया था। पति के आपूर्ति विभाग में एडीएम होने और पत्नी के सब-रजिस्ट्रार होने के दोहरे प्रभाव की भी विभागीय जांच की जा रही है।
एसबीआई खाते होंगे फ्रीज, एलआईसी निवेश और बैंक लॉकरों की पड़ताल शुरू
विजिलेंस अधिकारियों ने तलाशी के दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के दो सक्रिय बैंक खातों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में किए गए कई बड़े निवेश पॉलिसियों के दस्तावेज भी जब्त किए हैं। एजेंसी ने संबंधित बैंक प्रबंधन को पत्राचार कर इन खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने (फ्रीज करने) की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके साथ ही दंपती के नाम पर विभिन्न बैंकों में मौजूद सुरक्षित लॉकरों (Bank Lockers) की जानकारी भी जुटाई गई है। आने वाले दिनों में निगरानी अधिकारियों की मौजूदगी में इन लॉकरों को खोला जाएगा, जिससे और अधिक बेनामी संपत्तियों, सोने के बिस्कुटों या अन्य गुप्त निवेशों के खुलासे की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
Bihar ADM Raid: कानूनी प्रक्रिया और फॉरेंसिक ऑडिट तय करेगा आगे की दिशा
पटना एडीएम और दानापुर सब-रजिस्ट्रार के ठिकानों पर हुई यह कार्रवाई बिहार प्रशासनिक सेवा के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और करोड़ों के प्लॉट मिलने के बाद अब जांच का दारोमदार फॉरेंसिक ऑडिट और आयकर रिटर्न के मिलान पर टिक गया है।
कानूनी प्रावधानों के तहत जब तक सक्षम विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं हो जाता और न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इन बरामदगियों को साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि वे सभी वित्तीय लेन-देन, मनी ट्रेल और आय-व्यय के विवरण का वैज्ञानिक सत्यापन कर रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत एक मजबूत और अकाट्य केस अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
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