Abhinandan Varthaman Retirement: अभिनंदन वर्धमान ने IAF से लिया रिटायरमेंट, अब FLY91 में उड़ाएंगे पैसेंजर विमान
वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान FLY91 से जुड़े, फाइटर जेट के बाद ATR 72-600 उड़ाने की तैयारी
Abhinandan Varthaman Retirement: भारतीय वायुसेना (IAF) के जांबाज फाइटर पायलट और देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अपने पेशेवर जीवन में एक नया अध्याय प्रारंभ किया है। वर्ष 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुई ऐतिहासिक हवाई मुठभेड़ के नायक रहे अभिनंदन अब भारतीय वायुसेना की सक्रिय सेवा से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने लगभग 22 वर्षों के गौरवशाली सैन्य करियर के बाद नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) के क्षेत्र में कदम रखा है और गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में बतौर कमर्शियल पायलट नई जिम्मेदारी संभाली है।
उपलब्ध आधिकारिक और विमानन सूत्रों के अनुसार, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना से समयपूर्व सेवानिवृत्ति (प्रीमैच्योर रिटायरमेंट) ली थी। इसके पश्चात, अगस्त 2026 में वे रीजनल एयरलाइन FLY91 से औपचारिक रूप से जुड़े। वर्तमान में वे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कड़े मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक यात्री विमान उड़ाने के लिए अनिवार्य ग्राउंड स्कूलिंग, सिम्युलेटर ट्रेनिंग और रूट चेक प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं।
नेशनल डिफेंस एकेडमी से ग्रुप कैप्टन तक: 22 वर्षों का बेमिसाल सैन्य सफर
अभिनंदन वर्धमान का संपूर्ण सैन्य जीवन अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से कड़ा सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे 19 जून 2004 को भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। अपनी सेवा के दौरान वे फ्लाइंग ऑफिसर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट, स्क्वाड्रन लीडर और विंग कमांडर के पदों पर सफलतापूर्वक सेवाएं देते हुए शीर्ष स्तर तक पहुंचे।
दिसंबर 2021 में भारतीय वायुसेना ने उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और नेतृत्व क्षमता को मान्यता देते हुए उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया था। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई (Su-30MKI) और मिग-21 बाइसन (MiG-21 Bison) पर हजारों घंटों की सामरिक उड़ानें भरीं। वे वायुसेना के चुनिंदा कुशल फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स और अनुभवी फाइटर लीडर्स में शुमार रहे।
27 फरवरी 2019 का वह डॉगफाइट जिसने पूरे विश्व में दिलाई पहचान
अभिनंदन वर्धमान का नाम 27 फरवरी 2019 को इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हुआ, जब पुलवामा आतंकी हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की थी। श्रीनगर एयर फोर्स स्टेशन पर तैनात तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन ने तुरंत अपने मिग-21 बाइसन विमान से उड़ान भरी।
हवा में हुई भीषण मुठभेड़ (Dogfight) के दौरान तकनीकी रूप से पुराने मिग-21 से उन्होंने पाकिस्तान के अत्याधुनिक चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान F-16 को हवा से हवा में मार गिराया। इसके तुरंत बाद उनका अपना विमान भी दुश्मन की मिसाइल की चपेट में आ गया, जिसके चलते उन्हें इजेक्ट करना पड़ा और वे पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में उतरे।
प्रतिकूल परिस्थितियों में दुश्मन की हिरासत में रहने के दौरान भी उन्होंने असाधारण मानसिक दृढ़ता, सैन्य गोपनीयता और संयम का परिचय दिया। भारत के कड़े कूटनीतिक और सैन्य दबाव के बाद पाकिस्तान को झुकना पड़ा और करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते उनकी वतन वापसी हुई। इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उन्हें ‘वीर चक्र’ से अलंकृत किया गया।
Abhinandan Varthaman Retirement: लड़ाकू विमान मिग-21 से टर्बोप्रॉप ATR 72-600 तक का तकनीकी रूपांतरण
ग्रुप कैप्टन अभिनंदन के करियर का यह बदलाव विमानन विशेषज्ञों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तक वे मैक-2 (ध्वनि की गति से दोगुनी रफ्तार) पर उड़ने वाले सिंगल-सीटर सुपरसोनिक फाइटर जेट्स उड़ाते थे, जहां मुख्य ध्यान सामरिक रणनीति, मिसाइल लॉक और हाई-जी युद्धाभ्यासों पर होता था।
इसके विपरीत, क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 के बेड़े में जुड़वां इंजन वाले टर्बोप्रॉप यात्री विमान ATR 72-600 शामिल हैं। कमर्शियल पैसेंजर एविएशन में संचालन का वातावरण पूरी तरह अलग होता है। यहां मुख्य प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा, ईंधन दक्षता, सुगम कैबिन कम्फर्ट, मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP), मल्टी-क्रू कोऑर्डिनेशन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सख्त नागरिक नियमों का पालन करना होता है। फाइटर पायलट से सिविल एविएशन पायलट बनने के लिए उन्हें नागरिक एयरलाइन के इंस्ट्रूमेंट रेटिंग और टाइप रेटिंग प्रोटोकॉल से गुजरना पड़ रहा है।
Abhinandan Varthaman Retirement: गोवा-हैदराबाद सेक्टर पर ट्रेनिंग, जल्द कॉकपिट में नजर आएंगे अभिनंदन
रिपोर्टों के अनुसार, अभिनंदन वर्धमान वर्तमान में FLY91 के प्रमुख परिचालन हब यानी गोवा (मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोपा) और हैदराबाद के बीच रूट-ट्रेनिंग और लाइन ओरिएंटेशन पूरा कर रहे हैं। एयरलाइन प्रबंधन ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि पायलटों की व्यक्तिगत निजता और सेवा शर्तों का सम्मान करते हुए उनकी विशिष्ट जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मार्च 2024 में परिचालन शुरू करने वाली FLY91 मुख्य रूप से देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ने वाली तेजी से उभरती क्षेत्रीय एयरलाइन है। सभी औपचारिक डीजीसीए मंजूरियां और लाइन चेक पूरे होने के उपरांत वे पहली बार किसी वाणिज्यिक यात्री विमान के मुख्य पायलट (कैप्टन) के रूप में यात्रियों के साथ उड़ान भरेंगे। देश के आसमान की संप्रभुता की रक्षा करने वाला जांबाज पायलट अब भारतीय नागरिकों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के एक नए, शांत और उत्तरदायी सफर पर अग्रसर है।
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