अचानक बेहोश हो जाए कोई तो क्या करें? घबराने के बजाय अपनाएं ये जरूरी फर्स्ट एड तरीके

बेहोशी की स्थिति में सांस और प्रतिक्रिया जांचने से लेकर CPR और अस्पताल पहुंचाने तक जरूरी फर्स्ट एड जानें

0
First Aid Tips: सार्वजनिक स्थान, दफ्तर या घर में किसी व्यक्ति का अचानक चक्कर खाकर गिर जाना या अचेत हो जाना आसपास मौजूद लोगों के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति पैदा कर देता है। ऐसी आपात स्थिति में घबराहट और हड़बड़ाहट के बजाय शांत दिमाग से प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देना व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
चिकित्सीय भाषा में बेहोशी को सिंकोप (Syncope) कहा जाता है। यह मस्तिष्क में अस्थायी रूप से रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की कमी के कारण होती है। इसके पीछे अचानक ब्लड प्रेशर का गिरना, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन), अत्यधिक गर्मी, लंबे समय तक भूखे रहना या खाली पेट धूप में खड़ा रहना जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं। हालांकि, कुछ स्थितियों में यह हृदय रोग, स्ट्रोक या न्यूरोलॉजिकल विकारों का संकेत भी हो सकता है, इसलिए इसे कभी भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

First Aid Tips: सबसे पहले व्यक्ति की प्रतिक्रिया और सांस की जांच करें

जब भी कोई व्यक्ति अचानक गिर पड़े, तो सबसे पहले उसके पास पहुंचकर उसकी चेतना की स्थिति परखनी चाहिए। व्यक्ति के दोनों कंधों को हल्के से थपथपाएं और ऊंची आवाज में पूछें कि क्या वह ठीक है। यदि व्यक्ति कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो बिना समय गंवाए आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए आवाज दें और तुरंत आपातकालीन मेडिकल एम्बुलेंस (108 या 112) को कॉल करने के लिए कहें।
इसके तुरंत बाद उसकी सांस की जांच करें। अपने कान को उसके मुंह और नाक के पास ले जाएं तथा उसकी छाती के उतार-चढ़ाव को ध्यान से देखें। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि व्यक्ति की सांस सामान्य रूप से चल रही है या नहीं। यदि सांस पूरी तरह बंद हो या केवल खर्राटे जैसी असामान्य आवाज (गैस्पिंग) आ रही हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तुरंत सीपीआर (CPR) शुरू किया जाना चाहिए।

यदि सांस चल रही हो तो अपनाएं सुरक्षित लेटने की मुद्रा

यदि व्यक्ति अचेत है लेकिन उसकी सांस सामान्य रूप से चल रही है और गिरने से रीढ़ या सिर पर कोई प्रत्यक्ष गंभीर चोट नहीं दिख रही है, तो उसे समतल जमीन पर पीठ के बल लिटा दें।
इसके बाद उसके पैरों को किसी तकिए, बैग या सहारे की मदद से जमीन से लगभग 12 इंच (एक फुट) ऊपर उठा दें। पैरों को ऊपर उठाने से गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर के निचले हिस्से से रक्त का प्रवाह तेजी से मस्तिष्क और हृदय की ओर होने लगता है, जिससे व्यक्ति को होश में आने में मदद मिलती है।
साथ ही, व्यक्ति के गले, छाती और कमर के टाइट कपड़ों, बेल्ट या टाई को तुरंत ढीला कर दें। उसके आसपास भीड़ न जुटने दें ताकि उसे पर्याप्त ताजी हवा मिल सके। व्यक्ति को तुरंत जबरन बैठाने या खड़ा करने का प्रयास बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे मस्तिष्क में दोबारा रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है।

होश आने पर तुरंत पानी या भोजन देने से बचें

होश में आते ही किसी भी व्यक्ति के मुंह में जबरन पानी डालना या खाना खिलाना बेहद खतरनाक हो सकता है। अचेत या आधी बेहोशी की अवस्था में शरीर का निगलने वाला रिफ्लेक्स पूरी तरह सक्रिय नहीं होता। ऐसे में तरल पदार्थ सांस की नली और फेफड़ों में जा सकता है, जिसे ‘एस्पिरेशन’ कहा जाता है। यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
व्यक्ति के होश में आने के बाद पहले उसे शांत रहने दें और कुछ मिनटों तक लेटे रहने दें। जब वह पूरी तरह सतर्क हो जाए, सही ढंग से बात करने लगे और सामान्य महसूस करे, तभी उसे धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके सामान्य पानी या ओआरएस (ORS) का घोल दिया जा सकता है।

कब तुरंत अस्पताल ले जाना अनिवार्य है?

हर बेहोशी सामान्य नहीं होती। यदि व्यक्ति एक मिनट से अधिक समय तक बेहोश रहता है और होश में नहीं आता, तो यह गंभीर आपात स्थिति है। इसके अतिरिक्त यदि बेहोशी के पहले या बाद में सीने में तेज दर्द, दिल की असामान्य धड़कन, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, शरीर के एक हिस्से में सुन्नता या कमजोरी, बोलने में लड़खड़ाहट, मुंह से झाग आना या शरीर में दौरे (दौड़े पड़ना) के लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचना चाहिए।
गिरने के कारण यदि सिर से खून बह रहा हो या कोई हड्डी टूट गई हो, तब भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं के मामले में रखें विशेष सावधानी

यदि बेहोश होने वाली महिला गर्भवती है, विशेषकर गर्भावस्था के दूसरे या तीसरे ट्राइमेस्टर में, तो उसे पीठ के बल सीधा लिटाने से बचना चाहिए। पीठ के बल लेटने पर गर्भाशय का भार मुख्य रक्त शिरा (इन्फीरियर वेना कावा) पर पड़ता है, जिससे हृदय और भ्रूण दोनों में रक्त की आपूर्ति घट सकती है।
गर्भवती महिला को हमेशा बाईं करवट (लेफ्ट लेटरल पोजीशन) में लिटाना चाहिए। इससे रक्त संचार सुचारू बना रहता है। ऐसी स्थिति में प्राथमिक उपचार के साथ ही तुरंत डॉक्टर या आपातकालीन सेवा को बुलाना अनिवार्य होता है।

First Aid Tips: बार-बार होने वाली बेहोशी की मेडिकल जांच जरूरी

यदि किसी व्यक्ति को बार-बार चक्कर आते हैं या वह बार-बार अचेत हो जाता है, तो इसे केवल कमजोरी मानकर घरेलू काढ़े या टॉनिक पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इसके मूल कारण की पहचान के लिए ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राफी, ब्लड शुगर टेस्ट, सीबीसी और न्यूरोलॉजिकल जांच करवानी चाहिए।
अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिरना (ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन), खून की गंभीर कमी (एनीमिया) या दिल की धड़कनों की अनियमितता (एरिदमिया) इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। सही समय पर सटीक जांच और समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी भी बड़े खतरे को टालने में सबसे बड़ा रक्षा कवच बनता है।

Read more here

DSSSB Recruitment 2026: दिल्ली जिला अदालतों में 641 पद, 4 नवंबर तक ऑनलाइन फॉर्म, 10वीं से ग्रेजुएट पात्र

Bajaj Pulsar Festive Offer 2026: ₹12,000 तक का लाभ, कैश डिस्काउंट और पांच फ्री सर्विस

UPI AutoPay से चुपके से पैसे कट रहे हैं? पुराने मैंडेट कैसे खोजें और रद्द करें

राम नाम शरीर पर गुदवाकर भक्ति करता है यह समुदाय, 130 साल पुरानी है छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज की अनोखी परंपरा

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.