UP State Teacher Award: यूपी के 61 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार, CM योगी करेंगे सम्मानित
5 सितंबर को लखनऊ में सीएम योगी देंगे सम्मान, ₹25 हजार नकद और 2 साल सेवा विस्तार
UP State Teacher Award: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षण के क्षेत्र में नवाचार करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं को ‘राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर 5 सितंबर को राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित होने वाले भव्य राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया है। शासन की ओर से शिक्षा निदेशक (बेसिक) को कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण से जुड़ी समस्त आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुरस्कार के तहत प्रत्येक चयनित शिक्षक को 25 हजार रुपये की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और सेवानिवृत्ति के उपरांत 2 वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया जाएगा।
UP State Teacher Award: पारदर्शी चयन प्रक्रिया और राज्य स्तरीय समिति की संस्तुति
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता, नवाचार और निष्पक्ष मूल्यांकन पर आधारित रही। प्रदेश के सभी 75 जिलों से प्राप्त प्रस्तावों की गहन समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठकें 13, 14, 18 और 19 अगस्त को आयोजित की गईं।
समिति ने शिक्षकों द्वारा कक्षा शिक्षण में आधुनिक तकनीकों (स्मार्ट क्लास व आईसीटी टूल्स) का प्रयोग, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति, छात्र नामांकन व उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉपआउट दर में कमी और विद्यालय प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता जैसे कड़े मानकों पर शिक्षकों के काम का मूल्यांकन किया। समिति की संस्तुति के आधार पर शासन ने सभी 61 शिक्षकों के नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
पुरस्कार का स्वरूप: 2 वर्ष का सेवा विस्तार और ₹25,000 की सम्मान राशि
पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों को मिलने वाला दो वर्ष का सेवा विस्तार उनके प्रशासनिक और अकादमिक अनुभव का लाभ प्रदेश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। इस सेवा विस्तार के माध्यम से समर्पित शिक्षक अपनी सेवानिवृत्ति आयु के बाद भी दो अतिरिक्त वर्षों तक विद्यालयों में शिक्षण कार्य जारी रख सकेंगे।
इसके साथ ही 25 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र शिक्षकों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और नवाचारी प्रयासों को सार्वजनिक मान्यता प्रदान करता है, जिससे विभाग के अन्य शिक्षकों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रति स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है।
प्रदेश भर के जिलों से चयनित शिक्षकों का विवरण
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूची में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों दोनों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आगरा की संगीता शर्मा, अलीगढ़ के अमर सिंह, अमरोहा की गीता वर्मा, बिजनौर की रचना कपूर, बुलंदशहर की जूली मलिक, एटा के ओमबीर सिंह, गौतमबुद्ध नगर की अर्चना पांडेय, गाजियाबाद की ज्योत्सना गोस्वामी, हापुड़ की शुचि त्यागी, हाथरस की पल्लवी चतुर्वेदी, कासगंज के धनंजय प्रताप सिंह, मेरठ की प्रतिभा रानी भारती, मुरादाबाद की सुनीता रानी, मुजफ्फरनगर की आरती शर्मा, रामपुर की वैलेंटीना विक्टर, संभल के बृजकिशोर और शामली के दिनकर चौहान शामिल हैं।
मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र से अयोध्या के पंकज कुमार द्विवेदी, बाराबंकी के राहुल कुमार शुक्ल, बदायूं की किरन देवी, चित्रकूट के हरीशंकर त्रिपाठी, इटावा के वीरेंद्र सिंह, फर्रुखाबाद की गीता वर्मा, फतेहपुर के आनंद कुमार मिश्र, हमीरपुर के नीतिराज सिंह, हरदोई की विजया अवस्थी, झांसी की प्रीति श्रीवास्तव, कन्नौज की सुमन लता यादव, कानपुर देहात के विनीत कुमार मिश्र, कानपुर नगर की डॉ. कामायनी शर्मा, कौशांबी की सुमन कुशवाहा, लखीमपुर खीरी के प्रमोद कुमार, ललितपुर की प्रीति गुप्ता, लखनऊ की विनीता, महोबा के ओमप्रकाश तिवारी, मैनपुरी की सीमा कुमारी, पीलीभीत की सय्यदा, शाहजहांपुर के अरुण कुमार गुप्ता, सीतापुर के अतुल शर्मा और उन्नाव की प्रीति भारती का चयन हुआ है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई अंचल से अंबेडकरनगर के राम मिलन गुप्ता, आजमगढ़ के प्रदीप कुमार सिंह, बहराइच की प्रीती मिश्रा, बलिया के अजीत कुमार श्रीवास्तव, बलरामपुर की सलमा खान, भदोही की उर्मिला देवी, चंदौली की उषा सिंह, गाजीपुर के संतोष कुशवाहा, गोंडा के सुनीत मित्र पांडेय, गोरखपुर के नवीन कुमार त्रिपाठी, जौनपुर के संजय कुमार मिश्र, महाराजगंज के राजेश कुमार उपाध्याय, मऊ के अनिल कुमार मौर्य, मीरजापुर के दयानंद मिश्र, प्रतापगढ़ के डॉ. देवेंद्र सिंह, प्रयागराज के राम लखन मौर्य, श्रावस्ती की अमिता टंडन, सिद्धार्थनगर के महेश कुमार, सोनभद्र की मीरा सिंह, सुलतानपुर के सत्येंद्र कुमार सिंह और वाराणसी की नीलम राय के नामों को अंतिम स्वीकृति दी गई है।
प्राथमिक शिक्षा में नवाचार और महिला शिक्षकों की सशक्त भूमिका
जारी की गई सूची का एक प्रमुख पहलू यह है कि इसमें बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने स्थान बनाया है, जो बेसिक शिक्षा विभाग में महिला नेतृत्व और नवाचार की बढ़ती शक्ति को प्रमाणित करता है।
चयनित शिक्षकों में कई ऐसे हैं जिन्होंने सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ रहते हुए भी अपने विद्यालयों को आधुनिक ‘निपुण विद्यालयों’ और ‘पीएम श्री स्कूलों’ के समकक्ष खड़ा किया है। शिक्षकों ने बाल वाटिका, टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री), खेल-आधारित शिक्षा और अभिभावक संवाद के जरिए सरकारी स्कूलों की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
UP State Teacher Award: 5 सितंबर को भव्य आयोजन
5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित होने वाला यह समारोह बेसिक शिक्षा परिषद के इतिहास में एक मील का पत्थर बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों यह सम्मान प्राप्त करने के लिए सभी 61 शिक्षकों को विभाग द्वारा आधिकारिक निमंत्रण पत्र और यात्रा कार्यक्रम भेजा जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ किए बिना एक विकसित राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। इन शिक्षकों की प्रेरक कार्यप्रणाली और बेस्ट प्रैक्टिसेज का संकलन तैयार किया जाएगा ताकि प्रदेश भर के अन्य विद्यालयों और शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण शैली को आधुनिक और परिणामोन्मुखी बनाने की प्रेरणा मिल सके।
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