Women Health Tips: बार-बार होने वाले यूटीआई से हैं परेशान तो क्रैनबेरी जूस हो सकता है मददगार, जानें सेवन का सही तरीका

Women Health Tips: बार-बार होने वाले यूटीआई से बचाएगा क्रैनबेरी जूस

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Women Health Tips: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी यूटीआई महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में सबसे आम है। दुनियाभर में करोड़ों महिलाएं हर साल इस संक्रमण की चपेट में आती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक बार ठीक होने के बाद भी करीब 30 फीसदी महिलाओं को कुछ ही महीनों के भीतर दोबारा यूटीआई का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब राहत की बात यह है कि वैज्ञानिक शोध और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, क्रैनबेरी जूस इस समस्या से बचाव में एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय बनकर उभरा है। यह न केवल संक्रमण को रोकता है, बल्कि एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भरता को भी कम कर सकता है।

Women Health Tips: कैसे काम करता है क्रैनबेरी जूस

क्रैनबेरी में कुछ ऐसे खास तत्व होते हैं जो यूटीआई के खिलाफ सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। इनमें प्रोएन्थोसाइनिडिन्स नाम के बायोएक्टिव कंपाउंड और फिनोलिक एसिड पाए जाते हैं। ये तत्व बैक्टीरिया को ब्लैडर की दीवारों से चिपकने से रोकते हैं। क्रैनबेरी बैक्टीरिया को मारती नहीं है, बल्कि यह मूत्राशय की परत को ऐसा बना देती है कि संक्रमण पैदा करने वाले ई कोलाई जैसे बैक्टीरिया उस पर अपनी पकड़ नहीं बना पाते। जब बैक्टीरिया दीवार से चिपक नहीं पाते, तो वे पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं और संक्रमण की शुरुआत ही नहीं हो पाती।

शोध क्या कहते हैं

हालिया मेडिकल शोधों ने इस बात पर मुहर लगाई है कि क्रैनबेरी का नियमित सेवन बचाव के लिए बेहद जरूरी है। ‘यूरोपियन यूरोलॉजी फोकस’ में प्रकाशित एक व्यापक अध्ययन, जिसमें 3,000 से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, उसमें चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। शोध में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से क्रैनबेरी जूस का सेवन करते थे, उनमें यूटीआई होने की दर सामान्य लोगों के मुकाबले 54 फीसदी तक कम रही। इतना ही नहीं, क्रैनबेरी जूस का सेवन करने वाले लोगों में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता भी 49 फीसदी तक घट गई। यह डेटा स्पष्ट करता है कि बार-बार यूटीआई से जूझ रही महिलाओं के लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कब और कैसे करें सेवन

क्रैनबेरी का लाभ लेने के लिए इसका सेवन बीच-बीच में करने के बजाय लगातार करना जरूरी है। कई क्लिनिकल ट्रायल्स से यह पता चला है कि अगर आप कम से कम 12 से 24 हफ्तों तक इसे अपनी दिनचर्या में शामिल रखते हैं, तभी यह संक्रमण रोकने में कारगर साबित होता है।

बाजार में मिलने वाले जूस और क्रैनबेरी सप्लीमेंट में से कौन सा बेहतर है, क्रैनबेरी जूस को सप्लीमेंट की तुलना में ज्यादा प्रभावी पाया गया है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि जूस के साथ पर्याप्त तरल पदार्थ शरीर में जाता है, जिससे मूत्र मार्ग की सफाई बेहतर तरीके से हो पाती है। हालांकि, खरीदारी करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप 100 फीसदी प्योर क्रैनबेरी जूस ही लें। अगर जूस में चीनी की मात्रा अधिक है, तो वह उतना फायदा नहीं करेगा। हर दिन लगभग 36 मिलीग्राम प्रोएन्थोसाइनिडिन्स का सेवन संक्रमण से बचने के लिए आदर्श माना जाता है।

Women Health Tips: सावधानी और निष्कर्ष

यूटीआई के इलाज में क्रैनबेरी एक बचाव का जरिया तो है, लेकिन इसे दवा का पूर्ण विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अगर आपको पहले से ही तेज बुखार, कमर में दर्द या पेशाब में खून आने जैसे गंभीर लक्षण दिख रहे हैं, क्रैनबेरी केवल भविष्य में होने वाले संक्रमण को रोकने और रिकरेंट यूटीआई को कम करने में आपकी मदद करती है। अपनी जीवनशैली में पर्याप्त पानी पीना, स्वच्छता बनाए रखना और डॉक्टर की सलाह के साथ क्रैनबेरी जैसे प्राकृतिक उपायों का संतुलित उपयोग आपको इस तकलीफदेह समस्या से काफी हद तक छुटकारा दिला सकता है। स्वस्थ रहने के लिए सही जानकारी के साथ सही आदतों का अपनाना ही सबसे बड़ा बचाव है।

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