Offbeat family destinations: दिल्ली-NCR के पास गर्मी की छुट्टियों में घूमने के लिए बेस्ट ऑफबीट फैमिली डेस्टिनेशन: शिमला-मनाली की भीड़ से बचें, इन शांत जगहों पर ले आएं पूरा मजा

शिमला-मनाली की भीड़ से दूर, परिवार संग घूमने के लिए चुनें ये शांत जगहें

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Offbeat family destinations: गर्मी की छुट्टियां आते ही दिल्ली-NCR के माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को घुमाने की होती है। शिमला, मनाली या नैनीताल जैसी लोकप्रिय जगहों पर भीड़ और जाम का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरा ट्रिप थकान भरा हो जाता है। ऐसे में दिल्ली के आसपास कुछ ऑफबीट लेकिन बेहद खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं जहां शांति, प्राकृतिक सुंदरता और बच्चों के लिए रोमांच दोनों मिलता है। कसौली, ऊंचागांव, शोघी और चकराता जैसी जगहें दिल्ली से 130 से 300 किलोमीटर की दूरी पर हैं, जहां आप आराम से वीकेंड या शॉर्ट फैमिली ट्रिप प्लान कर सकते हैं। इन जगहों पर कम भीड़, ठंडी हवाएं, हरे-भरे जंगल और रोमांचक गतिविधियां बच्चों को लंबे समय तक याद रहेंगी। आइए विस्तार से जानते हैं इन ऑफबीट फैमिली डेस्टिनेशन्स के बारे में, कैसे पहुंचें, क्या देखें और गर्मी से राहत कैसे पाएं।

कसौली: देवदार के विशाल जंगलों से घिरा हिमाचल का एक शांत व आकर्षक हिल स्टेशन

दिल्ली से चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे के रास्ते होते हुए मात्र 5 घंटे की आरामदायक ड्राइव पर स्थित कसौली हिमाचल प्रदेश का एक छोटा, शांत लेकिन बेहद आकर्षक और संप्रभु हिल स्टेशन है। इस खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र में अनगिनत देवदार और चीड़ के ऊंचे पेड़, संकरी घुमावदार सड़कें और औपनिवेशिक काल की पहाड़ी ढलानें यहाँ आने वाले पर्यटकों को सीधे 19वीं सदी के पुराने दौर की याद दिलाती हैं। कसौली की सबसे बड़ी और मुख्य यूएसपी इसकी असीम शांति और शुद्ध आबोहवा है; यहाँ व्यावसायिक भीड़-भाड़ बहुत कम है, जिससे परिवार के साथ वॉर्डरोब और ट्रिप का पूरा कस्टमाइज्ड आनंद बिना किसी शोर-शराबे के लिया जा सकता है। विशेष रूप से बच्चों के मनोरंजन के लिए यहाँ कई प्रसिद्ध प्राकृतिक आकर्षण मौजूद हैं, जिनमें शाम के समय ‘सनसेट पॉइंट’ से पूरे शहर की वादियों और नीचे मैदानी इलाकों में टिमटिमाती लाइटों की रोशनी को देखना बेहद रोमांचक और विस्मयकारी होता है, इसके अलावा ऐतिहासिक कसौली क्लब, प्राचीन क्राइस्ट चर्च और पहाड़ों की चोटी पर स्थित ‘मॉन्की पॉइंट’ जैसी जगहें भी परिवार के साथ घूमने के लिए सबसे बेस्ट मानी जाती हैं क्योंकि चिलचिलाती गर्मी के इन महीनों में भी यहाँ का मौसम बेहद सुखद व खुशनुमा रहता है जहाँ दिन में हल्की ठंडक और रात के समय पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं चलती हैं, इसलिए परिवार के साथ यहाँ किसी अच्छे रिज़ॉर्ट या पारंपरिक होमस्टे में ठहरकर नैचुरल ट्रेल वॉक, जंगलों में पिकनिक और स्थानीय हिमाचली व्यंजनों का भरपूर स्वाद लिया जा सकता है।

ऊंचागांव: गंगा नदी के किनारे बसा उत्तर प्रदेश का एक शांत और अनूठा ग्रामीण पर्यटन स्थल

