Bhagalpur Flood News: एक ही परिवार के 5 लोगों की डूबने से मौत, एक गंभीर
कोयली खुटहा गांव में जलमग्न सड़क पार करते समय हादसा, एक सदस्य अस्पताल में भर्ती
Bhagalpur Flood News: बिहार में उफनती नदियों और बाढ़ की विभीषिका के बीच भागलपुर जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयली खुटहा गांव में बाढ़ के पानी से लबालब डूबी सड़क पार करने के दौरान एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य भी पानी में डूबने से गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गया, जिसे नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस भीषण हादसे के बाद पूरे कोयली खुटहा गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा एक सदस्य को डूबने से बचाने के क्रम में हुआ, जहां एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बचाने की कोशिश में परिवार के कई लोग एक-एक कर गहरे पानी के भंवर और सड़क के पास बने गहरे गड्ढों में समाते चले गए।
खेत जाने के दौरान हुआ हादसा: जलमग्न सड़क बनी काल
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार के सदस्य शुक्रवार सुबह रोजमर्रा के कृषि कार्यों के लिए अपने खेतों की ओर जा रहे थे। गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण गांव के चारों ओर कई फीट पानी भरा हुआ था और खेत तक जाने वाला मुख्य ग्रामीण मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका था।
सड़क पर पानी की चादर फैली होने के कारण मार्ग की वास्तविक चौड़ाई, किनारे और सड़क के कटाव से बने गहरे गड्ढों का बाहर से कोई अंदाजा नहीं लग पा रहा था। जैसे ही परिवार के लोग सड़क से गुजर रहे थे, एक सदस्य का पैर अचानक सड़क से फिसलकर गहरे गड्ढे में चला गया और वह डूबने लगा। उसे छटपटाते देख बाकी सदस्य भी उसे खींचने के लिए आगे बढ़े, किंतु तेज धारा और अप्रत्याशित गहराई के कारण संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते सभी गहरे पानी में समा गए।
ग्रामीणों ने निकाला बाहर: पांच की मौत, एक मायागंज अस्पताल में भर्ती
घटनास्थल से उठी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और घरों में मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद सभी को पानी से बाहर निकाला।
आनन-फानन में सभी को भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मंचों देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार और अंशु प्रिया के रूप में की गई है। ये सभी आपस में करीबी रिश्तेदार और एक ही परिवार के सदस्य थे। वहीं हादसे में बचे एक अन्य व्यक्ति की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जिनका गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में इलाज जारी है।
अस्पताल परिसर में पसरा सन्नाटा: परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
एक साथ पांच अर्थियां उठने की खबर जैसे ही अस्पताल और गांव में फैली, परिजनों और रिश्तेदारों के विलाप से पूरा माहौल गमगीन हो गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी सूचना मिलते ही मायागंज अस्पताल पहुंचे।
बाईपास थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा जलमग्न सड़कों के दोनों किनारों पर लाल झंडी या बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग कर दी गई होती, तो यह दर्दनाक हादसा होने से बच सकता था।
बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति: 14 जिलों की 43 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
भागलपुर का यह हादसा राज्य में बाढ़ की विकराल होती स्थिति को दर्शाता है। आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 14 जिलों के दर्जनों प्रखंडों की लगभग 43.64 लाख से अधिक आबादी इस समय बाढ़ की चपेट में है।
अकेले भागलपुर जिले में गंगा नदी के लगातार खतरे के निशान से ऊपर बहने के चलते करीब छह लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सुल्तानगंज, कहलगांव और नवगछिया के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी आवासीय बस्तियों, विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में घुस चुका है, जिसके कारण हजारों परिवार राष्ट्रीय राजमार्गों और ऊंचे तटबंधों पर शरण लेने को विवश हैं।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात, प्रशासन ने जारी की सतर्कता
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर समेत सभी संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की मोटरबोट्स लगातार गश्त कर रही हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) संचालित किए जा रहे हैं, जहां भोजन, शुद्ध पेयजल और बुनियादी दवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी से घिरी किसी भी सड़क, पुलिया या कच्चे रास्तों पर पैदल अथवा दोपहिया वाहन से आवागमन न करें। शांत दिखने वाले पानी के नीचे तेज बहाव, कटाव या भूमिगत दलदल हो सकता है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है।
Bhagalpur Flood News: निष्कर्ष
भागलपुर के कोयली खुटहा गांव की यह घटना इस बात का गंभीर और दर्दनाक प्रमाण है कि प्राकृतिक आपदा के समय जलमग्न रास्तों को हल्के में लेना कितना प्राणघातक साबित हो सकता है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों का असमय काल-कवलित होना पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल पीड़ित परिवार को निर्धारित आपदा अनुग्रह राशि तत्काल मुहैया कराए, बल्कि जिले के सभी जलमग्न मार्गों पर तुरंत चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाए ताकि किसी अन्य निर्दोष की जान इस तरह न जाए।
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