Upcoming IPOs June 2026: इस हफ्ते निवेशकों को मिलेगा दोहरा मौका, CMR Green Technologies और Hexagon Nutrition के ₹770 करोड़ के IPO खुलने को तैयार, OFS मॉडल और GMP पर रहेगी बाजार की नजर
CMR Green Technologies और Hexagon Nutrition लेकर आ रहे हैं निवेश का मौका
Upcoming IPOs June 2026: जून 2026 का पहला हफ्ता शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक खास अवसर लेकर आ रहा है। इस सप्ताह दो कंपनियां — सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज और हेक्सागन न्यूट्रिशन — अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में कदम रखने जा रही हैं। इन दोनों आईपीओ का कुल आकार करीब 770 करोड़ रुपये का है। खास बात यह है कि दोनों ही इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में संरचित हैं, जिसका अर्थ है कि इनसे जुटाई गई पूरी राशि सीधे बिक्री करने वाले प्रोमोटरों के पास जाएगी, न कि कंपनियों के विस्तार या संचालन में लगेगी।
ये आईपीओ ऐसे समय में बाजार में आ रहे हैं जब वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। बीते कुछ हफ्तों में कई कंपनियों को सेबी से आईपीओ की मंजूरी तो मिली, लेकिन बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अपनी लिस्टिंग की योजनाएं स्थगित कर दीं। इस पृष्ठभूमि में इन दोनों कंपनियों का बाजार में उतरना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज आईपीओ
सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 3 जून से 5 जून 2026 तक आम निवेशकों के लिए खुला रहेगा। हालांकि एंकर निवेशकों के लिए बोली की प्रक्रिया इससे एक दिन पहले, 2 जून को ही शुरू हो जाएगी। कंपनी ने अपने 630.62 करोड़ रुपये के इस सार्वजनिक निर्गम के लिए 182 रुपये से 192 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है।
कंपनी नॉन-फेरस मेटल रिसाइक्लिंग सेक्टर में काम करने वाली एक जानी-मानी इकाई है। यह क्षेत्र हाल के वर्षों में तेजी से प्रासंगिक हुआ है, क्योंकि धातु रिसाइक्लिंग न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यह एक टिकाऊ व्यापारिक मॉडल बन चुका है। कंपनी का आईपीओ ग्रे मार्केट में भी चर्चा में रहा है। 29 मई को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 30 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया, जबकि 30 मई को यह 25 रुपये प्रति शेयर पर देखा गया। ग्रे मार्केट के ये आंकड़े निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर उत्साह का संकेत देते हैं।
हेक्सागन न्यूट्रिशन आईपीओ
दूसरी कंपनी हेक्सागन न्यूट्रिशन का आईपीओ 5 जून 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 9 जून 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशक इसमें 4 जून को बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने इस 139 करोड़ रुपये के सार्वजनिक निर्गम के लिए 42 रुपये से 45 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।
ऊपरी मूल्य स्तर पर इस इश्यू का कुल आकार लगभग 138.87 करोड़ रुपये आंका गया है। इस आईपीओ में प्रोमोटरों की ओर से 3.08 करोड़ से ज्यादा शेयरों की बिक्री की जाएगी। हेक्सागन न्यूट्रिशन की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। शुरुआत में यह एक माइक्रो-न्यूट्रिएंट फॉर्मूलेशन कंपनी के रूप में अस्तित्व में आई थी, लेकिन समय के साथ इसने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए ब्रांडेड न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।
Upcoming IPOs June 2026: OFS आधारित आईपीओ का गणित
इन दोनों आईपीओ की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि ये पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित हैं। OFS और फ्रेश इश्यू के बीच का फर्क समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है:
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फ्रेश इश्यू: जब कोई कंपनी नए शेयर जारी करके धन जुटाती है, तो वह पैसा सीधे कंपनी की बैलेंस शीट में जाता है और उसका उपयोग विस्तार के लिए होता है।
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ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा शेयरधारक या प्रोमोटर अपने हिस्से के शेयर बेचते हैं और उससे मिली रकम सीधे उनके पास जाती है, कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलती।
लिहाजा निवेशकों को यह विश्लेषण करना होगा कि कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति, भविष्य की संभावनाएं और शेयर का मूल्यांकन कितना उचित है।
साल 2026 में अब तक का IPO बाजार
वर्ष 2026 में अब तक घरेलू पूंजी बाजार में करीब 20 कंपनियां मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए प्रवेश कर चुकी हैं। इनमें Fractal Analytics, Shadowfax Technologies और Bharat Coking Coal जैसी बड़ी और चर्चित कंपनियां शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय प्राइमरी मार्केट में गतिविधि बनी हुई है।
हालांकि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का असर भी दिख रहा है। कई कंपनियां, जिन्हें सेबी से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, बाजार के हालात सुधरने का इंतजार करते हुए अपने आईपीओ की तारीखें आगे खिसका रही हैं।
Upcoming IPOs June 2026: निवेशकों के लिए रणनीति और जरूरी बातें
किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
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DRHP का अध्ययन: सबसे पहले कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को ध्यान से पढ़ना चाहिए, जिसमें कंपनी की वित्तीय स्थिति और व्यापारिक मॉडल का विस्तृत विवरण होता है।
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सेक्टर का आकलन: सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के मामले में रिसाइक्लिंग सेक्टर की संभावनाओं को देखना होगा, जबकि हेक्सागन न्यूट्रिशन के मामले में पोषण उद्योग में प्रतिस्पर्धा और कंपनी की ब्रांड वैल्यू महत्वपूर्ण पहलू हैं।
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वैल्यूएशन: ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) एक संकेत जरूर होता है, लेकिन यह लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता। लिस्टिंग के दिन बाजार की चाल और सेक्टर-विशेष की धारणा भी अहम होती है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले सेबी के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखें और अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर ही किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेकर निर्णय लें।
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