दिल्ली-एनसीआर से महज 3 घंटे की बेहद कम दूरी पर गढ़मुक्तेश्वर के पास स्थित ऊंचागांव उत्तर प्रदेश राज्य का एक बहुत ही खूबसूरत, हरा-भरा और शांत ऐतिहासिक गांव है। पवित्र गंगा नदी के किनारे बसा यह स्थान नदी की साफ जलधाराओं में दुर्लभ गंगा डॉल्फिन को करीब से देखने, पक्षी दर्शन और नदी के रेतीले किनारों पर शाम की शांत सैर के लिए पूरे खुदरा बाजार में काफी प्रसिद्ध है। आधुनिक भारत में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) का एक बेहद शानदार और कस्टमाइज्ड उदाहरण पेश करने वाला ऊंचागांव बच्चों को देश की मिट्टी और संस्कृति से रूबरू कराने के लिए एक आदर्श फैमिली डेस्टिनेशन साबित होता है। यहाँ गंगा नदी की लहरों के बीच बोटिंग करना, लकड़ी की नाव की पारंपरिक सवारी का आनंद लेना और आसपास के हरे-भरे लहलहाते खेतों व बागों के बीच पैदल घूमना शहरी बच्चों को बहुत ज्यादा पसंद आता है और उनके भीतर एक नई कड़क ऊर्जा भर देता है। इस ग्रामीण परिवेश के आसपास पर्यटकों के ठहरने के लिए कई विंटेज फोर्ट रिसॉर्ट्स और शानदार कॉटेज बहुत ही सुलभ कीमतों पर उपलब्ध हैं जहाँ दिल्ली की भागदौड़ से दूर आपका पूरा परिवार आराम से समय बिता सकता है और गर्मी की इन लंबी छुट्टियों में यहाँ का पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त शांत वातावरण और पेड़ों की ठंडी छांव राजधानी की हीटवेव से एक बहुत बड़ी शारीरिक व मानसिक राहत प्रदान करती है, जहाँ चूल्हे पर बने स्वादिष्ट लोकल व्यंजनों का स्वाद चखना और ठेठ ग्रामीण जीवन की सादगी को करीब से महसूस करना आपके इस छोटे से पारिवारिक सफर को जीवन भर के लिए यादगार बना देता है।

शोघी: पहाड़ों की हरी-भरी वादियों के बीच बसा शिमला के पास का एक खूबसूरत मंदिरों का शहर

मशहूर पर्यटन नगरी शिमला से कुछ किलोमीटर पहले ही पहाड़ों की गोद में स्थित शोघी दिल्ली से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर बसा एक अत्यंत हरा-भरा, शांत और बेहद खूबसूरत छोटा सा कस्बा है। यहाँ के विस्तृत हरे-भरे पहाड़ी ढलान, दूधिया सफेद झरने और चीड़ व देवदार के वृक्षों की लंबी कतारें दूर से ही सैलानियों के मन को मोह लेने वाला एक अद्भुत विजुअल नजारा पेश करती हैं। सनातन धार्मिक दृष्टिकोण से शोघी को ‘मंदिरों का शहर’ भी कहकर पुकारा जाता है क्योंकि इसकी ऊंची पहाड़ियों पर कई प्राचीन और सिद्ध मंदिर स्थापित हैं जो भक्तों को आत्मिक शांति देते हैं। बच्चों की कस्टमाइज्ड छुट्टियों के लिहाज से यहाँ की सुरक्षित पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करना, पेड़ों से तोड़े गए ताजे रसीले लोकल फलों का स्वाद चखना और घने शांत जंगलों के बीच नेचर वॉक करना यहाँ का सबसे मुख्य और पसंदीदा आकर्षण माना जाता है। शोघी के भीतर सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले कई बेहतरीन लक्ज़री रिसॉर्ट्स, विला और इको-फ्रेंडली होमस्टे बहुत ही बजट अनुकूल दरों पर उपलब्ध हैं जहाँ गर्मी के इस कड़े मौसम में भी जलवायु बेहद ठंडी और सुखद बनी रहती है, और आपका परिवार यहाँ खुले आसमान के नीचे कैंपिंग करने, रात में बोनफायर का आनंद लेने और प्रकृति की मखमली गोद में पूरी तरह से तनावमुक्त होकर समय बिताने का पूरा मजा उठा सकता है।

चकराता: उत्तराखंड के देहरादून जिले का एक अद्भुत, अनछुआ और बेहद शांत पहाड़ी इलाका

देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर उत्तराखंड के खूबसूरत देहरादून जिले में स्थित चकराता एक बहुत ही अनोखा, प्राचीन और अछूता (Unexplored) पर्वतीय पर्यटन स्थल है। ब्रिटिश काल के सैन्य छावनी क्षेत्र से जुड़े होने के कारण यहाँ चारों ओर बेहद खूबसूरत ऊंची पहाड़ियां, सदियों पुराने घने सदाबहार जंगल और एक बेजोड़ विनियामक शांत वातावरण देखने को मिलता है। हालांकि व्यावसायिक पर्यटन के लिहाज से यह जगह अन्य बड़े हिल स्टेशनों की तरह पूरी तरह से कंक्रीट के होटलों में विकसित नहीं हुई है, लेकिन बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की यही सादगी और इंसानी भीड़ की कमी ही असल में इस शांत वादी की सबसे बड़ी और कड़क यूएसपी मानी जाती है। बच्चों के साथ इस अनछुए पर्वतीय क्षेत्र में आकर टेंट कैंपिंग करना, पहाड़ों के संकरे रास्तों पर ट्रैकिंग का एडवेंचर उठाना और स्थानीय पहाड़ी झरनों के ठंडे पानी में समय बिताना बहुत ही मजेदार और रोमांचकारी अनुभव साबित होता है। चकराता की अत्यधिक ठंडी और शुद्ध जलवायु तथा चारों ओर फैली असीम प्राकृतिक सुंदरता दिल्ली-एनसीआर की झुलसाने वाली लू से आपके बच्चों और पूरे परिवार को एक अभेद्य सुरक्षा चक्र प्रदान करती है, जहाँ प्रकृति के बेहद करीब कुछ शांत और फुर्सत के दिन बिताना आपके पूरे शरीर और मस्तिष्क को पूरी संप्रभुता के साथ तरोताजा और पुनर्जीवित करने वाला एक अनूठा अनुभव सिद्ध होता है।

