UP SIR: छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान, घर-घर जाएंगे BLO

UP SIR: छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान, घर-घर जाएंगे BLO

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UP SIR: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर के बाद छूटे हुए मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य चुनाव आयोग ने इस संबंध में विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। 8 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। अभियान का मुख्य फोकस उन युवाओं पर रहेगा जो 1 जनवरी 2027 को पहली बार वोट डालने के पात्र होंगे, ताकि वे आगामी विधानसभा चुनाव में अपना मतदान कर सकें।

आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की खोज करेंगे जिनका नाम सूची में नहीं जुड़ पाया। बूथ स्तर पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। रात के शेल्टर होम, लेबर कॉलोनियों और वंचित वर्ग के लोगों के नाम जोड़ने पर खास ध्यान दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा कि जागरूकता बढ़ाई जाएगी ताकि एक भी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं।

इससे पहले आयोग में बुधवार को एक बैठक हुई जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में फोटोग्राफ और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए। विधानसभा स्तर पर ईआरओ सभी दलों को अभियान की जानकारी देंगे।

UP SIR: विशेष अभियान क्यों चलाया जा रहा है?

एसआईआर-2026 के बाद बनी मतदाता सूची में कुछ नाम छूट गए थे। इन छूटे हुए मतदाताओं को फिर से शामिल करने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने विशेष अभियान का फैसला लिया है। आदेश 8 अक्टूबर को जारी किया गया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सूची से बाहर न रहे। खासकर पहली बार वोट करने वाले युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है ताकि वे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाग ले सकें। सूची को अधिक व्यापक और सटीक बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।

पहली बार वोट करने वाले युवाओं पर क्यों है खास फोकस?

अभियान में 1 जनवरी 2027 को आधार तिथि मानते हुए पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन युवाओं का नाम समय पर सूची में जुड़ने से वे आगामी विधानसभा चुनाव में अपना वोट डाल सकेंगे। आयोग चाहता है कि नए वोटर भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ें। इसलिए उनके पंजीकरण को प्राथमिकता दी गई है। घर-घर जाकर और विशेष कैंप लगाकर इन युवाओं तक पहुंचने की योजना है।

बीएलओ घर-घर कैसे जाएंगे और क्या करेंगे?

बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान करेंगे जिनका नाम एसआईआर के बाद की सूची में नहीं जुड़ पाया। वे आवश्यक दस्तावेज लेकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराएंगे। साथ ही बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे जहां लोग खुद आकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे। रात के शेल्टर होम में रहने वाले, लेबर कॉलोनियों के निवासी और वंचित वर्ग के लोगों के लिए अलग से कैंप आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि लोग प्रक्रिया को समझें और समय पर नाम जुड़वा लें।

राजनीतिक दलों की भूमिका क्या होगी?

राज्य चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की मांग की है। बुधवार को हुई बैठक में विभिन्न दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विधानसभा स्तर पर ईआरओ सभी राजनीतिक दलों को अभियान की पूरी जानकारी देंगे। दलों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने स्तर पर भी पात्र मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाएं और प्रक्रिया में सहयोग करें। बैठक में फोटोग्राफ और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

UP SIR: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। जो लोग रात में शेल्टर होम में रहते हैं या लेबर कॉलोनियों और वंचित वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, उनके नाम जोड़ने के लिए विशेष रूप से कैंप आयोजित किए जाएंगे। लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि एक भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटे नहीं। अभियान का मकसद सूची को पूरा और सही बनाना है।

उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद छूटे मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाएंगे, बूथ स्तर पर कैंप लगेंगे और पहली बार वोट करने वाले युवाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। राजनीतिक दलों से भी सहयोग मांगा गया है। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रहे। जागरूकता और सही प्रक्रिया से यह अभियान सफल हो सकेगा।

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