यूपी सरकार की बड़ी सौगात: शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़कर हुआ 18,000 रुपये, 250 करोड़ का बजट जारी, 1 मई से मिलेगा लाभ और कैशलेस इलाज।
योगी सरकार ने जारी किया 250 करोड़ का फंड; 1.67 लाख कर्मियों को 1 मई से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी।
UP Teacher’s News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और आईटीआई (ITI) इंस्ट्रक्टरों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने इन कर्मचारियों के बढ़े हुए वेतन के भुगतान के लिए 250 करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है। अब शिक्षा मित्रों को हर महीने 10 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये सैलरी मिलेगी, जबकि इंस्ट्रक्टरों का मानदेय 9 हजार से बढ़कर 17 हजार रुपये प्रति माह हो जाएगा।
यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है और बढ़ी हुई राशि 1 मई से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होना शुरू हो जाएगी। राज्य के करीब 1.67 लाख परिवारों को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।
250 करोड़ का फंड जारी: लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया 250 करोड़ रुपये का यह फंड अप्रैल महीने के बढ़े हुए वेतन और आगामी भुगतानों को सुनिश्चित करने के लिए है।
-
लाभार्थी संख्या: राज्य में कुल 1,42,229 शिक्षा मित्र और 24,717 आईटीआई इंस्ट्रक्टर कार्यरत हैं।
-
ग्रामीण शिक्षा पर असर: शिक्षा मित्र मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने का सीधा सकारात्मक असर बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा।
शिक्षा मित्रों का सफर: 2001 से अब तक की चुनौतियां
उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है:
-
शुरुआत (2001): बहुत ही कम मानदेय पर प्राथमिक विद्यालयों में इनकी नियुक्ति शुरू हुई थी।
-
समायोजन और विवाद (2013-17): समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इन्हें सहायक शिक्षक बनाया गया, जिसे 2015 में हाई कोर्ट और फिर 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया।
-
आर्थिक संकट: कोर्ट के फैसले के बाद हजारों शिक्षा मित्रों की सैलरी 50 हजार से घटकर मात्र 3,500 रुपये रह गई थी। 2018 में इसे बढ़ाकर 10 हजार किया गया था, और अब 2026 में 9 साल के लंबे इंतजार के बाद यह बड़ी वृद्धि हुई है।
आईटीआई इंस्ट्रक्टरों के मामले में कोर्ट की सक्रिय भूमिका
इंस्ट्रक्टरों का मानदेय बढ़ाने का मामला भी लंबे समय तक कानूनी पेच में फंसा रहा:
-
सुप्रीम कोर्ट का फैसला (5 फरवरी 2026): सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए 17 हजार रुपये मानदेय और 9% ब्याज देने का निर्देश दिया।
-
स्थायी प्रकृति: कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय से सेवा दे रहे इन इंस्ट्रक्टरों की पोस्ट को वस्तुतः स्थायी (Permanent) माना जाए। इसी क्रम में योगी सरकार ने तुरंत फंड जारी कर इसे लागू कर दिया है।
UP Teacher’s News: सैलरी के अलावा मिलने वाले अन्य महत्वपूर्ण लाभ
योगी सरकार ने केवल वेतन ही नहीं, बल्कि शिक्षा मित्रों के सामाजिक उत्थान के लिए कई अन्य घोषणाएं भी की हैं:
-
ट्रांसफर का अधिकार: अब शिक्षा मित्र अपनी सुविधा के अनुसार अपना ट्रांसफर (Postings) करा सकेंगे।
-
कैशलेस मेडिकल कवर: शिक्षा मित्रों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा।
-
मनोबल में वृद्धि: इन सुविधाओं से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत शिक्षकों का मनोबल ऊँचा होगा, जिससे ड्रॉपआउट रेट कम होने की उम्मीद है।
UP Teacher’s News: राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएं
चुनावों के नजदीक आते ही इस फैसले पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं:
-
विपक्ष: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ‘चुनावी स्टंट’ बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा मित्रों की स्थिति बेहतर थी।
-
सरकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा नेताओं ने इसे शिक्षकों के प्रति सम्मान और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
निष्कर्ष: प्राथमिक शिक्षा के लिए नया सवेरा
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों के लंबे धैर्य और संघर्ष का सुखद परिणाम है। 250 करोड़ रुपये का यह निवेश न केवल लाखों परिवारों के चूल्हे जलाएगा, बल्कि राज्य की प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा। 1 मई से खातों में आने वाली बढ़ी हुई रकम उत्तर प्रदेश में एक ‘शिक्षा क्रांति’ की नई शुरुआत मानी जा रही है।
read more here