Aaj Ka Mausam 21 July 2026: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-उत्तराखंड में IMD की चेतावनी
दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट
देश भर में मानसून 2026 अपनी पूरी गति से सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अलर्ट और उपग्रहीय विनिर्देशों के अनुसार, आज यानी 21 जुलाई 2026 को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मानसूनी ट्रफ लाइन के अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण की ओर खिसकने और तटीय क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई प्रमुख राज्यों के लिए ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, यातायात में व्यवधान और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों व यात्रियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR में बादलों का डेरा, झमाझम बारिश और येलो अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में आज पूरे दिन आंशिक से सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। IMD के ताज़ा विनिर्देशों के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन भर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए मौसम विभाग ने सार्वजानिक परिवहन के उपयोग की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का कहर, पूर्वी यूपी में ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में मानसून का असर सबसे व्यापक देखा जा रहा है। राज्य की राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और गोरखपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, बरेली और आगरा में आंधी और गरज के साथ मध्यम वर्षा होने की संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश से जहाँ खरीफ फसलों (धान, गन्ना) को बड़ा फायदा मिलेगा, वहीं तराई वाले क्षेत्रों और प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है।
बिहार और झारखंड: मानसूनी ट्रफ लाइन का सीधा प्रभाव और जलभराव की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार और झारखंड में भी मानसून की ट्रफ लाइन के सीधे प्रभाव के कारण मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है। बिहार के पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला बना हुआ है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में बादलों की आवाजाही के साथ येलो अलर्ट जारी है। IMD के अनुसार, इन राज्यों के निचले शहरी क्षेत्रों में जलभराव और अचानक नदियों के उफान पर आने से जल-जमाव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे निपटने के लिए आपदा राहत टीमों को तैयार रहने को कहा गया है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा और यात्रा सलाह
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय अंचलों में मानसून की बारिश भारी आफत बन सकती है। उत्तराखंड के देहादून, नैनीताल, उत्तरकाशी और चमोली में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पहाड़ियों से चट्टानें खिसकने (Landslides) और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए IMD ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को अनावश्यक पहाड़ी यात्राएं टालने की स्पष्ट हिदायत दी है। हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मंडी और कुल्लू-मनाली में भूस्खलन के संभावित क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों में मानसून का प्रभाव
राजस्थान के पूर्वी संभागों जैसे जयपुर, कोटा और उदयपुर में मेघगर्जन के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। इसके अतिरिक्त, तटीय महाराष्ट्र (मुंबई व कोंकण क्षेत्र), गुजरात और दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक व केरल में भी मानसूनी हवाओं के प्रभाव से रुक-रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी।
निष्कर्ष: 21 जुलाई 2026 को पूरे देश में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावी रहेंगी। जहाँ कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश अत्यंत लाभदायक साबित हो रही है, वहीं आम जनजीवन को प्रभावित होने से बचाने के लिए स्थानीय चेतावनियों का पालन करना, उफनते नदी-नालों से दूर रहना और सुरक्षित यात्रा प्लान तैयार करना आवश्यक है।
Read More Here
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की 5 सीख, जीवन को सही दिशा देने और पछतावे से बचने का सटीक मार्ग
Airtel Unlimited 5G यूजर्स ध्यान दें! हॉटस्पॉट से डेटा शेयरिंग को लेकर वायरल दावे का सच क्या है