11 मई 2026 मौसम अपडेट: राजस्थान-गुजरात में भीषण लू और ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली में आंधी-बारिश की संभावना, दक्षिण में राहत
पश्चिम में 45 डिग्री गर्मी, दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी-बारिश, दक्षिण-पूर्वोत्तर में बारिश
Aaj ka mausam 11 May 2026: भारत के मौसम में एक अजीब द्वंद्व देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत के विशाल मैदान भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं ने राहत की फुहारें बरसाई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर समेत मध्य भारत के कुछ हिस्सों में शाम तक धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यह बदलता मौसम न केवल स्वास्थ्य और कृषि को प्रभावित कर रहा है, बल्कि बिजली की मांग और शहरी बुनियादी ढांचे पर भी भारी दबाव डाल रहा है।
दिल्ली-एनसीआर: उमस और धूल भरी आंधी के बीच राहत की उम्मीद
देश की राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, हवा में नमी का स्तर 60 प्रतिशत से ऊपर होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दोपहर के बाद 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो अपने साथ हल्की बूंदाबांदी ला सकती हैं। यह बदलाव पिछले कुछ दिनों से पड़ रही 40 डिग्री से ऊपर की गर्मी से थोड़ी राहत जरूर देगा, लेकिन आंधी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
पश्चिमी भारत: राजस्थान और गुजरात में ‘ऑरेंज अलर्ट’
पश्चिमी भारत के राज्यों, विशेषकर राजस्थान और गुजरात के लिए आज का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण है। जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है। गर्म और शुष्क पछुआ हवाओं ने यहाँ लू की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसी तरह गुजरात के अहमदाबाद और कच्छ क्षेत्रों में भी तापमान 43 डिग्री के पार रहने की संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में दोपहर के समय निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और स्कूलों के समय में बदलाव करने की हिदायत दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुओं को सीधे धूप से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करें, क्योंकि इस तरह की भीषण गर्मी फसलों की नमी सोख सकती है।
दक्षिण और तटीय भारत: मानसूनी हवाओं का सक्रिय प्रभाव
दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की तस्वीर उत्तर भारत से बिल्कुल विपरीत है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा रही है। बेंगलुरु और कोच्चि जैसे शहरों में आज तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, जो उत्तर भारत की तुलना में काफी खुशनुमा है। चेन्नई और हैदराबाद में भी स्थानीय स्तर पर बादलों के गरजने और हल्की बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। हालांकि, मुंबई और कोंकण तट पर आर्द्रता (Humidity) बहुत अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। यहाँ तापमान भले ही 35 डिग्री के आसपास हो, लेकिन महसूस होने वाला तापमान (RealFeel) 40 डिग्री से अधिक का अनुभव करा रहा है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में आज छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जिससे पटना और कोलकाता जैसे शहरों में तापमान कुछ डिग्री कम रह सकता है। लेकिन असली चिंता पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मेघालय और मणिपुर को लेकर है, जहाँ IMD ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया है, जिससे सड़क यातायात और रसद आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
Aaj ka mausam 11 May 2026: स्वास्थ्य सलाह और कृषि जगत के लिए निर्देश
मौसम वैज्ञानिकों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी और अचानक होने वाले बदलावों को देखते हुए आम जनता के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोग खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि ओआरएस (ORS), छाछ और नारियल पानी का भी सेवन करें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कृषि के क्षेत्र में, यह बारिश खरीफ फसलों की तैयारी के लिए तो अच्छी है, लेकिन तेज आंधी रबी की बची-खुची कटाई में बाधा डाल सकती है। किसानों को मौसम ऐप के जरिए नियमित अपडेट लेने और मौसम को देखते हुए ही कीटनाशकों का छिड़काव करने को कहा गया है।
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