Used Car Sales India 2026: नई कार से आगे निकली पुरानी कार की बिक्री, हर 10 नई पर 14-15 यूज्ड गाड़ियां, त्योहार पर तुरंत डिलीवरी भी वजह
Used Car Sales India 2026: नई कार से आगे निकली पुरानी कार की बिक्री, हर 10 नई पर 14-15 यूज्ड गाड़ियां, त्योहार पर तुरंत डिलीवरी भी वजह
Used Car Sales India 2026: भारत में सेकंड-हैंड कार अब मोहल्ले के छोटे डीलर तक सीमित नहीं रही। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के हवाले से कहा जा रहा है कि हर 10 नई कार पर करीब 14 से 15 पुरानी कारें बिक रही हैं। बाजार का आकार करीब 45 अरब डॉलर बताया गया है और वृद्धि 8 से 10 प्रतिशत सालाना है, जो नई गाड़ियों की रफ्तार से तेज मानी जा रही है। सस्ता विकल्प, पहली बिक्री पर मूल्य की गिरावट से बचना और त्योहार पर स्पॉट डिलीवरी इस बदलाव की मुख्य वजहें गिनाई जा रही हैं। आंकड़े रिपोर्टों और डीलरों के आकलन पर आधारित हैं।
खरीदार की सोच दोनों बाजारों में अलग है। नई कार में तकनीक, ब्रांड और शून्य किलोमीटर का अहसास हावी है। पुरानी में बजट में ऊंची श्रेणी और मूल्य गिरावट का कम झटका। फेस्टिव सीजन में दोनों की मांग बढ़ती है, लेकिन इंतजार और छूट का समीकरण अलग रहता है।
Used Car Sales India 2026: नई और पुरानी कार की पसंद में क्या फर्क है?
नई बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। पुरानी में भी एसयूवी करीब 38 प्रतिशत मांग लेती है, उसके बाद हैचबैक और छोटी गाड़ियां आती हैं। ईंधन में फर्क साफ है। नई गाड़ियों में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक का हिस्सा 41 से 42 प्रतिशत तक पहुंचने की बात कही गई है। पुरानी में पेट्रोल अभी करीब 62 प्रतिशत के साथ सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। उम्र के लिहाज से खरीदार 3 से 7 साल पुरानी गाड़ियां ज्यादा लेते हैं, जिनकी हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत बताई गई है। ये गाड़ियां चलने लायक आधुनिक फीचर रखती हैं और शोरूम वाली कीमत से नीचे मिलती हैं।
| मद | नई कार | पुरानी कार |
|---|---|---|
| खरीद की वजह | तकनीक, ब्रांड, नया अहसास | बजट, मूल्य गिरावट से बचाव |
| बॉडी स्टाइल | एसयूवी 50% से ज्यादा | एसयूवी करीब 38%, फिर हैचबैक |
| ईंधन | सीएनजी, हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक 41-42% | पेट्रोल करीब 62% |
| उम्र | शून्य किलोमीटर | आमतौर पर 3 से 7 साल |
त्योहार पर मांग क्यों उछलती है?
नवरात्रि, दशहरा और दिवाली पर घर में नई खरीदारी की चाह दोनों बाजार खींचती है। नई कार पर कंपनियां छूट और एक्सचेंज देती हैं, लेकिन मनपसंद रंग या वेरिएंट पर इंतजार लंबा हो सकता है। संगठित पुरानी कार कंपनियां स्पॉट डिलीवरी, करीब एक साल की वारंटी और आसान लोन का ऑफर रखती हैं। खरीदार त्योहार से पहले गाड़ी घर ले जाना चाहता है, इसलिए इंतजार वाली नई बुकिंग हार जाती है। छूट का लालच तभी काम आता है, जब डिलीवरी तारीख पूजा से पहले पक्की हो।
एक्सपर्ट मूल्य गिरावट और डीलर को कैसे समझाते हैं?
रांची स्थित पोद्दार मोटर्स और रियल वैल्यू के सेल्स मैनेजर मोहम्मद एहतेशाम अली का कहना है कि सेकंड-हैंड पर संकोच घटा है। पहली वजह मूल्य की गिरावट है। दस लाख की नई कार पहली बिक्री पर 2 से 2.5 लाख कम दाम पा सकती है। पुरानी खरीदकर बेचने पर नुकसान उनके आकलन में करीब 50 हजार तक रह सकता है। यह उदाहरण औसत है, मॉडल और किलोमीटर से आंकड़ा बदलता है। दूसरी सलाह अधिकृत डीलर और MoRTH प्रमाणपत्र वाले विक्रेता से खरीदने की है। जांच टीम गाड़ी को सेल से पहले वर्कशॉप में देखती है, फिर भी खरीददार को कागज खुद पढ़ने चाहिए।
Used Car Sales India 2026: खरीद से पहले कौन से कागज और पुर्जे जांचें?
कीमत अकेले काफी नहीं। त्योहार की भीड़ में जल्दबाजी महंगी पड़ती है। सर्विस रिकॉर्ड, इंश्योरेंस, आरसी, पॉल्यूशन प्रमाणपत्र और ओनरशिप हिस्ट्री मिला लें। इंजन, गियरबॉक्स, टायर, ब्रेक, सस्पेंशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम अलग से चेक हों। संगठित या सर्टिफाइड डीलर हो तो वारंटी और रिटर्न की शर्त लिखवा लें। एक ही बजट में एंट्री-लेवल नई कार के मुकाबले कुछ साल पुरानी प्रीमियम हैचबैक, कॉम्पैक्ट एसयूवी या सेडान मिल सकती है। उम्र के साथ मेंटेनेंस बढ़ता है। सस्ती बहुत पुरानी गाड़ी रिपेयर में फायदा खा सकती है। कीमत के साथ कुल लागत देखना समझदारी है।
Read More Here:-
Friday OTT Releases: फ्राइ़डे को ओटीटी पर रिलीज हुई 8 जबरदस्त फिल्में-सीरीज, वीकेंड पर करें बिंज वॉच
Vaibhav Sooryavanshi के ‘सुपरस्टार’ बनने पर कपिल देव का बड़ा बयान, कांबली से की तुलना