Bhanu Saptami 2026: सूर्य देव को नाराज कर सकती हैं ये 5 बड़ी गलतियां, भानु सप्तमी पर सुख-समृद्धि के लिए जरूर करें ये शुभ काम

Bhanu Saptami 2026: भानु सप्तमी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, सूर्य देव हो सकते हैं नाराज

0

Bhanu Saptami 2026:  हिंदू धर्म में सूर्य देव की उपासना का एक विशेष स्थान है, जिन्हें साक्षात दिखने वाला देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की नियमित पूजा करने से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य, मान-सम्मान, तेज, आत्मविश्वास और सफलता का वरदान मिलता है। जब भी पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उसे ‘भानु सप्तमी’ या ‘सूर्य सप्तमी’ के नाम से पुकारा जाता है। साल 2026 में अधिकमास की भानु सप्तमी आगामी 7 जून 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। यह पवित्र दिन सूर्य देव की विशेष कृपा पाने और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिविटी) बढ़ाने के लिए बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन जहां कुछ शुभ कार्यों को करने से पुण्य मिलता है, वहीं कुछ गलतियों से सूर्य देव नाराज भी हो सकते हैं।

Bhanu Saptami 2026: भानु सप्तमी पर क्यों खास होती है सूर्य देव की पूजा?

शास्त्रों के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन किए गए व्रत और पूजन का फल बाकी दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिलता है। इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देने और उनकी आराधना करने से शरीर के सभी गंभीर रोग, कष्ट और जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

इसके साथ ही, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होता है, उन्हें भानु सप्तमी का व्रत रखने से समाज में खूब यश, सौभाग्य और उच्च पद की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस दिन सुबह से ही तांबे के लोटे से सूर्य को जल देने की परंपरा है।

भानु सप्तमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-शांति बनी रहे और सूर्य देव का आशीर्वाद मिले, तो 7 जून को इन आम गलतियों को करने से बिल्कुल बचें:

  • सूर्योदय के बाद देर तक सोना: भानु सप्तमी के दिन सुबह देर तक सोना सबसे बड़ा दोष माना जाता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) में उठकर स्नान करना चाहिए और उगते हुए सूर्य को देखना चाहिए। देर तक सोने से शरीर में सुस्ती और घर में दरिद्रता आती है।

  • तामसिक भोजन का सेवन: इस पावन दिन पर अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। भानु सप्तमी पर मांसाहार, शराब, सिगरेट के साथ-साथ भोजन में लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। इस दिन पूरी तरह सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।

  • क्रोध करना और किसी का अपमान: सूर्य देव को सादगी और अनुशासन प्रिय है। इसलिए इस दिन मन में किसी के प्रति कड़वाहट न लाएं। किसी पर गुस्सा करने, कटु वचन (कड़वे बोल) बोलने या किसी गरीब व बुजुर्ग का अपमान करने से आपकी पूजा का पूरा पुण्य फल नष्ट हो सकता है।

  • दान-पुण्य से दूरी बनाना: भानु सप्तमी के दिन दान का बहुत बड़ा महत्व है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को दान जरूर दें। घर आए किसी याचक या गरीब को खाली हाथ लौटाना सूर्य देव को नाराज कर सकता है।

  • सूर्य को अर्घ्य देना भूलना: इस दिन की सबसे बड़ी गलती यही होगी कि आप पूजा तो करें लेकिन सूर्य देव को जल न चढ़ाएं। तांबे के साफ पात्र (लोटे) में शुद्ध जल, लाल फूल, थोड़ा सा गुड़ और अक्षत (चावल) डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना इस दिन सबसे जरूरी काम माना गया है।

Bhanu Saptami 2026: कृपा पाने के लिए भानु सप्तमी पर जरूर करें ये शुभ कार्य

अपनी किस्मत का ताला खोलने और जीवन में तरक्की पाने के लिए भानु सप्तमी के दिन इन आसान और शुभ कार्यों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें:

इस दिन सुबह जल देते समय और पूजा के वक्त सूर्य मंत्रों जैसे “ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का कम से कम 108 बार जाप जरूर करें। इसके अलावा, जिन लोगों के काम बार-बार अटक जाते हैं, उन्हें इस दिन ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करना चाहिए, इससे सोई हुई किस्मत भी जाग उठती है।

दान की बात करें तो सूर्य देव से जुड़ी वस्तुएं जैसे लाल रंग के वस्त्र, गेहूं, तांबे के बर्तन और गुड़ का दान किसी गरीब या ब्राह्मण को देना सबसे उत्तम फल देता है। पूजा के समय भगवान सूर्य नारायण को गुड़ का भोग लगाएं और उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें। इस दिन जितना हो सके गरीब, लाचार और बेसहारा लोगों की सेवा करें, क्योंकि दीन-दुखियों की मदद करने से सूर्य देव बेहद प्रसन्न होते हैं।

Read More Here:- 

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.