Vaibhav Sooryavanshi के ‘सुपरस्टार’ बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना
Vaibhav Sooryavanshi के 'सुपरस्टार' बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना
Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने छोटी उम्र में ही अपनी पारी से सबका ध्यान खींच लिया है। कई लोग उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बताने लगे हैं। लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने इस उत्साह पर रोक लगाने वाली सलाह दी है। कपिल ने साफ कहा कि वैभव को अभी से सुपरस्टार कहना जल्दबाजी होगी। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली का उदाहरण भी दिया।
कपिल के मुताबिक अगले करीब तीन साल में वैभव की जिंदगी और सोच दोनों में बदलाव आएगा। उसके बाद ही बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा कि वह अपने करियर को किस दिशा में ले जाते हैं। सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन देखना काफी नहीं है। खिलाड़ी की सोच, लाइफस्टाइल और बदलती परिस्थितियों में खुद को संभालने की क्षमता भी भविष्य में बड़ी भूमिका निभाती है।
कपिल देव ने वैभव को सुपरस्टार कहने से क्यों मना किया?
कपिल देव का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी को शुरुआती सफलता के आधार पर तुरंत सुपरस्टार का टैग देना जल्दबाजी है। वैभव ने अपनी उम्र में जो प्रदर्शन किया है वह सराहनीय है, लेकिन लंबे करियर के लिए सिर्फ शुरुआती टैलेंट पर्याप्त नहीं होता। कपिल ने कहा कि क्रिकेट में कई खिलाड़ी अच्छी शुरुआत के बाद उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इसलिए वैभव को लेकर अभी कोई बड़ा फैसला करना उचित नहीं होगा। उन्हें शांति से आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।
विनोद कांबली का उदाहरण क्यों दिया गया?
अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए कपिल देव ने विनोद कांबली का नाम लिया। कांबली भी एक समय बहुत बड़े टैलेंट के रूप में उभरे थे। शुरुआती दिनों में उनकी बल्लेबाजी ने सबको प्रभावित किया था। लेकिन बाद में उनका करियर उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी। कपिल ने यह उदाहरण इसलिए दिया कि शुरुआती चमक लंबे समय तक सफलता की गारंटी नहीं होती। वैभव के मामले में भी सबक यही है कि धैर्य रखना जरूरी है।
वैभव की उम्र और समय देने की सलाह क्यों महत्वपूर्ण है?
कपिल देव ने वैभव की उम्र का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैभव अभी बहुत युवा हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। अगले तीन साल में उनकी सोच और जीवनशैली दोनों में बदलाव आने की संभावना है। इस दौरान वह कैसे खुद को संभालते हैं, यह उनके भविष्य के लिए अहम होगा। कम उम्र में मिलने वाली शोहरत और दबाव को संभालना आसान नहीं होता। इसलिए जल्दबाजी में बड़े टैग लगाने से बेहतर है कि उन्हें शांत माहौल में विकसित होने दिया जाए।
प्रदर्शन के अलावा और क्या चीजें मायने रखती हैं?
कपिल देव ने साफ कहा कि सिर्फ मैदान पर रन बनाना या शानदार पारी खेलना ही पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ी की सोच, उसकी जीवनशैली और बदलती परिस्थितियों के बीच खुद को संभालने की क्षमता भी करियर को आकार देती है। युवा खिलाड़ी जब अचानक चर्चा में आते हैं तो उनके आसपास का माहौल तेजी से बदलता है। उस दबाव को सही तरीके से संभालना और लंबे समय तक फोकस बनाए रखना चुनौती भरा होता है। कपिल के अनुसार वैभव के लिए यही पहलू आगे चलकर महत्वपूर्ण साबित होंगे।
Vaibhav Sooryavanshi: कपिल देव की सलाह का सार क्या है?
कपिल देव की सलाह का मूल संदेश धैर्य और संयम का है। वैभव में टैलेंट है, क्षमता है और उन्होंने अपनी उम्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन अभी से उन्हें सुपरस्टार घोषित करना जल्दबाजी होगी। विनोद कांबली जैसे उदाहरण याद दिलाते हैं कि शुरुआती सफलता के बाद भी करियर को सही दिशा में ले जाना आसान नहीं होता। वैभव को समय दिया जाना चाहिए। अगले कुछ साल बताएंगे कि वह विश्व क्रिकेट में कितनी बड़ी पहचान बना पाते हैं।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। कपिल देव जैसे अनुभवी दिग्गज की सलाह है कि इस युवा खिलाड़ी पर अभी से ज्यादा दबाव न डाला जाए। उन्हें शांति से खेलने और खुद को विकसित करने का मौका मिले। समय के साथ उनकी सोच और खेल दोनों निखरेंगे। तभी सही मायने में यह तय हो सकेगा कि वैभव भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में अपनी जगह बना पाते हैं या नहीं। फिलहाल धैर्य रखना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
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