Amarnath Yatra Bus Accident: गांदरबल में श्रद्धालुओं से भरी बस मकान पर गिरी, 39 यात्री घायल, सभी की हालत स्थिर
गांदरबल में सड़क से फिसलकर मकान पर गिरी बस, राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू, जांच जारी
Amarnath Yatra Bus Accident: जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार सुबह अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और नीचे स्थित एक मकान पर जा गिरी। इस दुर्घटना में बस में सवार कुल 39 तीर्थयात्री घायल हो गए हैं। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी भी यात्री की जान नहीं गई है और समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकांश यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं और सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर व स्थिर बताई जा रही है।
दुर्घटना का स्थान, समय और प्रत्यक्षदर्शियों का आंखों देखा हाल
यह दुर्घटना गांदरबल जिले के गुंड क्षेत्र में स्थित हरिगनवान (गनीवान) इलाके में सुबह के समय घटित हुई। बस बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन करने के बाद तीर्थयात्रियों को लेकर वापस लौट रही थी। पहाड़ी और घुमावदार रास्ते पर एक तीखे मोड़ को पार करते समय अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण छूट गया, जिससे बस बेकाबू होकर ढलान से नीचे बने एक रिहाइशी मकान पर जा गिरी।
हादसे के वक्त मकान के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे वहां कोई बड़ा नुकसान होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस मकान पर बस गिरी, उसने एक ढाल की तरह काम किया और बस को ढलान के नीचे बहने वाली तेज बहाव वाली सिंध नदी में समाने से रोक लिया। यदि बस सीधे नदी में गिरती तो यह दुर्घटना काफी भयावह रूप ले सकती थी।
घायलों की संख्या, अस्पताल में भर्ती और स्वास्थ्य स्थिति
दुर्घटनाग्रस्त बस में कुल 39 श्रद्धालु सवार थे। हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। शुरुआत में घायलों को कंगन स्थित सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल (SDH Kangan) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया।
बाद में कुछ यात्रियों को बेहतर और गहन चिकित्सा देखभाल के लिए श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध ‘शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (SKIMS) में स्थानांतरित किया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार अधिकांश श्रद्धालुओं को हल्की चोटें और खरोंचें आई हैं, जबकि कुछ को हड्डियों में फ्रैक्चर हुआ है। हालांकि, किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं है और सभी स्थिर स्थिति में डॉक्टरों की देखरेख में हैं।
सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों का त्वरित बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी (ITBP), सीआरपीएफ (CRPF), भारतीय सेना के जवान और स्थानीय नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सुरक्षा बलों ने अत्यंत सावधानी से क्षतिग्रस्त बस से एक-एक कर सभी तीर्थयात्रियों और उनके सामान को बाहर निकाला।
स्थानीय कश्मीरी युवाओं और ग्रामीणों ने भी मानवता का परिचय देते हुए राहत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घायलों को एम्बुलेंस तक पहुंचाने में पुलिस की मदद की। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घायल हुए सभी श्रद्धालु मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रहने वाले हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिया संज्ञान, दिए बेहतर इलाज के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उपराज्यपाल ने गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की और सभी घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार प्रदान करने के कड़े निर्देश दिए।
उपराज्यपाल कार्यालय ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि श्रद्धालुओं या उनके साथ मौजूद परिजनों को अस्पताल में किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवान शिव से सभी घायल तीर्थयात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु होने की प्रार्थना की।
Amarnath Yatra Bus Accident: अमरनाथ यात्रा का वर्तमान चरण और मार्ग की स्थिति
वर्ष 2026 की वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा 2 जुलाई से आधिकारिक रूप से शुरू हुई है और यह 28 अगस्त तक जारी रहेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा में अब तक 4.15 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं।
यह यात्रा दो मुख्य मार्गों नुनवान-पहलगाम (48 किमी) और बालटाल (14 किमी) से संचालित होती है। यह हादसा बालटाल मार्ग से जुड़े क्षेत्र में हुआ, जहां सड़कें अपेक्षाकृत अधिक संकरी और चढ़ाई वाली हैं। गांदरबल और बालटाल क्षेत्र में यात्रा के सुचारू संचालन के लिए पहले से ही व्यापक सुरक्षा और लॉजिस्टिक इंतजाम किए गए हैं।
जांच के आदेश और यात्रा का सुचारू संचालन जारी
पुलिस प्रशासन ने हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पहाड़ी रास्तों पर तीखे मोड़ और चालक के अचानक नियंत्रण खो देने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
इस बीच, जिला प्रशासन ने साफ किया है कि हादसे के बावजूद अमरनाथ यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी तरह से जारी रहेगी। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और पहाड़ी मोड़ों पर यातायात नियंत्रण को और कड़ा कर दिया गया है। घायलों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है और उन्हें हर संभव प्रशासनिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।
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