RBI Special Scheme: RBI की विशेष योजना से आए $136.38 अरब, NRI डिपॉजिट्स का रहा सबसे बड़ा योगदान

FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा आई, RBI ने लक्ष्य से पहले योजना बंद की

0

RBI Special Scheme: वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अत्यंत सकारात्मक खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई विशेष विनियामक खिड़की के माध्यम से देश में कुल 136.38 अरब डॉलर (लगभग ₹11.4 लाख करोड़) की रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा आई है।

इस योजना के तहत विदेशी मुद्रा जुटाने में सबसे बड़ा योगदान विदेशों में बसे 3.5 करोड़ से अधिक गैर-आवासीय भारतीयों (NRI) ने दिया है। इस विशाल प्रवाह की बदौलत निर्धारित लक्ष्य समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया गया। परिणामस्वरूप, केंद्रीय बैंक ने 30 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस विशेष योजना को एक महीने पहले, यानी 31 अगस्त 2026 को ही औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा कर दी।

RBI Special Scheme: एफसीएनआर (बी) बना मुख्य आकर्षण, कुल आवक का विवरण

आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 136.377 अरब डॉलर की आवक में सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक यानी एफसीएनआर-बी [FCNR(B)] सावधि जमाओं के जरिए आया। 31 अगस्त की समाप्ति तक अकेले FCNR(B) के माध्यम से 127.226 अरब डॉलर देश के बैंकिंग सिस्टम में जमा हुए, जो कुल आवक का 93 प्रतिशत से भी अधिक है।

इसके अलावा, बैंकों द्वारा विदेशों से विदेशी मुद्रा में लिए गए ऋण यानी ओएफसीबी (OFCB) के तहत 5.26 अरब डॉलर और भारतीय कॉरपोरेट्स द्वारा जुटाई गई बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) के जरिए 3.891 अरब डॉलर की आवक दर्ज की गई।

FCNR(B) में एनआरआई को अमेरिकी डॉलर या अन्य प्रमुख मुद्राओं में सावधि जमा करने की सुविधा मिलती है, जहां मूलधन और अर्जित ब्याज दोनों विदेशी मुद्रा में ही देय होते हैं। इस व्यवस्था से विदेशी जमाकर्ताओं को भारतीय रुपये के मूल्यह्रास या विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव का कोई जोखिम नहीं उठाना पड़ता, जिसके चलते वैश्विक निवेशकों और प्रवासियों ने इसमें भारी पूंजी लगाई।

2013 के ‘टेपर टैंट्रम’ से पांच गुना बड़ी सफलता

यह रणनीतिक कदम वर्ष 2013 के अमेरिकी ‘टेपर टैंट्रम’ संकट की याद दिलाता है। उस समय जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बॉन्ड खरीद कम करने के संकेतों से रुपये में भारी गिरावट आई थी, तब तत्कालीन आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने इसी तरह की FCNR(B) स्वैप विंडो खोली थी। वर्ष 2013 में उस योजना के जरिए लगभग 26 अरब डॉलर जुटाए गए थे, जिसने रुपये को मजबूती दी थी।

वर्ष 2026 की मौजूदा योजना ने 2013 के उस आंकड़े को पांच गुना से भी अधिक अंतर से पीछे छोड़ दिया है। महज ढाई महीने (8 जून से 31 अगस्त) के भीतर 136 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी फंड आकर्षित करना यह प्रमाणित करता है कि भारत की संप्रभु साख, वृहद-आर्थिक नीतियों और बैंकिंग व्यवस्था पर वैश्विक प्रवासियों का विश्वास ऐतिहासिक रूप से मजबूत हुआ है।

मजबूत आर्थिक वृद्धि और रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा का यह व्यापक प्रवाह ऐसे समय पर हुआ है जब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया के प्रमुख देशों में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत ने 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की, जो आरबीआई के 7 प्रतिशत के अनुमान से भी काफी बेहतर रही।

इस निरंतर प्रवाह के चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। अगस्त के अंतिम पखवाड़े में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 12.422 अरब डॉलर के साप्ताहिक उछाल के साथ 729.328 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। नई पूंजी के औपचारिक समावेशन के बाद यह भंडार 750 अरब डॉलर के आंकड़े को छूने की ओर अग्रसर है।

RBI Special Scheme: रुपये की स्थिरता और बैंकिंग प्रणाली को बहुआयामी संबल

विदेशी मुद्रा का यह विशाल भंडार भारतीय रिजर्व बैंक को वैश्विक बाजार में अस्थिरता के समय रुपये की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल या वैश्विक शेयर बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली से रुपये पर कोई दबाव आता है, तो आरबीआई हाजिर और वायदा बाजार में डॉलर बेचकर विनिमय दर में स्थिरता बनाए रख सकता है।

दूसरी ओर, भारतीय वाणिज्यिक बैंकों की बैलेंस शीट में डॉलर तरलता पर्याप्त रूप से बढ़ गई है। इससे आयातकों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर ट्रेड क्रेडिट और क्रेडिट लाइन्स उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा, जिससे देश के समग्र विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.