भीड़-भाड़ से दूर इन ऑफबीट डेस्टिनेशन्स पर जाने के बड़े फायदे और सफर की कड़क तैयारियां

दिल्ली के पास स्थित ये सभी ऑफबीट और शांत पर्यटन स्थल व्यावसायिक रूप से अत्यधिक दोहन झेल रहे शिमला, मनाली या नैनीताल जैसे कड़क ट्रैफिक जाम वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले आपको एक बहुत ही शांत, प्रदूषण मुक्त और प्रामाणिक प्राकृतिक अनुभव प्रदान करते हैं। इन जगहों की कस्टमाइज्ड यात्रा करने से आपके बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर साक्षात प्रकृति, प्राचीन क्षेत्रीय इतिहास और सुरक्षित एडवेंचर स्पोर्ट्स को लाइव देखने व सीखने का एक बहुत बड़ा अवसर मिलता है। हालांकि किसी भी ऑफबीट सफर पर निकलने से पहले आपको कुछ विनियामक तैयारियां कड़ाई से पूरी कर लेनी चाहिए, जिसके तहत जाने से पहले मौसम विभाग (IMD) के लाइव वेदर अपडेट्स की जांच कर लें, पहाड़ों के संकरे रास्तों के लिए हमेशा एक कड़क व आरामदायक सस्पेंशन वाली गाड़ी का चयन करें और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी ओआरएस घोल, मोशन सिकनेस और अन्य आपातकालीन दवाइयों का किट हमेशा अपने साथ वॉर्डरोब में रखें। इसके अतिरिक्त, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बड़े होटलों की बजाय हमेशा क्षेत्रीय होमस्टे का चुनाव करें और वहां के स्थानीय गाइड की मदद लें; ये सभी ऑफबीट डेस्टिनेशन्स आपके पर्सनल फाइनेंस के लिए भी अत्यधिक बजट-फ्रेंडली साबित होते हैं जहाँ किसी भी शानदार रिसॉर्ट या कॉटेज में एक रात ठहरने का खुदरा किराया महज़ 3000 रुपये से लेकर 8000 रुपये के बीच आसानी से मिल जाता है।

निष्कर्ष

समग्र रूप से देखा जाए तो दिल्ली-एनसीआर (Offbeat family destinations) के ठीक पास मौजूद कसौली, ऊंचागांव, शोघी और चकराता जैसी ये सभी ऑफबीट जगहे मौजूदा ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान आपके बच्चों और पूरे परिवार के लिए एक सबसे आदर्श, सुरक्षित और कस्टमाइज्ड गेटअवे साबित होने जा रही हैं। इन वादियों के भीतर मिलने वाली असीम शांति, विहंगम प्राकृतिक सुंदरता और हल्के एडवेंचर का यह बेजोड़ संगम आपके पारिवारिक ट्रिप को बिना किसी मानसिक तनाव या ट्रैफिक जाम की थकान के पूरी तरह से आनंदमयी और कड़क बना देगा। इसलिए इस बार अपने पुराने ढर्रे को बदलते हुए व्यावसायिक हिल स्टेशनों की अंधी भीड़ का हिस्सा बनने से पूरी कड़ाई से बचें और इन अनछुए शांत स्थानों पर अपने बच्चों के साथ फुर्सत के कुछ बेहद हसीन और यादगार पल बिताएं। अपनी यात्रा की बुकिंग्स को समय से पहले ऑनलाइन फाइनल करें, रास्ते के मौसम के नियमों का पालन करें और पूरी सकारात्मक सोच व कड़े उत्साह के साथ निकल पड़ें, क्योंकि यही छोटी-छोटी यात्राएं आपके पारिवारिक संबंधों के ताने-बाने को और मजबूत बनाएंगी और बच्चों के मन पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ेंगी; होटलों के लाइव डिस्काउंट्स, नए रूट मैप और परिवहन की तात्कालिक विनियामक जानकारियों के लिए हमेशा केवल प्रामाणिक पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों के रेगुलर डिजिटल अपडेट्स पर ही अपनी पैनी नजर बनाए रखें।

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