यूपी की सड़क क्रांति: 29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन; मेरठ से प्रयागराज का सफर अब मात्र 6 घंटे में
120 किमी/घंटा की रफ्तार और शाहजहांपुर में एयरस्ट्रिप; 12 जिलों की बदलेगी तकदीर।
Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में 29 अप्रैल 2026 एक स्वर्णिम तारीख बनने वाली है। देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन अब केवल एक सप्ताह दूर है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संगम नगरी प्रयागराज तक का सफर पूरी तरह बदल जाएगा।
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब और कहां होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। 594 किलोमीटर की कुल लंबाई के साथ यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन गया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे महत्वाकांक्षी विजन का हिस्सा है, जो यमुना और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद राज्य की सड़क क्रांति में एक नया अध्याय जोड़ती है।
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट क्या होगी?
यह एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड यात्रा के लिए तैयार किया गया है।
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स्पीड लिमिट: निजी कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
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समय की बचत: इस रफ्तार पर मेरठ से प्रयागराज का सफर, जो पहले 10-12 घंटे में पूरा होता था, वह अब मात्र 6 से 7 घंटों में पूरा हो जाएगा।
Ganga Expressway: मेरठ से प्रयागराज का टोल कितना लगेगा?
टोल दरें तय की गई दूरी के आधार पर वसूली जाएंगी:
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निजी कार/जीप: मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा सफर ~ ₹1,515 (लगभग ₹2.55/किमी)।
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हल्के व्यावसायिक वाहन: लगभग ₹4.05 प्रति किलोमीटर।
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भारी वाहन (बस/ट्रक): एकतरफा सफर के लिए ₹4,800 तक। पूरे मार्ग पर कुल 14 टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जिनमें मेरठ और प्रयागराज मुख्य प्लाजा होंगे।
कितने जिलों और गांवों से गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे?
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ते हुए 12 जिलों से होकर गुजरता है:
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज। इन जिलों के लगभग 519 गांव इस एक्सप्रेसवे के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं, जिससे कृषि और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
Ganga Expressway: एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएं और हवाई पट्टी
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हवाई पट्टी: शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी बनाई गई है, जिसका उपयोग वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा।
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जन सुविधा परिसर: पूरे मार्ग पर 9 परिसर होंगे जिनमें ईंधन स्टेशन, फूड कोर्ट और रेस्ट एरिया उपलब्ध होंगे।
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अत्याधुनिक टोल: सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली लगाई गई है, जिससे निकास बिंदु पर तय दूरी के अनुसार टोल खुद ही कट जाएगा।
Ganga Expressway: 6 लेन का विस्तार और भविष्य की योजना
वर्तमान में यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे है, लेकिन भविष्य में बढ़ते यातायात को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान पहले से ही रखा गया है। यह दूरदर्शी योजना आने वाले दशकों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने पर भी सुगम यातायात सुनिश्चित करेगी।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश के सुनहरे भविष्य की सड़क
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, यह उन करोड़ों लोगों की उम्मीद है जो बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे थे। 12 जिलों और 519 गांवों के जीवन को छूने वाली यह परियोजना राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में दूरगामी भूमिका निभाएगी। 29 अप्रैल का दिन यूपी के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।
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