BRICS 2026 गाला डिनर में निमंत्रण के बावजूद क्यों नहीं पहुंचे कांग्रेस शासित राज्यों के तीन मुख्यमंत्री?
BRICS 2026 गाला डिनर में निमंत्रण के बावजूद क्यों नहीं पहुंचे कांग्रेस शासित राज्यों के तीन मुख्यमंत्री?
BRICS 2026: भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के सम्मान में रखे गए गाला डिनर को लेकर देश की राजनीति में हलचल मच गई है। दरअसल इस खास रात्रिभोज में सिर्फ भाजपा और उसके सहयोगी दलों से जुड़े मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी देखी गई, जिसके बाद इसे सत्ताधारी गठबंधन तक सीमित कार्यक्रम बताया जाने लगा। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को भी इस आयोजन का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री उस वक्त विदेश यात्रा पर होने की वजह से शामिल नहीं हो सके, जबकि कांग्रेस शासित तीन राज्यों तेलंगाना, केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों ने निमंत्रण मिलने के बावजूद इस राजनयिक कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी दिल्ली की सियासी गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
BRICS 2026: गाला डिनर में सिर्फ एनडीए नेताओं की मौजूदगी से उठे सवाल
BRICS सम्मेलन के दौरान विदेशी अतिथियों के सम्मान में आयोजित इस रात्रिभोज में शुरुआत में केवल भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के मुख्यमंत्री ही नजर आए। इसके चलते विपक्षी खेमे में यह धारणा बनने लगी कि सरकार ने जानबूझकर विरोधी दलों के मुख्यमंत्रियों को इस आयोजन से दूर रखा। इसी को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
सूत्रों ने किया दावा, सभी को भेजा गया था निमंत्रण
टीओआई की रिपोर्ट के हवाले से आधिकारिक सूत्रों ने साफ किया है कि इस विशेष रात्रिभोज के लिए देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को विधिवत निमंत्रण भेजा गया था, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखते हों। सूत्रों के अनुसार यह फैसला भारत की अध्यक्षता के दौरान विभिन्न शहरों में BRICS से जुड़े कार्यक्रमों की मेजबानी करने की व्यापक रणनीति का ही हिस्सा था।
तेलंगाना, केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे नदारद
जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रात्रिभोज से एक दिन पहले 12 सितंबर को निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि बाद में उनके कार्यालय की ओर से सरकार को सूचित किया गया कि अपरिहार्य कारणों से वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीसन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने भी इस आयोजन में हिस्सा नहीं लिया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी की वजह अलग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की अनुपस्थिति को लेकर स्थिति बाकी तीन मुख्यमंत्रियों से अलग बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वे रात्रिभोज के समय देश से बाहर किसी विदेशी यात्रा पर थे, जिस वजह से वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इसे राजनीतिक बहिष्कार के बजाय एक व्यावहारिक कारण के तौर पर पेश किया जा रहा है।
पहले भी उठ चुका है राजकीय आयोजनों में भागीदारी का मुद्दा
गौरतलब है कि राजकीय कार्यक्रमों में शिरकत को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले भी टकराव देखने को मिल चुका है। भाजपा पूर्व में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निमंत्रण के बावजूद महत्वपूर्ण राजकीय आयोजनों से दूरी बनाने का आरोप लगा चुकी है। इसके जवाब में कांग्रेस ने भी सरकार पर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कुछ राजकीय भोज में आमंत्रित न करने का आरोप लगाया है।
BRICS 2026: सरकार ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
सूत्रों ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों के इस अहम अंतरराष्ट्रीय आयोजन में शामिल न होने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि BRICS जैसे वैश्विक मंच पर देश की एकजुट छवि पेश करने के लिए सभी राज्यों की भागीदारी जरूरी मानी जाती है। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर किसी भी दल की ओर से सीधा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप सामने नहीं आया है।
कुल मिलाकर, BRICS शिखर सम्मेलन के गाला डिनर से जुड़ा यह घटनाक्रम भले ही अभी खुले राजनीतिक विवाद का रूप न ले पाया हो, लेकिन इसने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच भरोसे की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सरकार का दावा है कि सभी मुख्यमंत्रियों को समान रूप से निमंत्रण भेजा गया था, जबकि तीन कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति अलग-अलग वजहों से बताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा रूप लेता है या यहीं तक सीमित रह जाता है।
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