UP Supplementary Budget 2026: यूपी अनुपूरक बजट में पांच एक्सप्रेसवे का ऐलान, गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार, विंध्य और जेवर लिंक को भी मिला बड़ा प्रावधान
गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक, विंध्य, जेवर लिंक समेत 5 परियोजनाओं को बड़ा बजट
UP Supplementary Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुनियादी ढांचे और सड़क अवसंरचना को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से एक विशाल अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए लगभग 59 हजार करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में सबसे अधिक प्राथमिकता एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को दी गई है। राज्य को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित करने की मंशा के तहत केवल एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और उनसे जुड़े लिंक मार्गों के लिए 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का विशाल बजटीय प्रावधान किया गया है। सरकार की रणनीति राज्य के मुख्य एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक एकीकृत और अभेद्य हाई-स्पीड ग्रिड तैयार करने की है। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार, विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण, विंध्य-पूर्वांचल लिंक, फर्रुखाबाद ग्रीनफील्ड लिंक और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर को जोड़ने वाले लिंक मार्ग जैसे पांच बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
UP Supplementary Budget 2026: विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 6580 करोड़ का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान
इस अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा वित्तीय आवंटन विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के खाते में गया है, जिसके लिए सरकार ने 6580 करोड़ रुपये की विशाल राशि मंजूर की है। लगभग 333 किलोमीटर लंबा यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे प्रयागराज के पवित्र संगम तट से शुरू होकर मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली जिलों से गुजरते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित सोनभद्र जिले तक जाएगा। भौगोलिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत जटिल, पहाड़ी और नदी-नालों वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिससे इसके निर्माण में उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग का उपयोग किया जाएगा। सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे जिले राज्य के प्रमुख खनिज संपदा केंद्र होने के बावजूद अब तक विश्वस्तरीय सड़क कनेक्टिविटी से दूर थे। विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से इन दूरस्थ और विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी, परिवहन लागत में कमी आएगी और क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बल

उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के विस्तार के लिए अनुपूरक बजट में 5780 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर की लंबाई में आकार ले रहा है। अब सरकार ने इसके उत्तरी छोर को मेरठ से आगे बढ़ाते हुए मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड के रुड़की के रास्ते धार्मिक नगरी हरिद्वार तक विस्तारित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस विस्तार के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को दिल्ली के ट्रैफिक जाम में फंसे बिना सीधे हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचने की सुविधा मिलेगी। आवंटित बजट का बड़ा हिस्सा त्वरित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा करने और प्राथमिक सिविल निर्माण कार्यों को शुरू करने में खर्च किया जाएगा। यह विस्तार धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक व आर्थिक संबंधों को अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी का नया ढांचा
पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के बीच निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना की घोषणा की है, जिसके लिए 2380 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। लगभग 117 किलोमीटर लंबा यह लिंक रोड सोनभद्र जिले से प्रारंभ होकर चंदौली के रास्ते गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाकर जुड़ेगा। इस लिंक मार्ग के अस्तित्व में आने से सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे जिलों के निवासियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे राजधानी लखनऊ और वहां से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली तक सीधी और त्वरित पहुंच मिल जाएगी। यह नेटवर्क राज्य के कृषि और औद्योगिक उत्पादों को बड़े राष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त करने में मदद मिलेगी।
फर्रुखाबाद ग्रीनफील्ड लिंक और जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी परियोजनाएं
कृषि प्रधान और मध्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को मुख्य एक्सप्रेसवे ग्रिड से जोड़ने के लिए फर्रुखाबाद ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह लिंक मार्ग आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को हरदोई और फर्रुखाबाद के रास्ते निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। आलू, अनाज और अन्य कृषि उत्पादों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र फर्रुखाबाद और हरदोई के किसानों व व्यापारियों को दो बड़े एक्सप्रेसवे के बीच बाईपास सुविधा मिलने से उनकी उपज की देशव्यापी आपूर्ति बहुत तेज और किफायती हो जाएगी। इसके साथ ही, जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने वाली लिंक परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह ग्रीनफील्ड मार्ग जेवर एयरपोर्ट को बुलंदशहर के माध्यम से गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा और पूरे पूर्वांचल के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए एक सिग्नल-फ्री और तेज मार्ग मिल जाएगा।
औद्योगिक गलियारों का विकास और चिल्ला रेगुलेटर एलिवेटेड फ्लाईओवर
एक्सप्रेसवे के केवल यातायात तक सीमित न रहने और उनसे आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार ने एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के विकास हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर जैसे औद्योगिक संभावनाओं वाले जिलों को शामिल किया गया है, जहाँ लॉजिस्टिक्स पार्क, मैन्युफैक्चरिंग हब और वेयरहाउसिंग क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, दिल्ली और नोएडा के बीच प्रतिदिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए चिल्ला रेगुलेटर एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह एलिवेटेड रोड दिल्ली के मयूर विहार स्थित चिल्ला रेगुलेटर से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर को सीधे जोड़ेगी, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।
क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की रणनीति
अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे पर दिया गया यह अभूतपूर्व जोर उत्तर प्रदेश सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति को स्पष्ट करता है। राज्य के अपेक्षाकृत पिछड़े या दूरदराज के क्षेत्रों जैसे बुंदेलखंड, पूर्वांचल और विंध्य को अत्याधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़कर सरकार क्षेत्रीय असमानता को समाप्त करना चाहती है। जब एक्सप्रेसवे और लिंक मार्गों का जाल पूरे राज्य में बिछ जाएगा, तो निवेशकों के लिए राज्य के किसी भी जिले में उद्योग लगाना आसान और आकर्षक हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल तात्कालिक रूप से निर्माण क्षेत्र में लाखों रोजगार पैदा होते हैं, बल्कि इनके बन जाने के बाद पर्यटन, आतिथ्य सत्कार, परिवहन, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे सहायक क्षेत्रों में भी स्वरोजगार और नौकरियों के नए अवसर पैदा होते हैं।
UP Supplementary Budget 2026: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और भावी परिदृश्य
निष्कर्ष के तौर पर, उत्तर प्रदेश का यह अनुपूरक बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करता है। पांच नए एक्सप्रेसवे और लिंक मार्गों की घोषणा से राज्य का बुनियादी ढांचा आधुनिक वैश्विक मानकों के समकक्ष खड़ा होता दिखाई दे रहा है। एक्सप्रेसवे ग्रिड के पूर्ण विकसित हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश में माल एवं यात्रियों का परिवहन अत्यंत तीव्र, सुरक्षित और लागत-प्रभावी हो जाएगा। धार्मिक स्थलों, हवाई अड्डों, औद्योगिक हब और कृषि मंडियों का यह एकीकृत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश के सबसे अग्रणी और व्यापार-अनुकूल राज्यों की पहली कतार में मजबूती से स्थापित करेगा।
Read More Here
Darad Ho Jala: खेसारी लाल यादव का नया गाना ‘दरद हो जाला’ रिलीज, लाल साड़ी में कोमल सिंह ने ढाया कहर
Health Tips: तकिया लगाने की आदत बढ़ा सकती है गर्दन और कमर का दर्द, जानें सोने का सही तरीका